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Mahendragarh-Narnaul News: नारनौल सिविल अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन मशीन शुरू
Tue, 06 May 2025 11:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 06 May 2025 11:57 PM IST
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फोटो नंबर-05नारनौल के नागरिक अस्पताल में रखी ब्लड कंपोनेट मशीन। संवाद
नारनौल। हरियाणा सरकार के स्वस्थ हरियाणा, समृद्ध हरियाणा संकल्प को साकार करने की दिशा में एक और अहम उपलब्धि जुड़ गई है। जिले के लोगों को अब प्लेटलेट्स के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। नारनौल स्थित नागरिक अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन मशीन का शुभारंभ मंगलवार को किया गया।
इस सुविधा के शुरू होने से विशेषकर गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को उपचार में मदद मिलेगी। यह मशीन एक यूनिट रक्त से ब्लड कंपोनेंट जैसे प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और रेड ब्लड सेल्स को अलग करेगी। इसका सीधा लाभ थेलेसीमिया, कैंसर, डेंगू जैसे रोगों से ग्रसित मरीजों को मिलेगा। जिन्हें विशिष्ट ब्लड कंपोनेंट्स की आवश्यकता होती है। अब ऐसे मरीज और उनके परिजनों को इन कंपोनेंट्स के लिए दूरदराज के मेडिकल संस्थान नहीं जाना पड़ेगा। प्लेटलेट्स के लिए भी भटकना नहीं पड़ेगा।
यह सुविधा न केवल उपचार की गुणवत्ता को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगी, बल्कि समय पर जीवनरक्षक सहायता उपलब्ध कराने में भी सहायक होगी। रक्त से अलग किए गए कंपोनेंट्स को जरूरत के अनुसार उपयोग में लाकर चिकित्सक मरीज की स्थिति के अनुसार बेहतर निर्णय ले सकेंगे।
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अब तक इन ब्लड कंपोनेंट्स के लिए मरीजों और उनके परिजनों को अन्य बड़े शहरों या मेडिकल संस्थानों की ओर रुख करना पड़ता था, लेकिन अब यह सुविधा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि मरीजों को तनावमुक्त और समय पर उपचार भी सुनिश्चित हो सकेगा।
इंसेट
एक करोड़ की लागत से लगाई थी मशीन
यह मशीन लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से लगाई गई है। इसमें रक्त से जुड़े विभिन्न अत्याधुनिक मात्रक लगे हुए हैं। इसके माध्यम से ब्लड सेंटर में पैक्ड रेड ब्लड सेल्स, रैंडम डोनर प्लेटलेट्स, फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा जैसे जीवनरक्षक रक्त घटकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।
वर्जन:
दक्षिण हरियाणा के नागरिकों के लिए यह एक बड़ी सौगात है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक नागरिक को उनके निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर ही आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो। इस तकनीक के आने से न केवल इलाज का स्तर सुधरेगा, बल्कि समय, संसाधनों और खर्च में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।- आरती सिंह राव, स्वास्थ्य मंत्री।
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इस सुविधा के शुरू होने से विशेषकर गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को उपचार में मदद मिलेगी। यह मशीन एक यूनिट रक्त से ब्लड कंपोनेंट जैसे प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और रेड ब्लड सेल्स को अलग करेगी। इसका सीधा लाभ थेलेसीमिया, कैंसर, डेंगू जैसे रोगों से ग्रसित मरीजों को मिलेगा। जिन्हें विशिष्ट ब्लड कंपोनेंट्स की आवश्यकता होती है। अब ऐसे मरीज और उनके परिजनों को इन कंपोनेंट्स के लिए दूरदराज के मेडिकल संस्थान नहीं जाना पड़ेगा। प्लेटलेट्स के लिए भी भटकना नहीं पड़ेगा।
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यह सुविधा न केवल उपचार की गुणवत्ता को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगी, बल्कि समय पर जीवनरक्षक सहायता उपलब्ध कराने में भी सहायक होगी। रक्त से अलग किए गए कंपोनेंट्स को जरूरत के अनुसार उपयोग में लाकर चिकित्सक मरीज की स्थिति के अनुसार बेहतर निर्णय ले सकेंगे।
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अब तक इन ब्लड कंपोनेंट्स के लिए मरीजों और उनके परिजनों को अन्य बड़े शहरों या मेडिकल संस्थानों की ओर रुख करना पड़ता था, लेकिन अब यह सुविधा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि मरीजों को तनावमुक्त और समय पर उपचार भी सुनिश्चित हो सकेगा।
इंसेट
एक करोड़ की लागत से लगाई थी मशीन
यह मशीन लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से लगाई गई है। इसमें रक्त से जुड़े विभिन्न अत्याधुनिक मात्रक लगे हुए हैं। इसके माध्यम से ब्लड सेंटर में पैक्ड रेड ब्लड सेल्स, रैंडम डोनर प्लेटलेट्स, फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा जैसे जीवनरक्षक रक्त घटकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।
वर्जन:
दक्षिण हरियाणा के नागरिकों के लिए यह एक बड़ी सौगात है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक नागरिक को उनके निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर ही आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो। इस तकनीक के आने से न केवल इलाज का स्तर सुधरेगा, बल्कि समय, संसाधनों और खर्च में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।- आरती सिंह राव, स्वास्थ्य मंत्री।