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Mahendragarh-Narnaul News: श्रीराम की चरण पादुका लेकर वन से अयोध्या लौटे भरत

Mon, 07 Oct 2024 01:48 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Mon, 07 Oct 2024 01:48 AM IST
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Bharat returned to Ayodhya from the forest with Shri Ram's Charan Paduka.
नारनौल। श्री धार्मिक रामलीला ट्रस्ट चांदुवाडा के रंगमंच पर शनिवार को रात राम वनवास, दशरथ देह त्याग व भरत मिलाप की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। इसमें सबसे अहम दृश्य श्रीराम की चरण पादुका लेकर भरत का अयोध्या लौटना रहा। वहीं रामलीला में रात को बतौर अतिथि रोटरी क्लब के प्रधान विनोद चौधरी, मनीष गर्ग, एडवोकेट राजकुमार यादव, पवन गुप्ता, नरेश गोगिया, विजय जिंदल एवं राजेश चौधरी मौजूद रहे।
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सहनिर्देशक बलवंत सैनी ने बताया कि रामलीला के छठे दिन प्रभु राम कोपभवन के उपरांत वनवास के लिए इजाजत लेने अपनी माता कौशल्या के पास जाते हैं और मां कौशल्या के साथ उनके मार्मिक संवादों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इसके बाद रानी सीता भी महलों को छोड़कर उनके साथ वन में चलने की जिद करती हैं। भगवान राम के लाख समझाने के बावजूद उन्हें सीता माता को साथ ले जाने के लिए विवश होना पड़ता है। प्रभु राम के अनुज लक्ष्मण उनसे कहते हैं कि राम के बिना तो लक्ष्मण का जीवन ही व्यर्थ है। इसलिए या तो मैं आपके साथ वनवास चलूंगा अन्यथा अभी ये देह त्याग दूंगा। इस प्रकार प्रभु राम माता सीता व भाई लक्ष्मण के साथ वन को प्रस्थान करते हैं। आर्य सुमंत उन्हें जंगल में छोड़ने के लिए उनके साथ जाते हैं। राम के वन गमन का समाचार सुनकर पिता दशरथ अधीर हो जाते हैं और श्रवण कुमार के माता पिता के श्राप अनुसार पुत्र वियोग में अंतत: अपने प्राण त्याग देते हैं। उधर जैसे ही भरत को ये सब समाचार प्राप्त होता हैं, वो अपनी माता कैकेई को खूब खरी खोटी सुनाते हैं और अपने भाई राम को वन से वापिस लाने उनके पास वन में पहुंच जाते हैं। तब भगवान राम व भरत के परस्पर मिलन के मार्मिक दृश्य को देखकर दर्शकों की आंखें नम हो गई। लेकिन अंतत: भगवान राम अपने भाई को समझाते हैं कि जीवन में माता पिता के वचन की आन से बढ़कर कोई राज पाट नहीं होता। इसलिए तुम अयोध्या लौटकर अयोध्या वासियों एवं परिवार का ख्याल रखो। तब भरत भी प्रभु राम की चरण पादुका अपने साथ लेकर जाते हैं कि मैं अयोध्या में सिर्फ आपका प्रतिनिधि बनकर रहूंगा और प्रजा की रक्षा करूंगा। रामलीला के ट्रस्टी अशोक पांडे ने बताया कि डॉ. मनोज वर्मा के कुशल निर्देशन में दीपक हरित ने राम का, राजेश सोनी ने सीता का, अनिल चौहान ने लक्ष्मण का, मनोज वर्मा ने राजा दशरथ का, अंशु हरित ने आर्य सुमंत का, सत्यम वर्मा ने महर्षि वशिष्ठ का, रोहित वालिया ने भरत का, भवानी शंकर ने शत्रुघन का, दिनेश सैनी ने माता कौशल्या का, विकास चौहान ने कैकेई का व शिंभुदयाल गर्ग ने निशाद राज का शानदार अभिनय कर दर्शकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर जगदीश भारद्वाज, संजय गर्ग, नरेंद्र जैन, विष्णु शर्मा, बलवान सैनी, दिनेश भार्गव, संदीप शुक्ला, सुभाष कौशिक तथा डॉ. राधेश्याम आदि मौजूद रहे।
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