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Mahendragarh-Narnaul News: फॉगिंग करवाने में बीडीपीओ चुस्त, नगर परिषद सुस्त
Tue, 17 Sep 2024 01:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 17 Sep 2024 01:00 AM IST
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फोटो नंबर-11नारनौल बस स्टेंड पर फोगिंग करते कर्मचारी।
नारनौल।
बारिश के दिनों में मच्छर जनित बीमारियों मलेरिया और डेंगू के फैलने का खतरा अधिक बना रहता है। जिले में अब तक मलेरिया के 4 मरीज मिले हैं, हालांकि राहत की बात यह है कि डेंगू का अब तक कोई मरीज नहीं मिला है।
मच्छरों के प्रकोप से बचाव के लिए फॉगिंग का कार्य भी किया जा रहा है। गावों में फॉगिंग का कार्य खंड विकास और पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) और शहर में फॉगिंग का कार्य नगर परिषद की ओर से किया जा रहा है। फॉगिंग के लिए दवा स्वास्थ्य विभाग उपलब्ध करवाता है। अब तक फॉगिंग करवाने में बीडीपीओ नगर परिषद से कहीं आगे हैं।
बीडीपीओ की ओर से नारनौल क्षेत्र के सभी 52 गांवों में फोगिंग का कार्य किया जा चुका है। मच्छरों की वजह से लोगों को समस्या का सामना नहीं करना पडे़, इसके लिए दोबारा से फॉगिंग का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। बीडीपीओ की ओर से हर ग्राम पंचायत को फॉगिंग के लिए मशीन उपलब्ध करवाई गई है ताकि मच्छरों से बचाव के लिए गांव में सुगमता से दवा का छिड़काव किया जा सकें।
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नगर परिषद ने अब तक सरकारी आवासों में करवाई फॉगिंग
नगर परिषद की ओर से अब तक केवल हुडा सेक्टर, मोहल्ला रावका, कर्मचारी कॉलोनी, लघु सचिवालय, बस स्टैंड, उपायुक्त निवास, एसपी निवास, पुलिस लाइन, महिला थाना और सिटी थाना में ही फॉगिंग का कार्य किया गया है।
नगर परिषद ने वार्डों में नहीं करवाई फॉगिंग
सरकारी आवास व कार्यालयों में तो नगर परिषद की ओर फॉगिंग का कार्य किया जा चुका है। लेकिन आम लोगों को मच्छरों से राहत मिल सकें इसके लिए अभी तक वार्ड और मोहल्लों में फॉगिंग नहीं कराई गई है। शहर में विभिन्न मोहल्लों और कॉलोनी के लोग फॉगिंग की मांग कई बार कर चुके हैं लेकिन नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि फॉगिंग करने में खर्च अधिक आता है, इसलिए केवल उन्हीं स्थान पर फॉगिंग की जाएगी, जहां मरीज मिलेंगे।
मच्छरों से बचाव के लिए सभी गांवों में एक बार फॉगिंग की जा चुकी है। जल्द ही प्रत्येक गांव में दोबारा फॉगिंग का कार्य किया जाएगा। हर ग्राम पंचायत को फॉगिंग मशीन उपलब्ध करवाई गई है ताकि गांवों में बिना किसी रुकावट के सुगमता के साथ दवा का छिड़काव किया जा सके।
रेणुलता यादव, बीडीपीओ, नारनौल।
फॉगिंग का कार्य कई स्थानों पर किया जा चुका है। फॉगिंग करने में खर्च अधिक आता है इसलिए आदेशानुसार केवल उन्हीं स्थानों पर फॉगिंग की जा रही है, जहां पर डेंगू व मलेरिया के मरीज मिल रहे हैं। किसी स्थान पर नागरिकों को मच्छरों से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो वह नगर परिषद में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायत मिलने पर उस स्थान पर दवा का छिड़काव अवश्य कराया जाएगा।
प्रवीण कुमार, जेई , नगर परिषद, नारनौल।
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बारिश के दिनों में मच्छर जनित बीमारियों मलेरिया और डेंगू के फैलने का खतरा अधिक बना रहता है। जिले में अब तक मलेरिया के 4 मरीज मिले हैं, हालांकि राहत की बात यह है कि डेंगू का अब तक कोई मरीज नहीं मिला है।
मच्छरों के प्रकोप से बचाव के लिए फॉगिंग का कार्य भी किया जा रहा है। गावों में फॉगिंग का कार्य खंड विकास और पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) और शहर में फॉगिंग का कार्य नगर परिषद की ओर से किया जा रहा है। फॉगिंग के लिए दवा स्वास्थ्य विभाग उपलब्ध करवाता है। अब तक फॉगिंग करवाने में बीडीपीओ नगर परिषद से कहीं आगे हैं।
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बीडीपीओ की ओर से नारनौल क्षेत्र के सभी 52 गांवों में फोगिंग का कार्य किया जा चुका है। मच्छरों की वजह से लोगों को समस्या का सामना नहीं करना पडे़, इसके लिए दोबारा से फॉगिंग का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। बीडीपीओ की ओर से हर ग्राम पंचायत को फॉगिंग के लिए मशीन उपलब्ध करवाई गई है ताकि मच्छरों से बचाव के लिए गांव में सुगमता से दवा का छिड़काव किया जा सकें।
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नगर परिषद ने अब तक सरकारी आवासों में करवाई फॉगिंग
नगर परिषद की ओर से अब तक केवल हुडा सेक्टर, मोहल्ला रावका, कर्मचारी कॉलोनी, लघु सचिवालय, बस स्टैंड, उपायुक्त निवास, एसपी निवास, पुलिस लाइन, महिला थाना और सिटी थाना में ही फॉगिंग का कार्य किया गया है।
नगर परिषद ने वार्डों में नहीं करवाई फॉगिंग
सरकारी आवास व कार्यालयों में तो नगर परिषद की ओर फॉगिंग का कार्य किया जा चुका है। लेकिन आम लोगों को मच्छरों से राहत मिल सकें इसके लिए अभी तक वार्ड और मोहल्लों में फॉगिंग नहीं कराई गई है। शहर में विभिन्न मोहल्लों और कॉलोनी के लोग फॉगिंग की मांग कई बार कर चुके हैं लेकिन नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि फॉगिंग करने में खर्च अधिक आता है, इसलिए केवल उन्हीं स्थान पर फॉगिंग की जाएगी, जहां मरीज मिलेंगे।
मच्छरों से बचाव के लिए सभी गांवों में एक बार फॉगिंग की जा चुकी है। जल्द ही प्रत्येक गांव में दोबारा फॉगिंग का कार्य किया जाएगा। हर ग्राम पंचायत को फॉगिंग मशीन उपलब्ध करवाई गई है ताकि गांवों में बिना किसी रुकावट के सुगमता के साथ दवा का छिड़काव किया जा सके।
रेणुलता यादव, बीडीपीओ, नारनौल।
फॉगिंग का कार्य कई स्थानों पर किया जा चुका है। फॉगिंग करने में खर्च अधिक आता है इसलिए आदेशानुसार केवल उन्हीं स्थानों पर फॉगिंग की जा रही है, जहां पर डेंगू व मलेरिया के मरीज मिल रहे हैं। किसी स्थान पर नागरिकों को मच्छरों से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो वह नगर परिषद में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायत मिलने पर उस स्थान पर दवा का छिड़काव अवश्य कराया जाएगा।
प्रवीण कुमार, जेई , नगर परिषद, नारनौल।