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Mahendragarh-Narnaul News: तेज आवाज में गाने सुनने से बचें
Thu, 26 Sep 2024 05:30 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 26 Sep 2024 05:30 AM IST
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नारनौल। जिले में 23 से 29 सितंबर तक सांकेतिक भाषा अधिकारों के लिए पंजीकरण करें थीम के साथ अंतरराष्ट्रीय बधिर सप्ताह मनाया जा रहा है।
नोडल अधिकारी डाॅ. नवीन और कान, नाक, गला रोग विशेषज्ञ डाॅ. प्रमोद कुमार ने बताया कि यह सप्ताह बहरे व्यक्तियों के लिए सुलभता और समानता के महत्व की याद दिलाता है। उनकी समस्याओं को दूर करने के प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि तेज आवाज में गाने (संगीत) सुनने, लाउडस्पीकर, पटाखों के अत्यधिक शोर से बचें।
कान में संक्रमण बचपन की बीमारियां जैसे खसरा, कनफेड (मम्स) व मस्तिष्क ज्वर, दुर्घटना से कान या सिर में चोट लगने, कान से मवाद बहने, लाउडस्पीकर, ऊंची आवाज में संगीत सुनना आदि बहरेपन के कारण होते हैं।उन्होंने आमजन से आह्वान किया है कि आसपास कोई भी बधिर हो तो उसको जांच व इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में लाएं।
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नोडल अधिकारी डाॅ. नवीन और कान, नाक, गला रोग विशेषज्ञ डाॅ. प्रमोद कुमार ने बताया कि यह सप्ताह बहरे व्यक्तियों के लिए सुलभता और समानता के महत्व की याद दिलाता है। उनकी समस्याओं को दूर करने के प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि तेज आवाज में गाने (संगीत) सुनने, लाउडस्पीकर, पटाखों के अत्यधिक शोर से बचें।
कान में संक्रमण बचपन की बीमारियां जैसे खसरा, कनफेड (मम्स) व मस्तिष्क ज्वर, दुर्घटना से कान या सिर में चोट लगने, कान से मवाद बहने, लाउडस्पीकर, ऊंची आवाज में संगीत सुनना आदि बहरेपन के कारण होते हैं।उन्होंने आमजन से आह्वान किया है कि आसपास कोई भी बधिर हो तो उसको जांच व इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में लाएं।
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