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Mahendragarh-Narnaul News: नांगल चौधरी में बारिश व ओलावृष्टि से 50 प्रतिशत नुकसान का आंकलन
Tue, 21 Mar 2023 12:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 21 Mar 2023 12:22 AM IST
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गांव कोरियावास में पड़े ओले।
नांगल चौधरी। जिले में प्री मानसून की बारिश का सिलसिला पांचवें दिन भी जारी रहा। मौसम विभाग के अनुसार बारिश का सिलसिला 22 मार्च तक जारी रहेगा। सोमवार को दोपहर बाद हुई जिले में बारिश से खेतों व बाजारों में पानी भर गया। नारनौल क्षेत्र के गांव कोरियावास में सोमवार को बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। क्षेत्र में कई जगहों पर ओलावृष्टि होने से किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगी हैं। किसानों को डर सताने लगा है कि पहले तो सर्दी के कारण सरसों की फसल में काफी हद तक नुकसान पहुंच चुका हैं, अब कहीं ओलावृष्टि व बारिश से बची-कुची फसल भी खराब न हो जाएं। नांगल चौधरी में रविवार को हुई बारिश व ओलावृष्टि से गेहूं की फसलों को करीब 40 से 50 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है। बारिश से खेतों में रखी कटाई की हुई सरसों की फसल भी का़ी हद तक भीग चुकी हैं। जिससे फसल खराब होने की आशंका हो गई है। वहीं किसानों को सरसों दाने निकालने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। दूसरी तरफ रविवार को ओलावृष्टि होने से खराब हुई गेहूं की फसलों की गांव वाईज रिपोर्ट विभाग ने उच्च अधिकारियों को भेज दी है। जिसमें कहीं पर 25 प्रतिशत तो कहीं पर 59 प्रतिशत गेहूं की फसलों में नुकसान का आंकलन किया गया हैं। बारिश व ओलावृष्टि के चलते गेहूं की फसल में 25 से 50 प्रतिशत तक नुकसान हो गया है।
नांगल चौधरी के 14500 हेक्टेयर भूमि पर सरसों की फसल, 4750 हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की फसल, 2850 हेक्टेयर भूमि पर चने की फसल और 50 हेक्टेयर भूमि पर जौ की फसल की पैदावार की गई है। जबकि सरसों की फसल की 95 प्रतिशत तक कटाई कार्य पूर्ण हो चुका है, लेकिन गेहूं की फसल पक कर तैयार है। रविवार को हुई ओलावृष्टि से गेंहू की फसल में भी काफी नुकसान हो गया है।
इन गांवों में हुआ नुकसान
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नांगल दर्गू 50 एकड़ में, गांगूताना 60 एकड़ में, गोलवा 35 एकड़ में, पांचनौता 70 एकड़ में, मौसनूता 100 एकड़ में, रोपड़ सराय 90 एकड़ में गांवडी जाट 60 एकड में, नायन 1200 एकड़ में, नांगल सालू 80 एकड़ में, कमानियां 50 एकड़ में, दोंगली 80 एकड़ में तोताहेड़ी 70 एकड़ में, भोजावास 100 एकड़ में, शिमली 70 एकड़ में, नंगली 140 एकड़ में, नेहरु नगर 150 एकड़ में, दौखेरा 250 एकड़ में, भेडंटी 200 एकड़ में, दोस्तपुर 180 एकड़ में, सैदअलिपुर 160 एकड़ में, शहबाजपुर 350 एकड़ में, लूजोता 380 एकड़ में, जैनपुर 110 एकड़ में, मौसमपुर 70 एकड़ में, बिहारीपुर 130 एकड़ में, आंतरी 190 एकड़ में, छापरा बीबीपुर 170 एकड़ में, नांगल पीपा 150 एकड़ में मेघोत हाला 230 एकड़ में, मेघोत बिंजा 200 एकड़ में जीरो से लेकर 25 प्रतिशत तक नुकसान जताया गया है। मोमनपुर 400 एकड़ व नांगल कालिया 500 एकड़ में, अकबरपुर 150 एकड़, भुंगारका 1250 एकड़ में, सिरोही बहाली 1500 एकड़ में, चैक मलिकपुर 200 एकड़ में 25 से 50 प्रतिशत तक नुकसान को आंकलन किया गया है। वहीं नौलायजा 540 एकड़ में, नांगल चौधरी 1000 एकड़ में 50 से 75 प्रतिशत तक नुकसान का आंकलन किया गया है।
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जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपना बीमा करवाया हुआ है वे किसान 72 घंटे के अंदर अपने खेत में हुए नुकसान की सूचना दें। गत दिवस बेमौसम बरसात तथा ओलावृष्टि से कुछ जगहों पर नुकसान की सूचना है। ऐसे में किसान कृषि विभाग के अपने नजदीकी कार्यालय या डीडीए नारनौल के कार्यालय में आकर नुकसान की सूचना दें। -बलवंत सहारण, उप निदेशक कृषि विभाग नारनौल।
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नांगल चौधरी के 14500 हेक्टेयर भूमि पर सरसों की फसल, 4750 हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की फसल, 2850 हेक्टेयर भूमि पर चने की फसल और 50 हेक्टेयर भूमि पर जौ की फसल की पैदावार की गई है। जबकि सरसों की फसल की 95 प्रतिशत तक कटाई कार्य पूर्ण हो चुका है, लेकिन गेहूं की फसल पक कर तैयार है। रविवार को हुई ओलावृष्टि से गेंहू की फसल में भी काफी नुकसान हो गया है।
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इन गांवों में हुआ नुकसान
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नांगल दर्गू 50 एकड़ में, गांगूताना 60 एकड़ में, गोलवा 35 एकड़ में, पांचनौता 70 एकड़ में, मौसनूता 100 एकड़ में, रोपड़ सराय 90 एकड़ में गांवडी जाट 60 एकड में, नायन 1200 एकड़ में, नांगल सालू 80 एकड़ में, कमानियां 50 एकड़ में, दोंगली 80 एकड़ में तोताहेड़ी 70 एकड़ में, भोजावास 100 एकड़ में, शिमली 70 एकड़ में, नंगली 140 एकड़ में, नेहरु नगर 150 एकड़ में, दौखेरा 250 एकड़ में, भेडंटी 200 एकड़ में, दोस्तपुर 180 एकड़ में, सैदअलिपुर 160 एकड़ में, शहबाजपुर 350 एकड़ में, लूजोता 380 एकड़ में, जैनपुर 110 एकड़ में, मौसमपुर 70 एकड़ में, बिहारीपुर 130 एकड़ में, आंतरी 190 एकड़ में, छापरा बीबीपुर 170 एकड़ में, नांगल पीपा 150 एकड़ में मेघोत हाला 230 एकड़ में, मेघोत बिंजा 200 एकड़ में जीरो से लेकर 25 प्रतिशत तक नुकसान जताया गया है। मोमनपुर 400 एकड़ व नांगल कालिया 500 एकड़ में, अकबरपुर 150 एकड़, भुंगारका 1250 एकड़ में, सिरोही बहाली 1500 एकड़ में, चैक मलिकपुर 200 एकड़ में 25 से 50 प्रतिशत तक नुकसान को आंकलन किया गया है। वहीं नौलायजा 540 एकड़ में, नांगल चौधरी 1000 एकड़ में 50 से 75 प्रतिशत तक नुकसान का आंकलन किया गया है।
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जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपना बीमा करवाया हुआ है वे किसान 72 घंटे के अंदर अपने खेत में हुए नुकसान की सूचना दें। गत दिवस बेमौसम बरसात तथा ओलावृष्टि से कुछ जगहों पर नुकसान की सूचना है। ऐसे में किसान कृषि विभाग के अपने नजदीकी कार्यालय या डीडीए नारनौल के कार्यालय में आकर नुकसान की सूचना दें। -बलवंत सहारण, उप निदेशक कृषि विभाग नारनौल।