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12 वर्षों के बाद भी ठंडे बस्ते में अलवर- नारनौल-दादरी रेल लाइन

Sun, 13 Mar 2022 11:41 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 13 Mar 2022 11:41 PM IST
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Alwar-Narnaul-Dadri rail line in cold storage even after 12 years
रेलवे स्टेशन महेंद्रगढ़। संवाद - फोटो : Narnol
12 वर्ष पूर्व रेलवे बजट में की गई अलवर-नारनौल-दादरी रेलवे लाइन की घोषणा सिर्फ घोषणा ही बनकर रह गई है। जबकि इस बीच उत्तर हरियाणा में आठ रेलवे लाइनों का सर्वे पूरा कर नया ट्रैक बिछाने के बाद उन पर गाड़ियां भी चला दी गई हैं। लेकिन दो राज्यों के छह जिलों को जोड़ने वाली इस रेललाइन की परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई। वर्ष 2011-12 के रेलवे बजट में घोषणा के बावजूद भी इस रेलवे मार्ग के लिए न तो कें्दर सरकार ने कुछ किया और न ही राज्य सरकार ने। इन 12 वर्षों में दो सांसद और छह विधायकों ने बार-बार इसकी मांग उठाई पर प्रदेश सरकार ने भी अपने अधिकार के तहत कुछ नहीं किया।
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लोकसभा में भिवानी-महेंद्रगढ़ के सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने मानसून सत्र में अलवर-नारनौल-दादरी रेलवे का लाइन का निर्माण करने का प्रश्न केंद्रीय रेल राज्य मंत्री के सामने उठाई थी। जिस पर केंद्रीय रेल राज्य मंत्री ने हरियाणा सरकार द्वारा 51 प्रतिशत हिस्सा हरियाणा रेल इंफास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से एडवांस में जमा करवाने के लिए कहा था, लेकिन प्रदेश सरकार ने कोई राशि नहीं जमा की। इसे लेकर दैनिक रेलयात्री महासंघ व सामाजिक संगठनों ने 19 सितबंर 2021 को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ओमप्रकाश यादव और नांगल चौधरी के विधायक अभय सिंह व अटेली के विधायक सीताराम यादव से उनके निवास पर मिलकर हरियाणा सरकार से 51 प्रतिशत हिस्सा हरियाणा रेल इंफास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से एडवांस में जमा करवाने की मांग की थी। विधायकों ने दैनिक रेलयात्री महासंघ व सामाजिक संगठनों को इस पर सरकार से बात का विश्वास दिलाया था, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।
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दक्षिणी हरियाणा के साथ हो रहा भेदभाव: पाटोदा
दैनिक रेलयात्री संघ के अध्यक्ष रामनिवास पाटोदा ने बताया लंबे समय से हर वर्ष पेश किए जाने वाले प्रदेश सरकार के बजट में रेलवे लाइन को लेकर कुछ नहीं किया जा रहा है। बजट में 51 प्रतिशत हरियाणा रेल इंफास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से एडवांस में जमा करवाने की चर्चा भी लंबे समय से नहीं की गई, जिसके कारण 12वीं बार भी प्रदेश के आम बजट से लोगों के लिए यह लाइन केवल एक घोषणा बनकर रह गई। दक्षिण हरियाणा के साथ-साथ राजस्थान प्रदेश की 12 साल पुरानी मांग दादरी-महेंद्रगढ़-नारनौल-अलवर रेल लाइन की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हरियाणा के अधिकांश मुख्यमंत्रियों ने अपने ही जिलों में रेलवे को बढ़ावा दिया।
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उत्तरी हरियाणा में 12 वर्षों में बनीं 8 रेल लाइनें, अब चल रही ट्रेनें
रामनिवास पाटोदा ने बताया कि 12 साल में उत्तर हरियाणा में 8 नई रेल लाइनों का निर्माण कर उन पर गाड़ियां चलवा दी गई हैं। वर्ष 2011-12 के रेल बजट में केंद्र सरकार ने दादरी-महेंद्रगढ़-नारनौल-अलवर रेल लाइन का सर्वे करा नई रेल लाइन बिछाने की घोषणा की थी। नई रेल लाइन बिछाने के लिए 51 प्रतिशत बजट प्रदेश व 49 प्रतिशत बजट केंद्र सरकार का होता है, इसलिए 1 नवंबर 1966 से लेकर आज तक हरियाणा में जो भी मुख्यमंत्री आए उन्होंने महेंद्रगढ़ जिले के पिछड़ेपन को दूर करने में असमर्थता जताई है।
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