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मंकी पॉक्स को लेकर अलर्ट, विदेश से आने वालों की होगी जांच

Tue, 26 Jul 2022 11:51 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 26 Jul 2022 11:51 PM IST
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Alert regarding monkey pox, those coming from abroad will be investigated
नारनौल। प्रदेश सरकार ने मंकी पॉक्स संक्रमण से बचाव को लेकर अलर्ट जारी किया है। हालांकि प्रदेश में अभी तक इस संक्रमण का एक भी केस नहीं आया है लेकिन स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क हो गया है। सिविल सर्जन ने सभी सब डिविजन, सीएचसी, पीएचसी के प्रभारियों को संदिग्ध मरीज आने पर सूचना देने के निर्देश दिए हैं। मंकी पॉक्स से प्रभावित देशों से आने वाले संदिग्ध लोगों की जांच होगी और उनके नमूने जांच के लिए पुणे लैब भेजे जाएंगे।
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कोरोना संक्रमण पूरी तरह से खत्म नहीं हुुआ है कि कुछ देशों में मंकी पॉक्स संक्रमण को लेकर सरकार सचेत हो गई है। केंद्र सरकार के आदेश पर प्रदेश सरकार ने सभी जिलों को अलर्ट रहने के आदेश जारी किए हैं। सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने सब डिविजन, सीएचसी, पीएचसी के प्रभारियों को मंकी पॉक्स के लक्षण, उपचार के बारे में आमजन को जागरूक करने के आदेश दिए हैं। कहा कि संदिग्ध लक्षण वाले लोगों के रक्त आदि की जांच कराएं। भले ही मंकी पॉक्स का कोई केस सामने नहीं आया हो लेकिन तैयारियां शुरू कर दें। विदेेेेशों से आने वालों की निगरानी की जाए। खासतौर पर मंकी पॉक्स प्रभावित देशों से आने वाले लोगों के नमूने जांच के लिए पुणे लैब भेजे जाएं। किसी में मंकी पॉक्स के लक्षण दिखें तो जांच कराई जाए।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार मंकी पॉक्स चेचक की तरह फैलता है। चेचक की तरह इसके लक्षण होते हैं। यह बीमारी बहुत लंबी नहीं रहती लेकिन खतरनाक जरूर होती है।
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क्या है मंकी पॉक्स
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. अविनाश पूनिया ने बताया कि मंकी पॉक्स एक ऐसा वायरस है जो पशुओं से मनुष्य में तथा मनुष्य से मनुष्य में फैलता है। अगर कोई किसी संक्रमित के संपर्क में आता है तो वह भी संक्रमित हो जाता है। यह वायरस कटी त्वचा, श्वसन तंत्र, आंख-नाक-कान से शरीर में प्रवेश करता है। संक्रमित पशु के काटने, खरोंचने, तरल पदार्थ एवं घाव से सीधे तथा अप्रत्यक्ष संपर्क माध्यम से हो सकता है। यूरोप और अफ्रीकी देशों में इसके मामले आए हैं। यह वायरस चार स्टेजों में फैलता हैं। पहले स्टेज में कोई व्यक्ति संक्रमित होता है तो वह बुखार, शरीर दर्द और थकान महसूस होती है। दूसरे स्टेज में बुखार के लक्षण के साथ ही चमड़े पर कुछ गांठ दिखनी शुरू हो जाती है। तीसरे स्टेज में लिम्फैडेनोपैथी हाथों, पैरों, चेहरे, मुंह या प्राइवेट पार्ट्स पर दाने या चकत्ते हो जाते हैं और चौथे स्टेज पर ये दाने या चकत्ते बडे़ हो जाते हैं जिनमें मवाद भरी होती है।

सरकार के आदेश पर सभी अस्पतालों के प्रभारियों को अलर्ट किया गया है। संदिग्ध मरीज मिलने पर उनके खून के नमूने जांच के लिए पुणे लैब भेजने के आदेश दिए हैं।- डॉ. अशोक कुमार सिविल सर्जन।
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