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काफी सालों बाद बरसाती नदियों में आया पानी
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दोहान नदी में छोड़ा जा रहा पानी।
- फोटो : Narnol
जिले में लुप्त हो चुकी नदियों को पुनर्जीवित करके राज्य सरकार ने लोगों को तोहफा दिया है। 25 साल के अरसे के बाद जिले की बरसाती नदियों में पानी देखने को मिला है। सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता सुरेश यादव ने बताया कि प्रदेश सरकार ने विगत वर्षों से जिले में भूमिगत जल स्तर की गिरावट की चिंता करते हुए बरसाती नदियों को पुनर्जीवित करने का प्रोजेक्ट तैयार किया था। इन नदियों को आपस में जोड़ने के बाद इस बार रिकॉर्ड स्तर पर नदियों में पानी चला है।
उन्होंन बताया कि करीब 20 दिन और नहर चली तो क्षेत्र में कई वर्षों पहले बंद हो चुके ट्यूबवेल दोबारा शुरू हो जाएंगे। बारिश के मौसम में जब मध्य हरियाणा में बाढ़ जैसी स्थिति आती है तब यहां पर तीन महीने तक लगातार नहरें चलती हैं। इस बार प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद पहली बार कृष्णावती व दोहान नदियों में अधिक मात्रा में पानी छोड़ा गया है। कृष्णावती व दोहान नदियों में रिचार्जिंग के लिए इंजेक्शन प्रणाली लगाई गई है। इससे तेज गति से पानी जमीन के अंदर जा रहा है।
सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता केके यादव ने बताया कि रिचार्जिंग के लिए डेरोली अहीर के पास नारनौल शाखा पर एक जल निकासी का सिस्टम बनाया है। इससे आसपास के गांव की भूमि अर्थात डेरोली अहीर, डेरोली जाट, कोथल कलां, कोथल खुर्द, भांडोर निची, भांडोर उंची, जासावास, डुलाना, बेरी, जाटवास, माजरा और महेंद्रगढ़ शहर के आसपास का जलस्तर बढ़ेगा। इस परियोजना से नहर का पानी दोहन नदी में बह रहा है। यह पानी महेंद्रगढ़ में डुलाना रोड को पार करते हुए लगभग 16 किमी दूर तक फैला है। लगभग 25 साल के लंबे अंतराल के बाद इन नदियों में इतनी मात्रा में पानी आया है। सिंचाई विभाग और पंचायतों ने नदी के किनारे 16 से अधिक तालाबों का निर्माण भी करवाया गया है जो रिचार्जिंग में मददगार साबित होंगे। उन्होंने बताया कि शहर व आसपास के लोग हर रोज उत्सुकता से इस नहर किनारे पानी देखने पहुंच रहे हैं।
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उन्होंन बताया कि करीब 20 दिन और नहर चली तो क्षेत्र में कई वर्षों पहले बंद हो चुके ट्यूबवेल दोबारा शुरू हो जाएंगे। बारिश के मौसम में जब मध्य हरियाणा में बाढ़ जैसी स्थिति आती है तब यहां पर तीन महीने तक लगातार नहरें चलती हैं। इस बार प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद पहली बार कृष्णावती व दोहान नदियों में अधिक मात्रा में पानी छोड़ा गया है। कृष्णावती व दोहान नदियों में रिचार्जिंग के लिए इंजेक्शन प्रणाली लगाई गई है। इससे तेज गति से पानी जमीन के अंदर जा रहा है।
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सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता केके यादव ने बताया कि रिचार्जिंग के लिए डेरोली अहीर के पास नारनौल शाखा पर एक जल निकासी का सिस्टम बनाया है। इससे आसपास के गांव की भूमि अर्थात डेरोली अहीर, डेरोली जाट, कोथल कलां, कोथल खुर्द, भांडोर निची, भांडोर उंची, जासावास, डुलाना, बेरी, जाटवास, माजरा और महेंद्रगढ़ शहर के आसपास का जलस्तर बढ़ेगा। इस परियोजना से नहर का पानी दोहन नदी में बह रहा है। यह पानी महेंद्रगढ़ में डुलाना रोड को पार करते हुए लगभग 16 किमी दूर तक फैला है। लगभग 25 साल के लंबे अंतराल के बाद इन नदियों में इतनी मात्रा में पानी आया है। सिंचाई विभाग और पंचायतों ने नदी के किनारे 16 से अधिक तालाबों का निर्माण भी करवाया गया है जो रिचार्जिंग में मददगार साबित होंगे। उन्होंने बताया कि शहर व आसपास के लोग हर रोज उत्सुकता से इस नहर किनारे पानी देखने पहुंच रहे हैं।
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