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Mahendragarh-Narnaul News: ठंड और शीतलहर से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी
Tue, 31 Dec 2024 12:59 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 31 Dec 2024 12:59 AM IST
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फोटो संख्या:53- एसडीएम संजीव कुमार--संवाद
- फोटो : mathura
महेंद्रगढ़। ठंड व शीतलहर से बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें , इस संबंध में हरियाणा राज्य राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है। बचाव संबंधी जानकारी देते हुए एसडीएम संजीव कुमार ने लोगों से सचेत होकर शीतलहर आपदा से बचाव का आह्वान किया है।
एसडीएम संजीव कुमार ने कहा कि शीत लहर के समय यथासंभव घर के अंदर ही रहें। ठंडी हवा से बचने के लिए कम से कम यात्रा करें। रेडियो व अन्य मीडिया से मौसम की जानकारी लेते रहें। बुजुर्ग और बच्चों का ठीक से देखभाल करें एवं ऐसे पड़ोसी जो अकेले रहते हैं विशेषकर बुजुर्ग लोगों का हाल चाल पूछते रहें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि आपातकालीन आपूर्ति आसानी से उपलब्ध हो। एक परत वाले कपड़े की जगह ढीली फिटिंग वाले परतदार हल्के कपड़े, हवा रोधित सूती कपड़े का बाहरी आवरण तथा गर्म ऊनी भीतरी कपड़े पहने। शरीर की गर्मी बचाए रखने के लिए टोपी एवं जलरोधी जूतों का प्रयोग करें। सिर को ढंके क्योंकि सिर के ऊपरी सतह से शरीर की गर्मी की हानि होती है और अपने फेफड़ों की सुरक्षा के लिए अपना मुंह ढ़क कर रखें। गर्म तरल पदार्थ नियमित कप से पिएं, इससे ठंड से लड़ने के लिए शरीर की गर्मी बनी रहेगी।
एसडीएम ने कहा कि शरीर में उष्मा के प्रवाह को बनाए रखने के लिए पौष्टिक आहार अवश्य लें एवं निर्जलीकरण से बचने के लिए शराब आदि का सेवन ना करें। शीतदंश होने पर चिकित्सक की सलाह ले। संवेदन शून्यक सफेद अथवा पीले पड़े हाथ और पैरों की उंगंलिया, कान की लौ तथा नाक की ऊपरी सतह इत्यादि। हाईपोथर्मिया (शरीर का तापमान सामान्य से कम) होने जैसे अनियंत्रित कांपना, बोलने में दिक्कत, अनिद्रा, मांसपेशियों में अकड़न, सांस लेने में दिक्कत इत्यादि पर चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।
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एसडीएम संजीव कुमार ने कहा कि शीत लहर के समय यथासंभव घर के अंदर ही रहें। ठंडी हवा से बचने के लिए कम से कम यात्रा करें। रेडियो व अन्य मीडिया से मौसम की जानकारी लेते रहें। बुजुर्ग और बच्चों का ठीक से देखभाल करें एवं ऐसे पड़ोसी जो अकेले रहते हैं विशेषकर बुजुर्ग लोगों का हाल चाल पूछते रहें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि आपातकालीन आपूर्ति आसानी से उपलब्ध हो। एक परत वाले कपड़े की जगह ढीली फिटिंग वाले परतदार हल्के कपड़े, हवा रोधित सूती कपड़े का बाहरी आवरण तथा गर्म ऊनी भीतरी कपड़े पहने। शरीर की गर्मी बचाए रखने के लिए टोपी एवं जलरोधी जूतों का प्रयोग करें। सिर को ढंके क्योंकि सिर के ऊपरी सतह से शरीर की गर्मी की हानि होती है और अपने फेफड़ों की सुरक्षा के लिए अपना मुंह ढ़क कर रखें। गर्म तरल पदार्थ नियमित कप से पिएं, इससे ठंड से लड़ने के लिए शरीर की गर्मी बनी रहेगी।
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एसडीएम ने कहा कि शरीर में उष्मा के प्रवाह को बनाए रखने के लिए पौष्टिक आहार अवश्य लें एवं निर्जलीकरण से बचने के लिए शराब आदि का सेवन ना करें। शीतदंश होने पर चिकित्सक की सलाह ले। संवेदन शून्यक सफेद अथवा पीले पड़े हाथ और पैरों की उंगंलिया, कान की लौ तथा नाक की ऊपरी सतह इत्यादि। हाईपोथर्मिया (शरीर का तापमान सामान्य से कम) होने जैसे अनियंत्रित कांपना, बोलने में दिक्कत, अनिद्रा, मांसपेशियों में अकड़न, सांस लेने में दिक्कत इत्यादि पर चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

रूबीना।- फोटो : mathura
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