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Mahendragarh-Narnaul News: पौधों के उखेड़ा रोग में कार्बेन्डाजिम के प्रयोग की सलाह
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महेंद्रगढ़। कृषि विज्ञान केंद्र महेंद्रगढ़ की ओर से वीरवार को उद्यान विकास अधिकारियों व कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण आयोजित हुआ। पौध रोग वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र यादव ने अमरूद के पौधों में भूमि जनित रोग उखेड़ा जो एक फफूंद से फलता है उसके लिए कार्बेन्डाजिम 20 ग्राम दवा को प्रति पौधे में प्रयोग की सलाह दी।
उन्होंने बताया कि टहनीमार रोग जिसमे की टहनियां ऊपर से सूखती हुई। अदंर की तरफ होने पर सभी रोगग्रस्त टहनियों को हटाकर कॉपर ऑक्सीकलोराइड तीन ग्राम दवा को प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर स्प्रे करने के लिए बताया। पौधों में दीमक के बचाव के लिए 15 से 20 मिलीलीटर क्लोरोपायरीफॉस प्रति पौधे में डाले। पौधों में फूल प्रक्रिया के दौरान पानी रोकने की सलाह के साथ जब फूल फल में परिवर्तित होने पर सिंचाई करने के बारे में जानकारी दी।
प्रशिक्षण में केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अशोक ढिल्लो ने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण से जिले के सभी बागवानी अधिकारी लाभान्वित होकर जिले के किसानों को सही नवीनतम तकनीकी जानकारी देंगे और फलदार वृक्षों को स्वस्थ रखने में फायदा मिलेगा। इस प्रशिक्षण में केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. राजपाल यादव, डॉ. पूनम यादव, डॉ. आशीष शिवरान भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बागवानी विभाग के 30 विस्तार कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
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उन्होंने बताया कि टहनीमार रोग जिसमे की टहनियां ऊपर से सूखती हुई। अदंर की तरफ होने पर सभी रोगग्रस्त टहनियों को हटाकर कॉपर ऑक्सीकलोराइड तीन ग्राम दवा को प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर स्प्रे करने के लिए बताया। पौधों में दीमक के बचाव के लिए 15 से 20 मिलीलीटर क्लोरोपायरीफॉस प्रति पौधे में डाले। पौधों में फूल प्रक्रिया के दौरान पानी रोकने की सलाह के साथ जब फूल फल में परिवर्तित होने पर सिंचाई करने के बारे में जानकारी दी।
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प्रशिक्षण में केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अशोक ढिल्लो ने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण से जिले के सभी बागवानी अधिकारी लाभान्वित होकर जिले के किसानों को सही नवीनतम तकनीकी जानकारी देंगे और फलदार वृक्षों को स्वस्थ रखने में फायदा मिलेगा। इस प्रशिक्षण में केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. राजपाल यादव, डॉ. पूनम यादव, डॉ. आशीष शिवरान भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बागवानी विभाग के 30 विस्तार कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
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