{"_id":"6a10943addc97281bc082a88","slug":"action-will-be-taken-against-officials-found-negligent-during-school-inspections-narnol-news-c-196-1-nnl1003-140249-2026-05-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: स्कूल दौरे में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: स्कूल दौरे में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
विज्ञापन
फोटो नंबर-07डीपीआईयू की बैठक में भाग लेते शिक्षा विभाग के अधिकारी। स्रोत:विभाग
नारनौल। जिले में स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था सुधारने और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए जिला परियोजना कार्यान्वयन इकाई (डीपीआईयू) की बैठक शुक्रवार को हुई। बैठक में साफ कहा गया कि जिन सीआरसी और एबीआरसी अधिकारियों ने स्कूलों का दौरा नहीं किया उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में खंड शिक्षा अधिकारियों, जिला एवं ब्लॉक एफएलएन समन्वयकों, डीएसटी सदस्यों और शिक्षा विभाग से जुड़े अन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया। जिला समन्वयक एफएलएन डॉ. विक्रम सिंह ने निपुण हरियाणा मिशन और सीआरपी कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने और बच्चों के सीखने के स्तर को मजबूत करने पर जोर दिया।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गोद लिए गए विद्यालयों में किए गए बेहतर कार्यों की रिपोर्ट तय समय में जमा करवाई जाए। साथ ही प्रत्येक ब्लॉक से बेहतरीन सीआरपी बेस्ट प्रैक्टिस वीडियो जिला स्तर पर साझा करने, स्किल पासबुक अपलोडिंग और विद्यालय भ्रमण प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
विज्ञापन
बैठक में कमजोर दक्षताओं वाले बच्चों की पहचान कर सुधारात्मक रणनीति बनाने, ज्यादा ड्रॉपआउट वाले स्कूलों की सूची तैयार करने और शिक्षकों की उचित कक्षा आवंटन व्यवस्था लागू करने पर भी चर्चा हुई।
डॉ. विक्रम सिंह ने कहा कि प्राथमिक स्तर पर गतिविधि आधारित और दक्षता केंद्रित पढ़ाई बच्चों के भविष्य को मजबूत बनाती है। वहीं अशोक कुमार शर्मा ने सभी अधिकारियों से समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने की अपील की।
विज्ञापन
बैठक में खंड शिक्षा अधिकारियों, जिला एवं ब्लॉक एफएलएन समन्वयकों, डीएसटी सदस्यों और शिक्षा विभाग से जुड़े अन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया। जिला समन्वयक एफएलएन डॉ. विक्रम सिंह ने निपुण हरियाणा मिशन और सीआरपी कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने और बच्चों के सीखने के स्तर को मजबूत करने पर जोर दिया।
विज्ञापन
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गोद लिए गए विद्यालयों में किए गए बेहतर कार्यों की रिपोर्ट तय समय में जमा करवाई जाए। साथ ही प्रत्येक ब्लॉक से बेहतरीन सीआरपी बेस्ट प्रैक्टिस वीडियो जिला स्तर पर साझा करने, स्किल पासबुक अपलोडिंग और विद्यालय भ्रमण प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
विज्ञापन
बैठक में कमजोर दक्षताओं वाले बच्चों की पहचान कर सुधारात्मक रणनीति बनाने, ज्यादा ड्रॉपआउट वाले स्कूलों की सूची तैयार करने और शिक्षकों की उचित कक्षा आवंटन व्यवस्था लागू करने पर भी चर्चा हुई।
डॉ. विक्रम सिंह ने कहा कि प्राथमिक स्तर पर गतिविधि आधारित और दक्षता केंद्रित पढ़ाई बच्चों के भविष्य को मजबूत बनाती है। वहीं अशोक कुमार शर्मा ने सभी अधिकारियों से समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने की अपील की।