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Mahendragarh-Narnaul News: डकैती और अपहरण के मामले में आरोपी को मिली नियमित जमानत
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नारनौल। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नितिन राज की अदालत ने डकैती और अपहरण के गंभीर मामले में आरोपी चरखी दादरी निवासी निखिल को नियमित जमानत दे दी है। आरोपी 13 जून से जेल में बंद था। अदालत ने 50 हजार के निजी मुचलके और इतनी ही जमानत राशि पर उसे रिहा करने का आदेश जारी किया।
शिकायतकर्ता अजय रावल के अनुसार 10 जून की रात गांव चिंडालिया में कार सवार पांच लोगों ने पता पूछने के बहाने उस पर नशीला पदार्थ छिड़का और अपहरण कर लिया। बदमाशों ने मारपीट कर सोने-चांदी के गहने, 3 हजार नकद और जबरन 25 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। बाद में कार का टायर पंचर होकर पलटने पर शिकायतकर्ता भागने में सफल रहा।
बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है। सह आरोपी अरुण को हाइकोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है, इसलिए समानता के आधार पर निखिल को भी जमानत मिलनी चाहिए। वहीं सरकारी वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी से डंडा बरामद हुआ है और रिहा होने पर वह फरार हो सकता है।
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अदालत ने पाया कि कथित हथियार (डंडा) आरोपी और सह आरोपी अरुण के संयुक्त खुलासे से बरामद हुआ था। चूंकि सह आरोपी को हाइकोर्ट से राहत मिल चुकी है, इसलिए आरोपी निखिल भी समानता के आधार पर जमानत का हकदार है। चार माह से अधिक की हिरासत को देखते हुए अदालत ने याचिका स्वीकार कर ली।
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शिकायतकर्ता अजय रावल के अनुसार 10 जून की रात गांव चिंडालिया में कार सवार पांच लोगों ने पता पूछने के बहाने उस पर नशीला पदार्थ छिड़का और अपहरण कर लिया। बदमाशों ने मारपीट कर सोने-चांदी के गहने, 3 हजार नकद और जबरन 25 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। बाद में कार का टायर पंचर होकर पलटने पर शिकायतकर्ता भागने में सफल रहा।
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बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है। सह आरोपी अरुण को हाइकोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है, इसलिए समानता के आधार पर निखिल को भी जमानत मिलनी चाहिए। वहीं सरकारी वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी से डंडा बरामद हुआ है और रिहा होने पर वह फरार हो सकता है।
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अदालत ने पाया कि कथित हथियार (डंडा) आरोपी और सह आरोपी अरुण के संयुक्त खुलासे से बरामद हुआ था। चूंकि सह आरोपी को हाइकोर्ट से राहत मिल चुकी है, इसलिए आरोपी निखिल भी समानता के आधार पर जमानत का हकदार है। चार माह से अधिक की हिरासत को देखते हुए अदालत ने याचिका स्वीकार कर ली।