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Mahendragarh-Narnaul News: महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में निकाली भव्य कलश यात्रा
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फोटो नंबर-06महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में कलश यात्रा निकालती महिलाएं। स्रोत-संस्था
नारनौल। मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में रविवार से आयोजित शिव महोत्सव शुभारंभ पर कलश यात्रा का आयोजन किया गया। कलश यात्रा सतपाल महाराज की शिष्या महात्मा संजीवनी बाई के सान्निध्य में निकाली गई। इस कलश यात्रा के अंदर बड़ी संख्या में महिलाओं व पुरुषों ने भाग लिया।
महात्मा संजीवनी बाई ने कहा कि महाशिवरात्रि शिव और शक्ति के मिलन का पावन पर्व है। भोलेनाथ अपने भक्तों पर शीघ्र प्रसन्न होकर कृपा बरसाते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से सद्गुरुदेव महाराज से प्राप्त महामंत्र को जीवन में अपनाकर आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त करने का संदेश दिया।
कलश यात्रा का शुभारंभ मोड़ावाला शिव मंदिर से हुआ। यात्रा में 101 महिलाएं पीले व लाल परिधानों में सिर पर मंगल कलश धारण कर चल रही थीं। पूरे मार्ग में ‘हर-हर महादेव’ और ‘ओम नमः शिवाय’ के जयकारों से वातावरण शिवमय हो गया। डीजे व बैंड-बाजों की मधुर धुनों ने श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह भर दिया।
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शहर के मुख्य मार्गों से गुजरते समय स्थानीय नागरिकों व व्यापारियों ने पुष्प वर्षा कर कलश यात्रा का भव्य स्वागत किया। जगह-जगह जलपान की व्यवस्था भी की गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत भगवान शिव, माता पार्वती व नंदी महाराज की झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं।
महात्मा विक्रमानंद ने बताया कि कलश यात्रा के समापन के साथ ही महाशिवरात्रि महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हो गया है। उन्होंने क्षेत्र में सुख-शांति और भाईचारे की कामना की। अंत में आश्रम प्रांगण में आरती कर प्रसाद वितरित किया गया।
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महात्मा संजीवनी बाई ने कहा कि महाशिवरात्रि शिव और शक्ति के मिलन का पावन पर्व है। भोलेनाथ अपने भक्तों पर शीघ्र प्रसन्न होकर कृपा बरसाते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से सद्गुरुदेव महाराज से प्राप्त महामंत्र को जीवन में अपनाकर आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त करने का संदेश दिया।
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कलश यात्रा का शुभारंभ मोड़ावाला शिव मंदिर से हुआ। यात्रा में 101 महिलाएं पीले व लाल परिधानों में सिर पर मंगल कलश धारण कर चल रही थीं। पूरे मार्ग में ‘हर-हर महादेव’ और ‘ओम नमः शिवाय’ के जयकारों से वातावरण शिवमय हो गया। डीजे व बैंड-बाजों की मधुर धुनों ने श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह भर दिया।
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शहर के मुख्य मार्गों से गुजरते समय स्थानीय नागरिकों व व्यापारियों ने पुष्प वर्षा कर कलश यात्रा का भव्य स्वागत किया। जगह-जगह जलपान की व्यवस्था भी की गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत भगवान शिव, माता पार्वती व नंदी महाराज की झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं।
महात्मा विक्रमानंद ने बताया कि कलश यात्रा के समापन के साथ ही महाशिवरात्रि महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हो गया है। उन्होंने क्षेत्र में सुख-शांति और भाईचारे की कामना की। अंत में आश्रम प्रांगण में आरती कर प्रसाद वितरित किया गया।