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Mahendragarh-Narnaul News: कथा में श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की झांकी निकाली
Wed, 11 Sep 2024 11:47 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 11 Sep 2024 11:47 PM IST
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महेंद्रगढ़। श्री गीता विज्ञान प्रचार समिति की ओर से बाबा जयरामदास धर्मशाला में श्रीमद्भागवत में महामंडलेश्वर स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती महाराज ने बुधवार को भगवान श्री कृष्ण-रुक्मिणी विवाह का वर्णन किया।
कथा व्यास ने बताया कि विदर्भ के राजा भीष्मक की पुत्री रुक्मिणी श्रीकृष्ण को मन ही मन बहुत ज्यादा चाहती थीं, लेकिन उसका भाई श्रीकृष्ण से शत्रुता रखता था। इसलिए उसने अपनी बहन रुक्मिणी का रिश्ता शिशुपाल से तय कर दिया। रुक्मिणी को जब पता लगा तो उसे बहुत दुख हुआ और उसने श्रीकृष्ण को गुप्त संदेश भेज दिया। सूचना पढ़कर श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी का हरण करके ले गए और उनसे विवाह कर लिया।
मास्टर अमरसिंह सोनी के निर्देशन में श्रीकृष्ण- रुक्मिणी विवाह की झांकियां भी निकाली गईं। कार्यक्रम के यजमान मनीष, चंचल अग्रवाल, गोपेश मेहता, अर्चना मेहता सपरिवार उपस्थित रहे। इसकी अध्यक्षता श्री गीता विज्ञान प्रचार समिति के प्रधान मुकेश मेहता के द्वारा की गई और प्रसाद की व्यवस्था सेठ जोगेंद्र धरसूं वाले की ओर से करवाई गई। वीरवार को सुबह 8:15 बजे हवन पूजन से इस सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह अमृत महोत्सव का समापन समारोह किया जाएगा। इसमें श्रीकृष्ण सुदामा की मित्रता का प्रसंग भी सुनाया जाएगा।
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कथा व्यास ने बताया कि विदर्भ के राजा भीष्मक की पुत्री रुक्मिणी श्रीकृष्ण को मन ही मन बहुत ज्यादा चाहती थीं, लेकिन उसका भाई श्रीकृष्ण से शत्रुता रखता था। इसलिए उसने अपनी बहन रुक्मिणी का रिश्ता शिशुपाल से तय कर दिया। रुक्मिणी को जब पता लगा तो उसे बहुत दुख हुआ और उसने श्रीकृष्ण को गुप्त संदेश भेज दिया। सूचना पढ़कर श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी का हरण करके ले गए और उनसे विवाह कर लिया।
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मास्टर अमरसिंह सोनी के निर्देशन में श्रीकृष्ण- रुक्मिणी विवाह की झांकियां भी निकाली गईं। कार्यक्रम के यजमान मनीष, चंचल अग्रवाल, गोपेश मेहता, अर्चना मेहता सपरिवार उपस्थित रहे। इसकी अध्यक्षता श्री गीता विज्ञान प्रचार समिति के प्रधान मुकेश मेहता के द्वारा की गई और प्रसाद की व्यवस्था सेठ जोगेंद्र धरसूं वाले की ओर से करवाई गई। वीरवार को सुबह 8:15 बजे हवन पूजन से इस सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह अमृत महोत्सव का समापन समारोह किया जाएगा। इसमें श्रीकृष्ण सुदामा की मित्रता का प्रसंग भी सुनाया जाएगा।
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