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बेटियां पड़ोस में जाकर पी रही पानी, खुद ही निकाल रही झाडू, शौचालय भी बंद
Updated Tue, 18 Dec 2018 01:28 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बुचौली। राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला बसई में पानी की आपूर्ति शुरू नहीं होने के कारण स्कूल के
शौचालय बंद पड़े हैं। स्कूल में नवनिर्मित पार्क भी पानी के अभाव में सूख रहा है। टैंकरों के जरिए पार्क को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ स्लोगन के विपरीत यहां बेटियों को पानी के लिए पानी नहीं मलि पा रहा। छोटी-छोटी लड़कियों को सफाई भी खुद ही करनी पड़ती है।
गांव बसई में राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला में अभी तक पेयजल की व्यवस्था नहीं है। गांव में पानी की लाइन है। पेयजल की लाइन स्कूल के पास से ही गुजर रही है। इस लाइन से स्कूल को कनेक्शन नहीं दिया जा रहा। जिस कारण स्कूल के बच्चों को पड़ोस से मांगकर पानी पीने को मजबूर हैं। पिछले महीने स्कूल में पार्क लगाया गया था, जिसमें घास के अलावा फूलों वाले पौधे लगाए थे। स्कूल में पानी की आपूर्ति के लिए लाइन नहीं है। इस कारण अब घास सूखने लगा। स्कूल प्रबंधन ने सौंदर्यीकरण के तहत मिली रकम से टैंकरों से कुछ पानी डलवाया है। पानी की लाइन न होने के कारण स्कूल के शौचालय भी बंद पड़े हैं। स्कूल में स्वीपर-सफाईकर्मी न होने के कारण शिक्षक व विद्यार्थी मिलकर सफाई करते हैं। अभिभावक ऐसे हालात में सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों को भेजने से कतरा रहे हैं।
स्कूल में पानी तक उपलब्ध नहीं करा पा रहे। पानी पीने के लिए बेटियों को अड़ोस पड़ोस के घरों में जाना पड़ता है। लड़कियों को ही सफाई करनी पड़ती है। अब स्कूली बच्चे यह काम करेंगे तो पढ़ाई कैसे होगी। व्यवस्था में सुधार किए जाने की जरूरत है।
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- अशोक प्रधान, ग्रामवासी
गांव के लोग कई बार इस बारे में मांग कर चुके हैं। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। बेटियों के लिए पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। शौचालय भी पानी के अभाव में बंद रहता है।ऐसे में छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
- सुनील तंवर , ग्रामवासी
मार्केट कमेटी के चेयरमैन कंवर डालू सिंह के आदेश के बाद भी पानी की लाइन नहीं डाली जा रही। प्रशासन की ओर से लापरवाही की जा रही है। ऐसे कर्मचारी-अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। सफाई कर्मी की नियुक्ति जल्द से जल्द होनी चाहिए।
- प्रदीप सिंह, ग्रामवासी।
वर्जन
पानी की व्यवस्था न होने की जानकारी मिली है। दो दिन में पानी की व्यवस्था करा देंगे। इस बारे में जनस्वास्थ्य विभाग से बात की जाएगी। विद्यालय में सरकार अध्यापकों व सफाई कर्मी की भर्ती जल्द से जल्द कराए। सरकार इस बारे में वैकल्पिक व्यवस्था करे।
- हरिओम सिंह तंवर, सरपंच प्रतिनिधि।
वर्जन
मैंने दो महीने पहले ही चार्ज संभाला है। सुंदरीकरण के तहत आए पैसे से स्कूल में पार्क लगवाया है। पानी की लाइन के बारे में जेई से कई बार बात कर चुके हैं। स्कूल में बेहतर व्यवस्था देने का प्रयास किया जा रहा है। खाली पदों के बारे में मुुख्यालय को लिखा है।
- निखिल गोयल, इंचार्ज, राजकीय प्राथमिक पाठशाला, बसई
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बुचौली। राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला बसई में पानी की आपूर्ति शुरू नहीं होने के कारण स्कूल के
शौचालय बंद पड़े हैं। स्कूल में नवनिर्मित पार्क भी पानी के अभाव में सूख रहा है। टैंकरों के जरिए पार्क को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ स्लोगन के विपरीत यहां बेटियों को पानी के लिए पानी नहीं मलि पा रहा। छोटी-छोटी लड़कियों को सफाई भी खुद ही करनी पड़ती है।
गांव बसई में राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला में अभी तक पेयजल की व्यवस्था नहीं है। गांव में पानी की लाइन है। पेयजल की लाइन स्कूल के पास से ही गुजर रही है। इस लाइन से स्कूल को कनेक्शन नहीं दिया जा रहा। जिस कारण स्कूल के बच्चों को पड़ोस से मांगकर पानी पीने को मजबूर हैं। पिछले महीने स्कूल में पार्क लगाया गया था, जिसमें घास के अलावा फूलों वाले पौधे लगाए थे। स्कूल में पानी की आपूर्ति के लिए लाइन नहीं है। इस कारण अब घास सूखने लगा। स्कूल प्रबंधन ने सौंदर्यीकरण के तहत मिली रकम से टैंकरों से कुछ पानी डलवाया है। पानी की लाइन न होने के कारण स्कूल के शौचालय भी बंद पड़े हैं। स्कूल में स्वीपर-सफाईकर्मी न होने के कारण शिक्षक व विद्यार्थी मिलकर सफाई करते हैं। अभिभावक ऐसे हालात में सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों को भेजने से कतरा रहे हैं।
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स्कूल में पानी तक उपलब्ध नहीं करा पा रहे। पानी पीने के लिए बेटियों को अड़ोस पड़ोस के घरों में जाना पड़ता है। लड़कियों को ही सफाई करनी पड़ती है। अब स्कूली बच्चे यह काम करेंगे तो पढ़ाई कैसे होगी। व्यवस्था में सुधार किए जाने की जरूरत है।
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- अशोक प्रधान, ग्रामवासी
गांव के लोग कई बार इस बारे में मांग कर चुके हैं। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। बेटियों के लिए पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। शौचालय भी पानी के अभाव में बंद रहता है।ऐसे में छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
- सुनील तंवर , ग्रामवासी
मार्केट कमेटी के चेयरमैन कंवर डालू सिंह के आदेश के बाद भी पानी की लाइन नहीं डाली जा रही। प्रशासन की ओर से लापरवाही की जा रही है। ऐसे कर्मचारी-अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। सफाई कर्मी की नियुक्ति जल्द से जल्द होनी चाहिए।
- प्रदीप सिंह, ग्रामवासी।
वर्जन
पानी की व्यवस्था न होने की जानकारी मिली है। दो दिन में पानी की व्यवस्था करा देंगे। इस बारे में जनस्वास्थ्य विभाग से बात की जाएगी। विद्यालय में सरकार अध्यापकों व सफाई कर्मी की भर्ती जल्द से जल्द कराए। सरकार इस बारे में वैकल्पिक व्यवस्था करे।
- हरिओम सिंह तंवर, सरपंच प्रतिनिधि।
वर्जन
मैंने दो महीने पहले ही चार्ज संभाला है। सुंदरीकरण के तहत आए पैसे से स्कूल में पार्क लगवाया है। पानी की लाइन के बारे में जेई से कई बार बात कर चुके हैं। स्कूल में बेहतर व्यवस्था देने का प्रयास किया जा रहा है। खाली पदों के बारे में मुुख्यालय को लिखा है।
- निखिल गोयल, इंचार्ज, राजकीय प्राथमिक पाठशाला, बसई