{"_id":"5ac3d5594f1c1ba9618b547c","slug":"91522783577-mahendragarh-narnaul-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कंप्यूटर ऑपरेटरों की हड़ताल से तहसील का कामकाज ठप, किसानों में आक्रोश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कंप्यूटर ऑपरेटरों की हड़ताल से तहसील का कामकाज ठप, किसानों में आक्रोश
Updated Wed, 04 Apr 2018 12:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। कंप्यूटर ऑपरेटरों की हड़ताल किसानों पर भारी पड़ने लगी है। उन्हें सरसों की बिक्री के लिए कंप्यूटराइज जमीनी नकल नहीं मिल रही। जिससे आक्रोशित किसानों ने तहसील कार्यालय पर जमकर नारेबाजी की। तथा जिला प्रशासन से जल्द समाधान की गुहार लगाई।
मंडी में सरसों बेचने आए खातोली, मेघोत बींजा, मेघोत हाला के किसानों ने बताया कि समर्थन मूल्य पर सरसों बिक्री करने के लिए जमाबंदी, गिरदावरी नकल, आधार नंबर, बैंक पासबुक अनिवार्य कर दी गई। गिरदावरी रिपोर्ट के मुताबिक ही कमेटी खरीद करेगी। जिसके लिए किसान सुबह 9 बजे तहसील कार्यालय में पहुंच गए। इस दौरान कार्यालय पर ताला लटका देखकर उनका गुस्सा उबाल खा गया। सरकार व जिला प्रशासन विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने का सपना दिखाकर वोट बटोरे थे। जिसमें किसानों लागत राशि से तीन गुणा अधिक भाव तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दिशा-निर्देश हैं। लेकिन वोट बटोरने के बाद पार्टी चुनावी घोषणा पत्र को भूल गई। किसानों पर 6 क्विंटल प्रति एकड़ सरसों बिक्री करने की पाबंदी लगा दी गई। इसके लिए विभिन्न दस्तावेजों की पूर्ति करना जरूरी कर दिया। इधर वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर कंप्यूटर ऑपरेटरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। जिस कारण किसानों को गिरदावरी व जमाबंदी नकल लेना संभव नहीं हो रहा। उन्होंने बताया कि किसानों को शेड्यूल के अनुसार ही सरसों बेचनी होगी, निर्धारित दिन नहीं पहुंचने पर अगले दिन एजेंसी खरीद नहीं करेगी। ऐसे में किसानों करीब सात दिन तक इंतजार करना पड़ेगा। उन्होंने जिला उपायुक्त हड़ताली कर्मचारियों की जगह अन्य व्यवस्था करने की गुहार लगाई है। सरसों की बिक्री सुविधा पूर्वक कर सकें।
पटवारियों को नकल देने के निर्देश
नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार ने बताया कि ऑपरेटरों की हड़ताल होने के कारण किसानों को कंप्यूटराइज नकल नहीं मिल रही। समाधान के लिए पटवारियों को मेनुअल नकल देने के आदेश दिए गए। सरसों बिक्री के रोस्टर में शामिल गांवों का पटवारी कार्यालय में मौजूद रहेगा। ताकि किसानों को इधर-उधर की भागदौड़ नहीं करनी पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन
नांगल चौधरी। कंप्यूटर ऑपरेटरों की हड़ताल किसानों पर भारी पड़ने लगी है। उन्हें सरसों की बिक्री के लिए कंप्यूटराइज जमीनी नकल नहीं मिल रही। जिससे आक्रोशित किसानों ने तहसील कार्यालय पर जमकर नारेबाजी की। तथा जिला प्रशासन से जल्द समाधान की गुहार लगाई।
मंडी में सरसों बेचने आए खातोली, मेघोत बींजा, मेघोत हाला के किसानों ने बताया कि समर्थन मूल्य पर सरसों बिक्री करने के लिए जमाबंदी, गिरदावरी नकल, आधार नंबर, बैंक पासबुक अनिवार्य कर दी गई। गिरदावरी रिपोर्ट के मुताबिक ही कमेटी खरीद करेगी। जिसके लिए किसान सुबह 9 बजे तहसील कार्यालय में पहुंच गए। इस दौरान कार्यालय पर ताला लटका देखकर उनका गुस्सा उबाल खा गया। सरकार व जिला प्रशासन विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने का सपना दिखाकर वोट बटोरे थे। जिसमें किसानों लागत राशि से तीन गुणा अधिक भाव तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दिशा-निर्देश हैं। लेकिन वोट बटोरने के बाद पार्टी चुनावी घोषणा पत्र को भूल गई। किसानों पर 6 क्विंटल प्रति एकड़ सरसों बिक्री करने की पाबंदी लगा दी गई। इसके लिए विभिन्न दस्तावेजों की पूर्ति करना जरूरी कर दिया। इधर वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर कंप्यूटर ऑपरेटरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। जिस कारण किसानों को गिरदावरी व जमाबंदी नकल लेना संभव नहीं हो रहा। उन्होंने बताया कि किसानों को शेड्यूल के अनुसार ही सरसों बेचनी होगी, निर्धारित दिन नहीं पहुंचने पर अगले दिन एजेंसी खरीद नहीं करेगी। ऐसे में किसानों करीब सात दिन तक इंतजार करना पड़ेगा। उन्होंने जिला उपायुक्त हड़ताली कर्मचारियों की जगह अन्य व्यवस्था करने की गुहार लगाई है। सरसों की बिक्री सुविधा पूर्वक कर सकें।
विज्ञापन
पटवारियों को नकल देने के निर्देश
नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार ने बताया कि ऑपरेटरों की हड़ताल होने के कारण किसानों को कंप्यूटराइज नकल नहीं मिल रही। समाधान के लिए पटवारियों को मेनुअल नकल देने के आदेश दिए गए। सरसों बिक्री के रोस्टर में शामिल गांवों का पटवारी कार्यालय में मौजूद रहेगा। ताकि किसानों को इधर-उधर की भागदौड़ नहीं करनी पड़े।
विज्ञापन