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सामूहिक अवकाश का विभागों में नहीं दिखा असर, सुचारु चले कार्य
Updated Wed, 31 Oct 2018 12:13 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। सरकार की ओर से रोडवेज में प्राइवेट परमिट जारी करने के विरोध में चल रही रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल 15वें दिन भी जारी रही। मंगलवार को पूर्व से निर्धारित कार्यक्रम अनुसार विभिन्न विभागों के कर्मचारी हड़ताली कर्मचारियों के समर्थन में सामूहिक रूप से अवकाश पर रहे है। हालांकि सामूहिक अवकाश का प्रभाव एकाध विभाग को छोड़कर अन्य विभागों में नहीं देखने को मिला, क्योंकि डीसी रेट पर लगे कर्मचारियों ने उनकी अनुपस्थिति में कार्य संभाला। इस प्रकार आमजन को अधिक परेशानी नहीं उठानी पड़ी। वहीं सामूहिक अवकाश का सबसे अधिक असर रोडवेज विभाग में ही देखने का मिला। जहां कुल 582 कर्मचारियों में से केवल 20 कर्मचारी ही ड्यूटी पर रहे। इसके अलावा शिक्षा विभाग से 57, जनस्वास्थ्य विभाग से 302, सिंचाई विभाग से 33, बिजली विभाग से 709, वन विभाग से 26 तथा नगर परिषद 223 कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे।
वहीं कर्मचारियों की लगातार 15 दिनों से चल रही हड़ताल के चलते रोडवेज का नुकसान भी दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। हालांकि विभाग द्वारा ठेके पर भर्ती किए गए चालक व परिचालकों द्वारा बसों का संचालन किया जा रहा है, परंतु अनुभवहीन चालक व परिचालक होने के कारण यात्री भी रोडवेज बसों में सवारी करके अपनी जान जोखिम नहीं डालना चाह रहे हैं। यहीं नहीं कुछ परिचालक यात्रियों को बिना टिकट दिए ही किराया वसूल कर अपनी जेबों में भर रहे हैं जिसका सीधा नुकसान विभाग को हो रहा है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो हड़ताल से पूर्व नारनौल रोडवेज विभाग को 11 लाख रुपये की प्रतिदिन कमाई होती थी, लेकिन अब 2 से 3 लाख रुपये की ही कमाई हो रही है। इसमें भी भर्ती किए गए चालक व परिचालकों का वेतन निकाल दिया जाए तो यह कमाई और भी कम हो जाती है। ऐसे में विभाग को प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।
वहीं सरकार हड़ताल का कोई समाधान निकालने की बजाय रोज नए निर्णय ले रही है जिससे हड़ताली कर्मचारियों के साथ अन्य विभागों के कर्मचारियों में भी सरकार के प्रति भारी रोष बना हुआ है। वहीं विभाग के अधिकारी भी दबी जुबान से सरकार की कर्मचारियों के प्रति हठधर्मिता को गलत बता रहे है।
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रोडवेज कर्मचारियों को विभिन्न विभागों ने दिया समर्थक
मंगलवार को विभिन्न संगठनों से जुड़े कर्मचारियों ने हड़ताली कर्मचारियों के समर्थन में सामूहिक रूप से हड़ताल रखी। इसमें जनस्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, सिंचाई विभाग, वन विभाग, नगर पालिका, छात्र संघ, शिक्षक संघ,अध्यापक संघ सहित अन्य संगठनों से जुड़े कर्मचारी शामिल रहे। जिन्होंने चितवन वाटिका व बिजली निगम एसई कार्यालय प्रांगण में धरना देकर सरकार के खिलाफ अपना रोष जताया।
लंबे रूट पर चलाई रोडवेज बसें
रोडवेज विभाग द्वारा मंगलवार कुल 102 बसों का संचालन किया गया जोकि रेवाड़ी, दिल्ली, महेंद्रगढ़, दादरी, सिंघाणा, झुंझुनु, जयपुर रूट पर चली। वहीं हड़ताल के चलते मंगलवार को पहली बार रोडवेज बस चंडीगढ़ रूट पर चलाई गई जिससे लंबे रूट की सवारियों को कुछ राहत मिली।
मंगलवार को चंडीगढ़ रूट पर भी बस सेवा बहाल कर दी गई है। इसके अलावा दिल्ली व जयपुर सहित लोकल रूटों पर निरंतर बस सेवा जारी है। यात्रियों को किसी प्रकार परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
्र-राजीव नागपाल, रोडवेज जीएम नारनौल।
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नारनौल। सरकार की ओर से रोडवेज में प्राइवेट परमिट जारी करने के विरोध में चल रही रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल 15वें दिन भी जारी रही। मंगलवार को पूर्व से निर्धारित कार्यक्रम अनुसार विभिन्न विभागों के कर्मचारी हड़ताली कर्मचारियों के समर्थन में सामूहिक रूप से अवकाश पर रहे है। हालांकि सामूहिक अवकाश का प्रभाव एकाध विभाग को छोड़कर अन्य विभागों में नहीं देखने को मिला, क्योंकि डीसी रेट पर लगे कर्मचारियों ने उनकी अनुपस्थिति में कार्य संभाला। इस प्रकार आमजन को अधिक परेशानी नहीं उठानी पड़ी। वहीं सामूहिक अवकाश का सबसे अधिक असर रोडवेज विभाग में ही देखने का मिला। जहां कुल 582 कर्मचारियों में से केवल 20 कर्मचारी ही ड्यूटी पर रहे। इसके अलावा शिक्षा विभाग से 57, जनस्वास्थ्य विभाग से 302, सिंचाई विभाग से 33, बिजली विभाग से 709, वन विभाग से 26 तथा नगर परिषद 223 कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे।
वहीं कर्मचारियों की लगातार 15 दिनों से चल रही हड़ताल के चलते रोडवेज का नुकसान भी दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। हालांकि विभाग द्वारा ठेके पर भर्ती किए गए चालक व परिचालकों द्वारा बसों का संचालन किया जा रहा है, परंतु अनुभवहीन चालक व परिचालक होने के कारण यात्री भी रोडवेज बसों में सवारी करके अपनी जान जोखिम नहीं डालना चाह रहे हैं। यहीं नहीं कुछ परिचालक यात्रियों को बिना टिकट दिए ही किराया वसूल कर अपनी जेबों में भर रहे हैं जिसका सीधा नुकसान विभाग को हो रहा है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो हड़ताल से पूर्व नारनौल रोडवेज विभाग को 11 लाख रुपये की प्रतिदिन कमाई होती थी, लेकिन अब 2 से 3 लाख रुपये की ही कमाई हो रही है। इसमें भी भर्ती किए गए चालक व परिचालकों का वेतन निकाल दिया जाए तो यह कमाई और भी कम हो जाती है। ऐसे में विभाग को प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।
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वहीं सरकार हड़ताल का कोई समाधान निकालने की बजाय रोज नए निर्णय ले रही है जिससे हड़ताली कर्मचारियों के साथ अन्य विभागों के कर्मचारियों में भी सरकार के प्रति भारी रोष बना हुआ है। वहीं विभाग के अधिकारी भी दबी जुबान से सरकार की कर्मचारियों के प्रति हठधर्मिता को गलत बता रहे है।
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रोडवेज कर्मचारियों को विभिन्न विभागों ने दिया समर्थक
मंगलवार को विभिन्न संगठनों से जुड़े कर्मचारियों ने हड़ताली कर्मचारियों के समर्थन में सामूहिक रूप से हड़ताल रखी। इसमें जनस्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, सिंचाई विभाग, वन विभाग, नगर पालिका, छात्र संघ, शिक्षक संघ,अध्यापक संघ सहित अन्य संगठनों से जुड़े कर्मचारी शामिल रहे। जिन्होंने चितवन वाटिका व बिजली निगम एसई कार्यालय प्रांगण में धरना देकर सरकार के खिलाफ अपना रोष जताया।
लंबे रूट पर चलाई रोडवेज बसें
रोडवेज विभाग द्वारा मंगलवार कुल 102 बसों का संचालन किया गया जोकि रेवाड़ी, दिल्ली, महेंद्रगढ़, दादरी, सिंघाणा, झुंझुनु, जयपुर रूट पर चली। वहीं हड़ताल के चलते मंगलवार को पहली बार रोडवेज बस चंडीगढ़ रूट पर चलाई गई जिससे लंबे रूट की सवारियों को कुछ राहत मिली।
मंगलवार को चंडीगढ़ रूट पर भी बस सेवा बहाल कर दी गई है। इसके अलावा दिल्ली व जयपुर सहित लोकल रूटों पर निरंतर बस सेवा जारी है। यात्रियों को किसी प्रकार परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
्र-राजीव नागपाल, रोडवेज जीएम नारनौल।