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सीबीएसई 12वीं के परिणाम में 87 स्कूलों के आठ हजार छात्र पास

Sat, 31 Jul 2021 12:36 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 31 Jul 2021 12:36 AM IST
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8000 students passed
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने शुक्रवार को 12वीं कक्षा का परिणाम घोषित कर दिया। परिणाम घोषित होते ही विद्यार्थियों समेत अभिभावकों ने राहत की सांस ली। जिले के 87 स्कूलों के लगभग आठ हजार बच्चों ने बारहवीं कक्षा में रजिस्ट्रेशन करवाया था।
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कोरोना संक्रमण के चलते बोर्ड ने लिखित परीक्षा रद्द कर दी थी। मूल्यांकन फार्मूले के अनुसार परिणाम घोषित किया गया है। विद्यार्थियों का उनके पिछले प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन किया है। मूल्यांकन नीति के मुताबिक कक्षा 10 के थ्योरी पेपर के मार्क्स को 30 प्रतिशत वेटेज, कक्षा 11 के मार्क्स को 30 प्रतिशत वेटेज और कक्षा 12वीं के यूनिट टेस्ट/मिड-टर्म/प्री-बोर्ड परीक्षा में प्राप्त अंकों को 40 प्रतिशत वेटेज दी गई है।
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एमएलएस डीएवी स्कूल नारनौल का 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम सराहनीय रहा। अदिति हरित ने 98.8 प्रतिशत, उदितांशु ने 97.4 प्रतिशत, पूर्ति गोयल ने 97.4 प्रतिशत, विनय ने 97.2 प्रतिशत, पारस मेहता ने 97.2 प्रतिशत, अनिषा ने 97 प्रतिशत, नैना ने 97 प्रतिशत, सचिन अग्रवाल ने 96.4 प्रतिशत, योगेश ने 96.4 प्रतिशत, अदिति ने 96 प्रतिशत, मेघा ने 96 प्रतिशत, कृष्ण ने 96 प्रतिशत, विनय ने 96 प्रतिशत अंक प्राप्त किए और 95 प्रतिशत से ऊपर 40 छात्रों ने प्राप्त किए। जबकि 90 प्रतिशत से ऊपर 95 छात्रों ने अंक प्राप्त किए।
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सीएल पब्लिक स्कूल का परिणाम अच्छा रहा है। विज्ञान संकाय नॉन मेडिकल में रविकांत ने 95.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। विज्ञान संकाय मेडिकल में प्रियल ने 95.6 प्रतिशत अंक, वाणिज्य संकाय में कुमारी मिक्की ने 95 प्रतिशत अंक तथा कला संकाय में शिवानी ने 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। विद्यालय के कुल 56 विद्यार्थियों ने मेरिट में स्थान बनाया है। संस्था के प्रबंध निदेशक डॉ. अमित गुप्ता ने विद्यार्थियों को बधाई देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सीबीएसई की गाइडलाइन के अनुसार कोई भी विद्यालय चाहकर भी अपने स्कूल का अंक प्रतिशत नहीं बढ़ा सकता। सीबीएसई की तरफ से हिदायत दी गई थी कि स्कूल के 95 प्रतिशत से ऊपर के बच्चे पिछले सालों के अनुसार ही रहेंगे, उनसे एक भी बच्चा अधिक नहीं रहेगा। इससे स्कूल पर बाध्यता लगाई हुई थी कि वो अपना प्रतिशत नहीं बढ़ा सकता है। केवल स्कूलों को एक ही फायदा हुआ है कि उनका बच्चा फेल नहीं हुआ है। नए मूल्यांकन फार्मूले से परिणाम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। सीबीएसई ने सभी स्कूलों को निश्चित एवरेज दे रखी थी। इस परिणाम से नीट, जेईई की तैयारी करने वालों पर कोई कठिनाइयां नहीं हैं। वे अपनी परीक्षा के हिसाब से तैयारी में जुटे हुए हैं। - जयप्रकाश यादव, डीन आरपीएस स्कूल

सीबीएसई का मूल्यांकन फार्मूला अच्छा था, लेकिन इस परीक्षा परिणाम में टॉप विद्यार्थियों के साथ गलत हुआ है। सीबीएसई ने स्कूलों पर अंकों को लेकर बाध्यता लगाई हुई थी। इसको लेकर प्रधानमंत्री को भी ट्विटर पर सीबीएसई के सॉफ्टवेयर की त्रुटि के बारे में लिखा था, लेकिन शिकायत पर कोई संज्ञान नहीं हुआ। इस परीक्षा परिणाम में कमजोर व मीडियम बच्चों को फायदा हुआ है। टॉप विद्यार्थियों को इस परीक्षा परिणाम से मायूसी मिली है। - अनिल कौशिक, अध्यक्ष, प्रोग्रेसिव प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन
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