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Mahendragarh-Narnaul News: जिले के 18 स्कूलों के 8 हजार बच्चे होंगे प्रभावित

Sat, 25 Feb 2023 11:54 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Sat, 25 Feb 2023 11:54 PM IST
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8 thousand children of 18 schools in the district will be affected
नारनौल। शिक्षा विभाग ने अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों को नए शिक्षा सत्र से बंद करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए विभाग द्वारा प्रदेश के सभी डीसी को पत्र भी जारी किया गया है। पत्र में अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों में आगामी शैक्षणिक सत्र से दाखिला नहीं होने देने के लिए निर्देश दिए गए हैं। जिले में ऐसे 18 स्कूल हैं, जिनके पास अस्थायी मान्यता है। इन 18 स्कूलों में लगभग 6 हजार बच्चे पढ़ते हैं। इन बच्चों के अभिभावकों को नए शिक्षा सत्र में नए स्कूलों में दाखिले कराने होंगे।
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पिछले 20 साल से प्रदेश भर में 1300 से अधिक स्कूल अस्थायी मान्यता से चल रहे हैं। इनको हर साल सरकार द्वारा एक-एक की एक्सटेंशन दी जा रही है। जिले में ऐसे 18 निजी स्कूल हैं। यह 18 अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूल अटेली, नारनौल, नांगल चौधरी, कनीना और महेंद्रगढ़ में स्थित है। हर साल इन स्कूलों में बच्चों के दाखिले किए जाते हैं। इन निजी स्कूलों को सरकार हर साल एक्सटेंशन दे देती है। इसके चलते यह निजी स्कूल बच्चों के दाखिले कर लेते है लेकिन इस बार बिना स्थाई मान्यता प्राप्त कक्षाओं में निजी स्कूल अब विद्यार्थियों का दाखिला नहीं कर पाएंगे। इस कारण अब नए सत्र से शुरू होने वाली दाखिला प्रक्रिया स्टूडेंटस ही नहीं अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूल संचालकों के लिए भी चिंता का कारण बनी हुई है। विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र के माध्यम से निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि आगामी सत्र में कोई भी निजी स्कूल उन कक्षाओं में दाखिला न करे, जिन्हें निदेशालय द्वारा स्थाई मान्यता प्राप्त नहीं की गई।
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स्थायी मान्यता प्राप्त कक्षा में ही कर पाएंगे दाखिला
स्कूल शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी डीसी को पत्र लिखा है। इसमें निर्देश दिए हैं कि शैक्षणिक सत्र 2022-23 में अराजकीय स्कूलों को साल-दर-साल दी जाने वाली अस्थाई मान्यता सीएम के अनुमोदन पर इस शर्त पर दी गई थी कि संबंधित स्कूल आगामी शैक्षणिक सत्रों में केवल उन्हीं कक्षाओं में छात्रों का दाखिला करेंगे। जहां तक वे स्कूल स्थाई मान्यता प्राप्त हैं।
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अस्थायी मान्यता प्राप्त कक्षाओं में नहीं कर पाएंगे दाखिले
निजी स्कूल उन कक्षाओं में छात्रों का दाखिला नहीं कर पाएंगे, जिन कक्षाओं के संबंधित में स्कूल को निदेशालय द्वारा स्थायी मान्यता प्रदान नहीं की गई। जब तक स्कूल उन कक्षाओं के लिए निदेशालय से स्थायी मान्यता प्राप्त नहीं कर लेते, तब तक दाखिला भी नहीं कर पाएंगे।
सरकार नियमों का सरलीकरण कर दे मान्यता
निजी स्कूल शिक्षा देने का काम कर रहे हैं और काफी लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। इसलिए स्कूलों को बंद करने की बजाय सरकार नियमों का सरलीकरण कर मान्यता प्रदान करने का काम करे।

-अनिल कौशिक, जिला प्रधान, प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिएशन।

अभी तक विभाग के ऑर्डर की कॉपी नहीं मिली है। आदेश के बारे में समाचार पत्रों में ही पढ़ा है। जैसे ही आदेश आएंगे तो अस्थायी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को ऑर्डर की कापी भेज दी जाएगी।
-सुनील दत्त, जिला शिक्षा अधिकारी।
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