फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   76 children study in one room, construction of the school could not even start in two years

Mahendragarh-Narnaul News: एक कमरे में पढ़ते हैं 76 बच्चे, दो साल में स्कूल का निर्माण भी नहीं हो पाया शुरू

Wed, 30 Jul 2025 11:51 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Wed, 30 Jul 2025 11:51 PM IST
विज्ञापन
76 children study in one room, construction of the school could not even start in two years
फोटो नंबर-16मोहल्ला सराय की प्राथमिक पाठशाला के कंडम भवन से झड़ कर गिरा प्लास्टर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

नारनौल। प्रदेश का इकलाैता कंेद्रीय विश्वविद्यालय भले ही महेंद्रगढ़ में खोला गया है लेकिन यहां स्कूली िशक्षा की बुनियाद ही हिली हुई है। हालल यह हैकि कई स्कूलों के भवन तीन-चार साल से कंडम घोषितहैं लेकिन स्कूलों में जगह नहीं होने के कारण वहीं बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।
नारनौल के शिव नगर स्थित प्राथमिक पाठशाला का निर्माण कार्य कंडम घोषित होने के बावजूद करीब दो साल बीत जाने के बाद भी शुरू नहीं हो पाया है। इससे पाठशाला के 76 बच्चे सराय स्थित प्राथमिक पाठशाला के एक कमरे में पढ़ने को मजबूर हैं।
विज्ञापन

विद्यार्थियों को फिलहाल सराय स्थित प्राथमिक पाठशाला में शिफ्ट किया गया था, लेकिन कमरों की कमी से पाठशाला के लिए एक कमरा ही उपलब्ध हो पाया। एक कमरे में बाल वाटिका से लेकर 5वीं कक्षा तक के 76 बच्चे पढ़ाई करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पड़ताल में पाया गया कि सराय स्थित प्राथमिक पाठशाला में भी एक ब्लॉक को कंडम घोषित है। इसमें तीन कमरे और एक बरामदा है।
अब यहां दो स्कूल एक साथ लगने के कारण इस स्कूल में जगह की कमी भी हो गई है। इस कारण बच्चों को मिड-डे मील खाने व अध्यापकों के बैठने के लिए इसी कंडम भवन का ही उपयोग किया जा रहा है।

30 से 35 स्कूल वन सुरक्षित नहीं जिले में 457 प्राइमरी स्कूल हैं। इनकी बिल्डिंग कई स्थानों पर खराब है। मिडिल स्तर के 115, हाईस्कूल 34 और सीनियर सेकेंडरी स्कूल 116 हैं। लगभग 30 से 35 स्कूलों के भवन सुरक्षित श्रेणी में नहीं है। जिले में तीन स्कूल ऐसे भी जिन्हें कंडम घोषित कर देने के बाद उनके भवन को गिरा दिया गया और नए बनाए जाने हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed