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जींद रैली का नहीं पड़ा सरकारी कामकाज पर असर
Updated Fri, 16 Feb 2018 12:39 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल।
जींद में आयोजित अमित शाह की रैली के लिए लगाई गई अधिकारियों, पुलिस कर्मचारियों व चिकित्सकों की ड्यूटी के कारण जिला में वीरवार को सरकारी कामकाज में कोई अंतर दिखाई नहीं दिया। जिला के विभिन्न विभागों में सामान्य दिनों की तरह ही काम रहा। यहां के लघु सचिवालय, थानों तथा अस्पताल में रोजाना की तरह काम होता दिखाई दिया। हालांकि वीरवार को किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। जिसकी वजह से थानों में पुलिस कर्मचारियों की संख्या कम दिखाई दी, मगर वीरवार को ज्यादा फरियादी भी नहीं आए। वहीं सामान्य अस्पताल में वीरवार को कोई पोस्टमार्टम नहीं हुआ। वीरवार को दोपहर तीन बजे तक पांच एफआईआर जिले के सभी थानों में दर्ज की गई। जबकि औसतन सात से आठ एफआईआर ही दर्ज होती हैं। नागरिक अस्पताल में भी वीरवार को 970 ओपीडी हुई।
जींद में आयोजित भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की बाइक रैली के लिए जिले के विभिन्न अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। जिससे कामकाज प्रभावित होने का अंदेशा था, मगर जिला में कहीं भी ऐसे हालात नहीं दिखे। जिससे कामकाज प्रभावित हो। लघु सचिवालय सहित अन्य विभागों में भी सामान्य रूप से कामकाज हुआ। रैली में जिला के 50 पुलिस कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। जिसके कारण वीरवार को थानों में ज्यादा पुलिस फोर्स दिखाई नहीं दी। वहीं जिला से केवल 14 चिकित्सक ही जींद रैली के लिए गए हैं। इसलिए नागरिक अस्पताल में हालात सामान्य दिखाई दिए।
दावे ज्यादा, बाइक गई कम
जिला महेंद्रगढ़ के चार विधानसभा क्षेत्रों से बीजेपी द्वारा 4400 बाइक ले जाने का दावा किया गया था। मगर सीआईडी व सिक्योरिटी रिपोर्ट के अनुसार बीजेपी के दावे के चौथे हिस्से की बाइक भी जिले से नहीं गई। जिले से 1008 बाइक जींद के लिए गई। वहीं विपक्षी दलों का तो दावा है कि जिले से महज 500 ही बाइक गई हैं। यही कारण रहा कि यहां पर अन्य दिनों की तरह सब कुछ सामान्य रहा।
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108 में से गए 14 चिकित्सक, नहीं हुई परेशानी
जिले से 14 चिकित्सक जींद रैली के लिए गए। जिसके कारण अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी नहीं खली तथा रोजाना की तरह ओपीडी का आंकड़ा 1000 के पास रहा। वीरवार को नागरिक अस्पताल में 970 ओपीडी रही। हालांकि सुबह दस बजे के करीब लोगों की भीड़ जरूर नागरिक अस्पताल में दिखी, मगर दोपहर एक बजे तक सभी मरीजों को देखा जा चुका था।
ट्रैफिक पुलिस दिखी मुस्तैद
ट्रैफिक पुलिस भी चौराहों पर दिखाई दे रही थी। सुबह से दोपहर 12 बजे तक शहर में कहीं भी ट्रैफिक जाम की स्थिति नहीं बनी। ट्रैफिक पुलिस के कर्मचारी भी यहां के व्यस्ततम महावीर चौक पर वाहनों को सुचारु रूप से निकाल रहे थे।
अधिकारियों की नहीं थी ड्यूटी
जिले के अधिकारियों की जींद रैली में ड्यूटी नहीं लगाई गई थी। डीसी व सीटीएम यहां आयोजित कार्यक्रमों व अपने कार्यालयों में ही कामकाज निपटाते दिखाई दिए। यहां से अधिकारियों या कर्मचारियों की ड्यूटी नहीं होने के कारण लघु सचिवालय में सामान्य दिनों की तरह कामकाज होता रहा। इससे लोगों को कोई खास परेशानी नहीं हुई।
जिले में दर्ज हुई पांच एफआईआर
जिला में तीन बजे तक पांच एफआईआर दर्ज हुई। पुलिस पीआरओ नरेश कुमार ने बताया कि जिले में औसतन दिन में सात से आठ एफआईआर दर्ज होती हैं। पुलिस का काम-काज पूरी तरह सामान्य रहा है।
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नारनौल।
जींद में आयोजित अमित शाह की रैली के लिए लगाई गई अधिकारियों, पुलिस कर्मचारियों व चिकित्सकों की ड्यूटी के कारण जिला में वीरवार को सरकारी कामकाज में कोई अंतर दिखाई नहीं दिया। जिला के विभिन्न विभागों में सामान्य दिनों की तरह ही काम रहा। यहां के लघु सचिवालय, थानों तथा अस्पताल में रोजाना की तरह काम होता दिखाई दिया। हालांकि वीरवार को किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। जिसकी वजह से थानों में पुलिस कर्मचारियों की संख्या कम दिखाई दी, मगर वीरवार को ज्यादा फरियादी भी नहीं आए। वहीं सामान्य अस्पताल में वीरवार को कोई पोस्टमार्टम नहीं हुआ। वीरवार को दोपहर तीन बजे तक पांच एफआईआर जिले के सभी थानों में दर्ज की गई। जबकि औसतन सात से आठ एफआईआर ही दर्ज होती हैं। नागरिक अस्पताल में भी वीरवार को 970 ओपीडी हुई।
जींद में आयोजित भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की बाइक रैली के लिए जिले के विभिन्न अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। जिससे कामकाज प्रभावित होने का अंदेशा था, मगर जिला में कहीं भी ऐसे हालात नहीं दिखे। जिससे कामकाज प्रभावित हो। लघु सचिवालय सहित अन्य विभागों में भी सामान्य रूप से कामकाज हुआ। रैली में जिला के 50 पुलिस कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। जिसके कारण वीरवार को थानों में ज्यादा पुलिस फोर्स दिखाई नहीं दी। वहीं जिला से केवल 14 चिकित्सक ही जींद रैली के लिए गए हैं। इसलिए नागरिक अस्पताल में हालात सामान्य दिखाई दिए।
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दावे ज्यादा, बाइक गई कम
जिला महेंद्रगढ़ के चार विधानसभा क्षेत्रों से बीजेपी द्वारा 4400 बाइक ले जाने का दावा किया गया था। मगर सीआईडी व सिक्योरिटी रिपोर्ट के अनुसार बीजेपी के दावे के चौथे हिस्से की बाइक भी जिले से नहीं गई। जिले से 1008 बाइक जींद के लिए गई। वहीं विपक्षी दलों का तो दावा है कि जिले से महज 500 ही बाइक गई हैं। यही कारण रहा कि यहां पर अन्य दिनों की तरह सब कुछ सामान्य रहा।
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108 में से गए 14 चिकित्सक, नहीं हुई परेशानी
जिले से 14 चिकित्सक जींद रैली के लिए गए। जिसके कारण अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी नहीं खली तथा रोजाना की तरह ओपीडी का आंकड़ा 1000 के पास रहा। वीरवार को नागरिक अस्पताल में 970 ओपीडी रही। हालांकि सुबह दस बजे के करीब लोगों की भीड़ जरूर नागरिक अस्पताल में दिखी, मगर दोपहर एक बजे तक सभी मरीजों को देखा जा चुका था।
ट्रैफिक पुलिस दिखी मुस्तैद
ट्रैफिक पुलिस भी चौराहों पर दिखाई दे रही थी। सुबह से दोपहर 12 बजे तक शहर में कहीं भी ट्रैफिक जाम की स्थिति नहीं बनी। ट्रैफिक पुलिस के कर्मचारी भी यहां के व्यस्ततम महावीर चौक पर वाहनों को सुचारु रूप से निकाल रहे थे।
अधिकारियों की नहीं थी ड्यूटी
जिले के अधिकारियों की जींद रैली में ड्यूटी नहीं लगाई गई थी। डीसी व सीटीएम यहां आयोजित कार्यक्रमों व अपने कार्यालयों में ही कामकाज निपटाते दिखाई दिए। यहां से अधिकारियों या कर्मचारियों की ड्यूटी नहीं होने के कारण लघु सचिवालय में सामान्य दिनों की तरह कामकाज होता रहा। इससे लोगों को कोई खास परेशानी नहीं हुई।
जिले में दर्ज हुई पांच एफआईआर
जिला में तीन बजे तक पांच एफआईआर दर्ज हुई। पुलिस पीआरओ नरेश कुमार ने बताया कि जिले में औसतन दिन में सात से आठ एफआईआर दर्ज होती हैं। पुलिस का काम-काज पूरी तरह सामान्य रहा है।