{"_id":"6410afc5d4600bbcfd051369","slug":"7-7-years-rigorous-imprisonment-to-two-convicts-of-sexually-assaulting-a-minor-narnol-news-c-17-1-93490-2023-03-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: नाबालिग से यौन उत्पीड़न के दो दोषियों को 7-7 साल कठोर कारावास की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: नाबालिग से यौन उत्पीड़न के दो दोषियों को 7-7 साल कठोर कारावास की सजा
Tue, 14 Mar 2023 11:03 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 14 Mar 2023 11:03 PM IST
विज्ञापन
नारनौल। नाबालिग पीड़िता के साथ यौन उत्पीड़न करने के मामले में न्यायाधीश अमनदीप दीवान की स्पेशल कोर्ट ने राजेश और विक्रम को दोषी करार देते हुए सात-सात साल की कठोर कारावास की सजा और एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना राशि नहीं भरने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी पड़ेगी।
मामले के अनुसार 17 मई 2019 को नाबालिग पीड़िता के बयान पर महिला थाना नारनौल में मामला दर्ज किया गया था जिसमें आरोपियों के द्वारा 17 मई 2019 को पीड़िता को रात के समय जबरदस्ती उठाकर ले जाने और उसके साथ यौन उत्पीड़न (सेक्सुअल असॉल्ट) करने के आरोप थे। इस संबंध में महिला थाना नारनौल ने आईपीसी और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत पंजीबद्ध किया था। पीड़िता ने बताया था कि रात के समय में दोनों आरोपी जबरदस्ती उसे उठाकर अपने घर ले गए थे। पीड़िता के शोर मचाने पर उसके परिजन वहां आ गए थे। मामले की सुनवाई न्यायाधीश अमनदीप दीवान की स्पेशल कोर्ट नारनौल में हुई। न्यायालय में सुनवाई के दौरान उप जिला न्यायवादी भारत भूषण दहिया ने मामले में अभियोजन के पक्ष में प्रभावशाली पैरवी करते हुए न्यायाधीश के सम्मुख दलीलें पेश करते हुए आरोपियों को सजा दिलाने में भूमिका निभाई। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मामले को बहुत ही संगीन माना और जांच इकाई की उत्कृष्ट पैरवी एवं प्रॉसीक्यूशन द्वारा पेश की गई मजबूत दलीलों से दोषियों की सजा में कोई नरमी नहीं बरती।
विज्ञापन
मामले के अनुसार 17 मई 2019 को नाबालिग पीड़िता के बयान पर महिला थाना नारनौल में मामला दर्ज किया गया था जिसमें आरोपियों के द्वारा 17 मई 2019 को पीड़िता को रात के समय जबरदस्ती उठाकर ले जाने और उसके साथ यौन उत्पीड़न (सेक्सुअल असॉल्ट) करने के आरोप थे। इस संबंध में महिला थाना नारनौल ने आईपीसी और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत पंजीबद्ध किया था। पीड़िता ने बताया था कि रात के समय में दोनों आरोपी जबरदस्ती उसे उठाकर अपने घर ले गए थे। पीड़िता के शोर मचाने पर उसके परिजन वहां आ गए थे। मामले की सुनवाई न्यायाधीश अमनदीप दीवान की स्पेशल कोर्ट नारनौल में हुई। न्यायालय में सुनवाई के दौरान उप जिला न्यायवादी भारत भूषण दहिया ने मामले में अभियोजन के पक्ष में प्रभावशाली पैरवी करते हुए न्यायाधीश के सम्मुख दलीलें पेश करते हुए आरोपियों को सजा दिलाने में भूमिका निभाई। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मामले को बहुत ही संगीन माना और जांच इकाई की उत्कृष्ट पैरवी एवं प्रॉसीक्यूशन द्वारा पेश की गई मजबूत दलीलों से दोषियों की सजा में कोई नरमी नहीं बरती।
विज्ञापन