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नगर परिषद के बजट में जितना आय, उतना खर्च होने की उम्मीद
Updated Tue, 30 Jan 2018 12:56 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल।
नगर परिषद नारनौल सदन की बजट बैठक सोमवार को प्रधान कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में शहर के 25 वार्डों से 21 पार्षदों की मौजूदगी रही, जबकि तीन पुरुष व एक महिला पार्षद बैठक में अनुपस्थित रहे। इसके अलावा एक मनोनीत पार्षद भी बैठक में मौजूद नहीं दिखा।
बैठक की कार्यवाही शुरू करते हुए नगर परिषद के अकाउंट अधिकारी अनिल कुमार ने आगामी वित्त वर्ष 2018-19 के लिए आय-व्यय का बजट सदन के सामने रखा। जिसमें सदन के सदस्यों ने शहरों के पार्कों की देखरेख के लिए निर्धारित दो लाख रुपये के बजट को बढ़ाकर दस लाख करवाने की मांग के साथ सर्वसम्मति से पास किया। इसमें नगर परिषद ने विभिन्न संसाधनों के माध्यम से अपनी आय के लिए 11 करोड़ 85 लाख 90 हजार रुपये का अनुमानित बजट निर्धारित किया। वहीं व्यय के लिए 11 करोड़ 78 करोड़ 5 हजार रुपये का बजट पेश किया। इस प्रकार नारनौल नगर परिषद ने पिछले वित्त वर्ष 2017-18 के मुकाबले इस वित्त वर्ष 2018-19 में आय के रूप में 1 करोड़ 75 लाख 84 हजार रुपये का बजट बढ़ोतरी के साथ पेश किया। वहीं पिछले वित्त वर्ष में व्यय के लिए 10 करोड़ 81 लाख 7600 रुपये का बजट निर्धारित किया गया था। वहीं इस वित्त वर्ष में 11 करोड़ 73 लाख 35 हजार रुपये का अनुमानित बजट रखा गया। इस प्रकार वित्त वर्ष 2018-19 का बजट 97 लाख 27 हजार 400 रुपये की बढ़ोतरी के पेश किया गया।
- पार्षदों की पार्कों का बजट बढ़ाने की मांग
सदन के सामने रखे गए बजट में शहर के पार्कों की देखरेख के लिए 2 लाख रुपये निर्धारित किए गए। जिस पर सदन सदस्यों ने अपनी आपत्ति जताते हुए इस अनुमानित बजट को बढ़ाकर दस लाख रुपये करने की मांग रखी। जिस पर अकाउंट अधिकारी ने नगर परिषद चेयरपर्सन भारती सैनी व ईओ अभय सिंह से विचार-विमर्श कर पार्कों के लिए निर्धारित बजट को बढ़ाने की बात कही। जिसके बाद सदन सदस्यों ने सर्वसम्मति से बजट को पास किया।
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- इन कार्यों पर खर्च होगा बजट
2018-19 वित्त वर्ष बजट में नगर परिषद ने स्थापना हेतु 5 करोड़ 43 लाख 15 हजार रुपये बजट रखा है। चुनाव खर्च के लिए 10 हजार रुपये, आडिट फीस 3 लाख रुपये, कानूनी सहायता हेतु ढाई लाख रुपये, कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति लाभ के लिए 40 लाख रुपये का बजट रखा है। इसी प्रकार आकस्मिक योजना के लिए 90 लाख रुपये, टीए बिल हेतु 50 हजार रुपये, डीयूएलबी शेयर हेतु 5 लाख रुपये तथा शहर की सड़कों व मोहल्लों में जलने वाली स्ट्रीट लाइटों के बिजली बिल के लिए 30 लाख रुपये निर्धारित किया है। जबकि स्ट्रीट लाइटों की खरीदने व उनके लगाने हेतु ठेकेदार के लिए 50 लाख रुपये, शहर की साफ-सफाई व स्वच्छता के अनुबंध हेतु सबसे अधिक 4 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट रखा है। वहीं शहर के पार्कों के रख-रखाव व मरम्मत हेतु दो लाख रुपये का बजट रखा गया, लेकिन सदन के विरोध के बाद यह अनुमानित बजट बढ़ाकर दस लाख रुपये किया गया। इसी प्रकार हाउस टैक्स एकत्रित करने के लिए अनुबंध हेतु 2 लाख रुपये, दमकल विभाग के वाहनों की रिपेयर के लिए 50 हजार रुपये, विकास कार्यों व शहरी गरीबों को बुनियादी सेवाएं प्रदान करने के लिए 5 लाख रुपये, सस्पेंस की स्थिति में कार्य हेतु 2 लाख रुपये, साफ-सफाई के औजारों के लिए डेढ़ लाख रुपये, मैरिज लोन के लिए एक लाख रुपये तथा आनलाइन नागरिक सुविधा केंद्र के लिए 10 हजार रुपये का बजट निर्धारित किया गया।
- नगर परिषद को इनसे होगी इनकम
नगर परिषद द्वारा पेश किए गए वित्त वर्ष 2018-19 में व्यय बजट 11 करोड़ 78 लाख 35 हजार रुपये रखा गया। वहीं आय का अनुमानित बजट 11 करोड़ 85 लाख 90 हजार रुपये निर्धारित किया गया। इस प्रकार नगर परिषद विभिन्न संसाधनों से अपना खजाना भरेगी। इसमें प्रापर्टी टैक्स के माध्यम से नगर परिषद 1 करोड़ 40 लाख रुपये वसूलने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी प्रकार फायर टैक्स के माध्यम से 9 लाख रुपये, नगर परिषद की दुकानों व अन्य संसाधनों से किराये के रूप में 70 लाख रुपये तहबाजारी के तहत 5 लाख रुपये, स्टांप ड्यूटी के रूप में 3 करोड़ 20 लाख रुपये व विकास शुल्क के माध्यम से 2 करोड़ 20 लाख रुपये वसूलने का टारगेट रखा गया है। इसके अलावा बिल्डिंग फीस के माध्यम से 80 लाख रुपये, इलेक्ट्रिक ड्यूटी से 40 लाख रुपये, फायर चार्ज व लाइसेंस फीस से 2-2 लाख रुपये, प्रतिलिपि फीस 2 लाख रुपये, ब्याज के माध्यम से 12 लाख रुपये, शो-टैक्स दस हजार रुपये, रोड कटिंग चार्ज 3 लाख रुपये, एसडब्ल्यूएम चार्ज से 17 लाख व एक्साइज ड्यूटी से 1 करोड़ 35 लाख रुपये की अनुमानित इनकम होने का लक्ष्य रखा है। कंपोजिशन फीस के माध्यम से 80 हजार रुपये, सस्पेंस के माध्यम 18 लाख रुपये, बाहरी विज्ञापन के माध्यम से 7 लाख व सेल आफ लेंड से 4 लाख रुपये की आमदनी नगर परिषद को होगी।
- बैठक में पांच पार्षद रहे अनुपस्थित
शहर में कुल 25 वार्ड पार्षद हैं। इनके अलावा दो मनोनीत पार्षद भी हैं, लेकिन आज की बैठक में केवल 21 निर्वाचित व एक मनोनीत पार्षद ही मौजूद थे। जबकि बैठक में वार्ड नंबर 8 से प्रमोद तरेडिया, वार्ड नंबर 14 से रजनी, वार्ड नंबर 18 से केशव संघी, वार्ड नंबर 22 नगर परिषद उप प्रधान मनोज जांगड़ा तथा एक मनोनीत पार्षद भी अनुपस्थित रहा।
-गत बजट में नप द्वारा खर्च की गई राशि व हुई इनकम
नगर परिषद ने गत 2017-18 व्यय के लिए 10 करोड़ 81 लाख 76 सौ रुपये का बजट रखा गया था, परंतु नगर परिषद द्वारा 31 दिसंबर 2017 तक केवल 8 करोड़ 32 लाख 18 हजार 320 रुपये ही खर्च किए गए है। जबकि वर्ष 2016-17 में 8 करोड़ 15 लाख 24 हजार 683 रुपये ही खर्च किए गए थे। इसी प्रकार आय के लिए नगर परिषद ने वर्ष 2017-18 में 11 करोड़ 60 हजार रुपये की इनकम का लक्ष्य रखा था, परंतु 31 दिसंबर 2017 तक नगर परिषद अपने विभिन्न संसाधनों के माध्यम से मात्र 3 करोड़ 71 लाख 61 हजार 723 रुपये की ही राशि अपने खजाने में जमा कर पाई। जबकि वर्ष 2016-17 में 99 लाख 79 हजार 687 रुपये की इनकम हो पाई थी।
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नारनौल।
नगर परिषद नारनौल सदन की बजट बैठक सोमवार को प्रधान कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में शहर के 25 वार्डों से 21 पार्षदों की मौजूदगी रही, जबकि तीन पुरुष व एक महिला पार्षद बैठक में अनुपस्थित रहे। इसके अलावा एक मनोनीत पार्षद भी बैठक में मौजूद नहीं दिखा।
बैठक की कार्यवाही शुरू करते हुए नगर परिषद के अकाउंट अधिकारी अनिल कुमार ने आगामी वित्त वर्ष 2018-19 के लिए आय-व्यय का बजट सदन के सामने रखा। जिसमें सदन के सदस्यों ने शहरों के पार्कों की देखरेख के लिए निर्धारित दो लाख रुपये के बजट को बढ़ाकर दस लाख करवाने की मांग के साथ सर्वसम्मति से पास किया। इसमें नगर परिषद ने विभिन्न संसाधनों के माध्यम से अपनी आय के लिए 11 करोड़ 85 लाख 90 हजार रुपये का अनुमानित बजट निर्धारित किया। वहीं व्यय के लिए 11 करोड़ 78 करोड़ 5 हजार रुपये का बजट पेश किया। इस प्रकार नारनौल नगर परिषद ने पिछले वित्त वर्ष 2017-18 के मुकाबले इस वित्त वर्ष 2018-19 में आय के रूप में 1 करोड़ 75 लाख 84 हजार रुपये का बजट बढ़ोतरी के साथ पेश किया। वहीं पिछले वित्त वर्ष में व्यय के लिए 10 करोड़ 81 लाख 7600 रुपये का बजट निर्धारित किया गया था। वहीं इस वित्त वर्ष में 11 करोड़ 73 लाख 35 हजार रुपये का अनुमानित बजट रखा गया। इस प्रकार वित्त वर्ष 2018-19 का बजट 97 लाख 27 हजार 400 रुपये की बढ़ोतरी के पेश किया गया।
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- पार्षदों की पार्कों का बजट बढ़ाने की मांग
सदन के सामने रखे गए बजट में शहर के पार्कों की देखरेख के लिए 2 लाख रुपये निर्धारित किए गए। जिस पर सदन सदस्यों ने अपनी आपत्ति जताते हुए इस अनुमानित बजट को बढ़ाकर दस लाख रुपये करने की मांग रखी। जिस पर अकाउंट अधिकारी ने नगर परिषद चेयरपर्सन भारती सैनी व ईओ अभय सिंह से विचार-विमर्श कर पार्कों के लिए निर्धारित बजट को बढ़ाने की बात कही। जिसके बाद सदन सदस्यों ने सर्वसम्मति से बजट को पास किया।
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- इन कार्यों पर खर्च होगा बजट
2018-19 वित्त वर्ष बजट में नगर परिषद ने स्थापना हेतु 5 करोड़ 43 लाख 15 हजार रुपये बजट रखा है। चुनाव खर्च के लिए 10 हजार रुपये, आडिट फीस 3 लाख रुपये, कानूनी सहायता हेतु ढाई लाख रुपये, कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति लाभ के लिए 40 लाख रुपये का बजट रखा है। इसी प्रकार आकस्मिक योजना के लिए 90 लाख रुपये, टीए बिल हेतु 50 हजार रुपये, डीयूएलबी शेयर हेतु 5 लाख रुपये तथा शहर की सड़कों व मोहल्लों में जलने वाली स्ट्रीट लाइटों के बिजली बिल के लिए 30 लाख रुपये निर्धारित किया है। जबकि स्ट्रीट लाइटों की खरीदने व उनके लगाने हेतु ठेकेदार के लिए 50 लाख रुपये, शहर की साफ-सफाई व स्वच्छता के अनुबंध हेतु सबसे अधिक 4 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट रखा है। वहीं शहर के पार्कों के रख-रखाव व मरम्मत हेतु दो लाख रुपये का बजट रखा गया, लेकिन सदन के विरोध के बाद यह अनुमानित बजट बढ़ाकर दस लाख रुपये किया गया। इसी प्रकार हाउस टैक्स एकत्रित करने के लिए अनुबंध हेतु 2 लाख रुपये, दमकल विभाग के वाहनों की रिपेयर के लिए 50 हजार रुपये, विकास कार्यों व शहरी गरीबों को बुनियादी सेवाएं प्रदान करने के लिए 5 लाख रुपये, सस्पेंस की स्थिति में कार्य हेतु 2 लाख रुपये, साफ-सफाई के औजारों के लिए डेढ़ लाख रुपये, मैरिज लोन के लिए एक लाख रुपये तथा आनलाइन नागरिक सुविधा केंद्र के लिए 10 हजार रुपये का बजट निर्धारित किया गया।
- नगर परिषद को इनसे होगी इनकम
नगर परिषद द्वारा पेश किए गए वित्त वर्ष 2018-19 में व्यय बजट 11 करोड़ 78 लाख 35 हजार रुपये रखा गया। वहीं आय का अनुमानित बजट 11 करोड़ 85 लाख 90 हजार रुपये निर्धारित किया गया। इस प्रकार नगर परिषद विभिन्न संसाधनों से अपना खजाना भरेगी। इसमें प्रापर्टी टैक्स के माध्यम से नगर परिषद 1 करोड़ 40 लाख रुपये वसूलने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी प्रकार फायर टैक्स के माध्यम से 9 लाख रुपये, नगर परिषद की दुकानों व अन्य संसाधनों से किराये के रूप में 70 लाख रुपये तहबाजारी के तहत 5 लाख रुपये, स्टांप ड्यूटी के रूप में 3 करोड़ 20 लाख रुपये व विकास शुल्क के माध्यम से 2 करोड़ 20 लाख रुपये वसूलने का टारगेट रखा गया है। इसके अलावा बिल्डिंग फीस के माध्यम से 80 लाख रुपये, इलेक्ट्रिक ड्यूटी से 40 लाख रुपये, फायर चार्ज व लाइसेंस फीस से 2-2 लाख रुपये, प्रतिलिपि फीस 2 लाख रुपये, ब्याज के माध्यम से 12 लाख रुपये, शो-टैक्स दस हजार रुपये, रोड कटिंग चार्ज 3 लाख रुपये, एसडब्ल्यूएम चार्ज से 17 लाख व एक्साइज ड्यूटी से 1 करोड़ 35 लाख रुपये की अनुमानित इनकम होने का लक्ष्य रखा है। कंपोजिशन फीस के माध्यम से 80 हजार रुपये, सस्पेंस के माध्यम 18 लाख रुपये, बाहरी विज्ञापन के माध्यम से 7 लाख व सेल आफ लेंड से 4 लाख रुपये की आमदनी नगर परिषद को होगी।
- बैठक में पांच पार्षद रहे अनुपस्थित
शहर में कुल 25 वार्ड पार्षद हैं। इनके अलावा दो मनोनीत पार्षद भी हैं, लेकिन आज की बैठक में केवल 21 निर्वाचित व एक मनोनीत पार्षद ही मौजूद थे। जबकि बैठक में वार्ड नंबर 8 से प्रमोद तरेडिया, वार्ड नंबर 14 से रजनी, वार्ड नंबर 18 से केशव संघी, वार्ड नंबर 22 नगर परिषद उप प्रधान मनोज जांगड़ा तथा एक मनोनीत पार्षद भी अनुपस्थित रहा।
-गत बजट में नप द्वारा खर्च की गई राशि व हुई इनकम
नगर परिषद ने गत 2017-18 व्यय के लिए 10 करोड़ 81 लाख 76 सौ रुपये का बजट रखा गया था, परंतु नगर परिषद द्वारा 31 दिसंबर 2017 तक केवल 8 करोड़ 32 लाख 18 हजार 320 रुपये ही खर्च किए गए है। जबकि वर्ष 2016-17 में 8 करोड़ 15 लाख 24 हजार 683 रुपये ही खर्च किए गए थे। इसी प्रकार आय के लिए नगर परिषद ने वर्ष 2017-18 में 11 करोड़ 60 हजार रुपये की इनकम का लक्ष्य रखा था, परंतु 31 दिसंबर 2017 तक नगर परिषद अपने विभिन्न संसाधनों के माध्यम से मात्र 3 करोड़ 71 लाख 61 हजार 723 रुपये की ही राशि अपने खजाने में जमा कर पाई। जबकि वर्ष 2016-17 में 99 लाख 79 हजार 687 रुपये की इनकम हो पाई थी।