{"_id":"6a91cf656766b509500684d0","slug":"6-storey-bird-shelter-in-ateli-providing-shelter-to-1500-birds-narnol-news-c-196-1-nnl1010-144515-2026-08-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: अटेली में पक्षियों के लिए 6 मंजिला आशियाना, 1500 को शरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: अटेली में पक्षियों के लिए 6 मंजिला आशियाना, 1500 को शरण
विज्ञापन
फोटो 12 पक्षियों के लिए बनाया गया 60 फीट ऊंचा आशियाना। संवाद
- फोटो : दीक्षा महोत्सव कार्यक्रम में विजयी प्रतिभागी। स्रोत मंदिर प्रशासन
मंडी अटेली। गांव बिहाली स्थित बाबा सेवा दास मंदिर परिसर में पक्षियों के लिए एक 6 मंजिला विशाल आशियाना बनाया गया है। इस अनूठी पहल से करीब 1500 पक्षी एक साथ सुरक्षित बसेरा कर सकेंगे। यह आशियाना बेजुबान पक्षियों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह 60 फीट ऊंची संरचना तेज धूप, आंधी और बरसात में पक्षियों को सुरक्षित शरण देगी। मंदिर सेवक समिति के सदस्य प्रहलाद सिंह ने बताया कि गर्मियों में पक्षियों को पानी और बैठने की जगह की दिक्कत होती थी। तेज आंधी-बारिश में घोंसले टूट जाते थे।
आवारा कुत्तों व बिल्लियों के हमलों से पक्षियों की मौत भी होती थी। इन समस्याओं को देखते हुए मंदिर परिसर में यह विशेष आशियाना बनवाया गया है। आशियाने के नीचे 15 बाई 15 फीट का चबूतरा है, जहां पानी और दाने की नियमित व्यवस्था रहेगी। महंत मंगल दास के सान्निध्य में यह कार्य संपन्न हुआ।
विज्ञापन
आशियाने की हर मंजिल पर पक्षियों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह है। ऊंचाई के कारण शिकारी जानवर वहां तक नहीं पहुंच पाएंगे। समिति ने आशियाने के अंदर और आसपास दाने-पानी की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित की है। मंदिर प्रबंधन इसे हरियाली से जोड़ने के लिए पौधे लगाएगा। पर्यावरण प्रेमियों ने इसे पक्षियों के अस्तित्व के लिए मददगार बताया है।
विज्ञापन
यह 60 फीट ऊंची संरचना तेज धूप, आंधी और बरसात में पक्षियों को सुरक्षित शरण देगी। मंदिर सेवक समिति के सदस्य प्रहलाद सिंह ने बताया कि गर्मियों में पक्षियों को पानी और बैठने की जगह की दिक्कत होती थी। तेज आंधी-बारिश में घोंसले टूट जाते थे।
विज्ञापन
आवारा कुत्तों व बिल्लियों के हमलों से पक्षियों की मौत भी होती थी। इन समस्याओं को देखते हुए मंदिर परिसर में यह विशेष आशियाना बनवाया गया है। आशियाने के नीचे 15 बाई 15 फीट का चबूतरा है, जहां पानी और दाने की नियमित व्यवस्था रहेगी। महंत मंगल दास के सान्निध्य में यह कार्य संपन्न हुआ।
विज्ञापन
आशियाने की हर मंजिल पर पक्षियों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह है। ऊंचाई के कारण शिकारी जानवर वहां तक नहीं पहुंच पाएंगे। समिति ने आशियाने के अंदर और आसपास दाने-पानी की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित की है। मंदिर प्रबंधन इसे हरियाली से जोड़ने के लिए पौधे लगाएगा। पर्यावरण प्रेमियों ने इसे पक्षियों के अस्तित्व के लिए मददगार बताया है।