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Mahendragarh-Narnaul News: पढ़ाई छोड़ चूल्हा चौका संभाल रहीं 52 युवतियां अब आईटीआई में निखारेंगी कौशल
Tue, 10 Oct 2023 12:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 10 Oct 2023 12:33 AM IST
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महेंद्रगढ़। राजकीय महिला आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) के प्रयासों से पिछले 10 सालों से पढ़ाई छोड़ घर का चूल्हा चौका संभाल रहीं 52 युवतियां अब संस्थान में अपना कौशल निखार आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम कर रही हैं। आईटीआई के प्रयासों से जुलाई व अगस्त में चलाए अभियान के तहत 40 गांवों में ग्राम पंचायतें, आंगनबाड़ी, राजकीय विद्यालयों सहित गांवों के मुखिया भी आगे आए। संस्थान के इन प्रयासों से पिछले 40 सालों में पहली बार संस्थान की सभी सीटें फुल हुई हैं। आईटीआई में 204 सीटें निर्धारित थी। इनमें से 196 सीटों पर पहले ही दाखिले पूरे हो गए थे। वहीं, ऑन स्पॉट दाखिला प्रक्रिया के तहत रिक्त आठ सीटों पर भी दाखिले हो चुके हैं।
संस्थान की पांच टीमों ने के प्रयास से सीटें हुई फुल
संस्थान की नौ अनुदेशकों सहित कर्मचारियों की पांच टीमों ने क्षेत्र के 40 से अधिक गांवों में अभियान के तहत ग्राम पंचायतों से लेकर सरकारी विद्यालयों तक आठवीं, दसवीं व ग्रेजुएशन करने के बाद पढ़ाई छोड़ने वाली छात्राओं की पहचान की। इसके बाद इन्हें संस्थान में दाखिला लेने के लिए प्रेरित किया गया। अब यह 52 छात्राएं संस्थान की छह ट्रेडों में प्रवेश लेकर अपने हनुर को निखार रही हैं। छात्राओं ने बताया कि वर्तमान समय में सभी को सरकारी रोजगार देना संभव नहीं है। ऐसे में महिलाएं स्वरोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
बॉक्स
दस साल पहले स्नातक करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। अब दोबारा से कॉस्टमैटोलॉजी में प्रवेश लेकर बारीकियां सीख रही हूं। स्वयं का रोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बनेंगी। जिन परिवारों में महिला-पुरुष दोनों आर्थिक रूप से सक्षम होते हैं, वह परिवार अधिक कामयाब होते हैं।
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-छात्रा कविता, महेंद्रगढ़।
13 साल पहले स्नातक करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। इसके बाद नौकरी की तैयारी शुरू कर दी, लेकिन रोजगार नहीं मिला तो आत्मनिर्भरता के लिए आईटीआई में प्रवेश के लिए उत्साह मिला। अब कोपा ट्रेड में दाखिला लिया। सरकारी कार्यालयों में महिलाएं भी कंप्यूटर शिक्षा लेकर रोजगार कर रही हैं। कोर्स पूरा होने के बाद फिर से नौकरी की तैयारी शुरू करेगी।
-छात्रा मधुबाला, निवासी मांडोला।
वर्तमान समय में परिस्थितियां ऐसी हैं किस सभी को रोजगार नहीं मिल सकता। इसलिए विशेषकर महिलाओं को आत्मनिर्भर होने के लिए स्वयं को कौशल को निखारना होगा। किन्हीं कारणों से तीन साल पहले पढ़ाई छोड़ दी थी। अब कौशल निखारेगी जिससे एक बार फिर से सुनहरे भविष्य की उम्मीद जगी है।
-छात्रा सलोनी शर्मा, महेंद्रगढ़।
पांच साल पहले मजबूरी में पढ़ाई छोड़ दी थी, लेकिन अब आईटीआई में सिलाई-कटाई का प्रशिक्षण ले रही है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद स्वरोजगार स्थापित कर 100 से अधिक महिलाओं को रोजगार देने की इच्छा है। ट्रेड में सिलाई कटाई की बारीकियां सीख रही है। कोर्स पूरा होते ही स्वरोजगार की दिशा में तेजी से प्रयास शुरू कर देगी।
-छात्रा सोनिया, महेंद्रगढ़।
संस्थान के प्रयासों से इस बार सभी सीटों पर दाखिले पूरे हो गए हैं। अनुभवी अनुदेशकों के माध्यम से 204 छात्राओं को कौशल विकास काे प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दो माह चलाए गए अभियान के माध्यम से उन छात्राओं को प्रेरित किया गया जो किसी कारण से पढ़ाई छोड़ चुकी थी। इसमें ग्राम पंचायतों व विद्यालयों ने भी सहयोग किया, जिसके सार्थक परिणाम आए और इस समय सभी सीटें फूल हैं।
-हर्षवर्धन शर्मा, प्राचार्य, महिला आईटीआई, महेंद्रगढ़।
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संस्थान की पांच टीमों ने के प्रयास से सीटें हुई फुल
संस्थान की नौ अनुदेशकों सहित कर्मचारियों की पांच टीमों ने क्षेत्र के 40 से अधिक गांवों में अभियान के तहत ग्राम पंचायतों से लेकर सरकारी विद्यालयों तक आठवीं, दसवीं व ग्रेजुएशन करने के बाद पढ़ाई छोड़ने वाली छात्राओं की पहचान की। इसके बाद इन्हें संस्थान में दाखिला लेने के लिए प्रेरित किया गया। अब यह 52 छात्राएं संस्थान की छह ट्रेडों में प्रवेश लेकर अपने हनुर को निखार रही हैं। छात्राओं ने बताया कि वर्तमान समय में सभी को सरकारी रोजगार देना संभव नहीं है। ऐसे में महिलाएं स्वरोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
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दस साल पहले स्नातक करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। अब दोबारा से कॉस्टमैटोलॉजी में प्रवेश लेकर बारीकियां सीख रही हूं। स्वयं का रोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बनेंगी। जिन परिवारों में महिला-पुरुष दोनों आर्थिक रूप से सक्षम होते हैं, वह परिवार अधिक कामयाब होते हैं।
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-छात्रा कविता, महेंद्रगढ़।
13 साल पहले स्नातक करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। इसके बाद नौकरी की तैयारी शुरू कर दी, लेकिन रोजगार नहीं मिला तो आत्मनिर्भरता के लिए आईटीआई में प्रवेश के लिए उत्साह मिला। अब कोपा ट्रेड में दाखिला लिया। सरकारी कार्यालयों में महिलाएं भी कंप्यूटर शिक्षा लेकर रोजगार कर रही हैं। कोर्स पूरा होने के बाद फिर से नौकरी की तैयारी शुरू करेगी।
-छात्रा मधुबाला, निवासी मांडोला।
वर्तमान समय में परिस्थितियां ऐसी हैं किस सभी को रोजगार नहीं मिल सकता। इसलिए विशेषकर महिलाओं को आत्मनिर्भर होने के लिए स्वयं को कौशल को निखारना होगा। किन्हीं कारणों से तीन साल पहले पढ़ाई छोड़ दी थी। अब कौशल निखारेगी जिससे एक बार फिर से सुनहरे भविष्य की उम्मीद जगी है।
-छात्रा सलोनी शर्मा, महेंद्रगढ़।
पांच साल पहले मजबूरी में पढ़ाई छोड़ दी थी, लेकिन अब आईटीआई में सिलाई-कटाई का प्रशिक्षण ले रही है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद स्वरोजगार स्थापित कर 100 से अधिक महिलाओं को रोजगार देने की इच्छा है। ट्रेड में सिलाई कटाई की बारीकियां सीख रही है। कोर्स पूरा होते ही स्वरोजगार की दिशा में तेजी से प्रयास शुरू कर देगी।
-छात्रा सोनिया, महेंद्रगढ़।
संस्थान के प्रयासों से इस बार सभी सीटों पर दाखिले पूरे हो गए हैं। अनुभवी अनुदेशकों के माध्यम से 204 छात्राओं को कौशल विकास काे प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दो माह चलाए गए अभियान के माध्यम से उन छात्राओं को प्रेरित किया गया जो किसी कारण से पढ़ाई छोड़ चुकी थी। इसमें ग्राम पंचायतों व विद्यालयों ने भी सहयोग किया, जिसके सार्थक परिणाम आए और इस समय सभी सीटें फूल हैं।
-हर्षवर्धन शर्मा, प्राचार्य, महिला आईटीआई, महेंद्रगढ़।