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समाज को दो फाड़ करने के किए जा रहे हैं प्रयास: रतन सिंह
Updated Mon, 27 Aug 2018 01:08 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। कनीना रोड पर रविवार को शौर्य भवन कार्यालय में राजपूत सभा की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता सभा के संरक्षक चेयरमैन रतन सिंह ने की। सभा कार्यकारिणी सदस्यों ने शौर्यभवन के चल रहे निर्माण कार्य का भी अवलोकन किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए चेयरमैन रतन सिंह ने कहा कि कुछ लोग आए दिन समाज को दो फाड़ करने का प्रयास कर रहे हैं। कभी धर्मशाला के नाम पर तो कभी महाराणा प्रताप भवन के नाम पर। उन्होंने कहा कि ये उन लोगों की भूल है, समाज एक था और एक ही रहेगा।
राजपूत सभा के प्रधान सवाई सिंह राठौड़ ने कहा कि जब राजपूत महासभा के पास जमीन की रजिस्ट्री ही नहीं है तो शिक्षामंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा भी असंवैधानिक कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि कानून का पालन करना सभी का नैतिक फर्ज है। बैठक में सिकंदर सिंह राघव, दलीप सिंह पाथेड़ा, पूर्ण सिंह धोली, राज सिंह सरपंच प्रतिनिधि अगिहार, रविंद्र सिंह झगड़ोली, राकेश सिंह तंवर बसई, फकीर सिंह सोढा, कर्मबीर सिंह झगड़ोली, रविंद्र सिंह सोढा, भंवर सिंह, हरिओम तंवर डिगरोता, डॉ. नरेश खुडाना सहित राजपूत सभा के कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित थे।
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महेंद्रगढ़। कनीना रोड पर रविवार को शौर्य भवन कार्यालय में राजपूत सभा की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता सभा के संरक्षक चेयरमैन रतन सिंह ने की। सभा कार्यकारिणी सदस्यों ने शौर्यभवन के चल रहे निर्माण कार्य का भी अवलोकन किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए चेयरमैन रतन सिंह ने कहा कि कुछ लोग आए दिन समाज को दो फाड़ करने का प्रयास कर रहे हैं। कभी धर्मशाला के नाम पर तो कभी महाराणा प्रताप भवन के नाम पर। उन्होंने कहा कि ये उन लोगों की भूल है, समाज एक था और एक ही रहेगा।
राजपूत सभा के प्रधान सवाई सिंह राठौड़ ने कहा कि जब राजपूत महासभा के पास जमीन की रजिस्ट्री ही नहीं है तो शिक्षामंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा भी असंवैधानिक कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि कानून का पालन करना सभी का नैतिक फर्ज है। बैठक में सिकंदर सिंह राघव, दलीप सिंह पाथेड़ा, पूर्ण सिंह धोली, राज सिंह सरपंच प्रतिनिधि अगिहार, रविंद्र सिंह झगड़ोली, राकेश सिंह तंवर बसई, फकीर सिंह सोढा, कर्मबीर सिंह झगड़ोली, रविंद्र सिंह सोढा, भंवर सिंह, हरिओम तंवर डिगरोता, डॉ. नरेश खुडाना सहित राजपूत सभा के कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित थे।
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