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महेंद्रगढ़ मांगे मेडिकल कॉलेज
Updated Wed, 01 Nov 2017 12:28 AM IST
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अभी नहीं जागे तो दोहराया जाएगा इतिहास
फोटो संख्या:43
प्रदीप शर्मा
महेंद्रगढ़। नांगल चौधरी के गांव कोरियावास में उच्च अधिकारियों की ओर से मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन की रिपोर्ट मांगे जाने पर महेंद्रगढ़ निवासी मायूस हो गए हैं। यह मामला सोशल मीडिया पर गर्माया हुआ है। इस मुद्दे को लेकर क्षेत्रवासी महेंद्रगढ़ के विधायक एवं मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा से अपेक्षा कर रहे हैं। उनका मानना है कि अभी नहीं तो कभी नहीं। लोगों का मानना है कि यदि अभी भी नहीं जागे तो एक बार फिर वही दोहराया जाएगा जो आज से कई वर्ष पूर्व दोहराया जा चुका है। इसी राजनीतिक कमजोरी के चलते महेंद्रगढ़ का हेड ऑफिस नारनौल चला गया, उसके बाद सब डिपो नूंह और आईएमटी की फाइल बंद कर दी गई। अब प्रदेश सरकार की योजना के अंतर्गत जिले में बनाए जाने वाले एक मात्र मेडिकल कॉलेज भी नांगल चौधरी विधानसभा क्षेत्र में ले जाया जा रहा है। इसके लिए डिप्टी स्पीकर संतोष यादव, नारनौल के विधायक ओमप्रकाश एडीओ और नांगल चौधरी के विधायक अभय सिंह तीनों ही संगठित हैं। तीनों ने दिवाली से पहले ही घोषणा कर दी थी कि मेडिकल कॉलेज नारनौल के आसपास क्षेत्र में बनाया जाएगा।
नहीं मिली कोठी तो साथ चले गए ऑफिस
1952 में महेंद्रगढ़ के पहले उपायुक्त आरएस पलटा मिले थे। उस दौरान जिला उपायुक्त ने एक सेठ से अपने किराये पर कोठी मांगी थी और क्वार्टर बनने पर वह उसे खाली कर देने की बात कही थी। इतना ही नहीं जिला उपायुक्त ने सरकारी भवन नहीं बनने तक टैंट लगवाकर ऑफिस चलाने के लिए भी कह दिया था। किंतु कुछ लोगों ने सेठ के कान भर देने के कारण उसने अपनी कोठी देने से मना कर दिया। इसके बाद जिला उपायुक्त नारनौल चले गए और वहां पर रहने लगे और कार्यालय भी वहीं बना दिए। उसके बाद से आज तक किसी भी नेता ने इसके लिए न तो संघर्ष किया न ही विधान सभा में इसकी आवाज उठाई। राजनीति कमजोरी के कारण ही महेंद्रगढ़ जिले का हेड ऑफिस नारनौल स्थापित है।
आईएमटी पर नहीं हुई कार्रवाई
2014 में महेंद्रगढ़ की आईटीआई में आयोजित कांग्रेस की प्रगति रैली में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने खुडाना गांव में आईएमटी बनाने की घोषणा की थी। उस दौरान गांव खुडाना के लोग अपनी पंचायत की 2 हजार एकड़ भूमि पर भी राजी हो गए थे। उसके बाद अप्रैल 2016 में महेंद्रगढ़ की सब्जी मंडी में आयोजित भाजपा की प्रगति रैली में शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने आईएमटी बनाने की थी, लेकिन सीएम खट्टर ने भी वही किया जो अन्य सरकार के मुख्यमंत्री इस क्षेत्र के साथ करते आ रहे थे। खट्टर ने कहा कि लॉजस्टिब हब बन जाने के बाद आईएमटी के बाद विचार किया जाएगा। उसके बाद यह फाइल हमेशा के लिए ही बंद हो गई।
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सब डिपो की राशि भी चली गई नूंह
कांग्रेस शासनकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने महेंद्रगढ़ बस स्टैंड को सब डिपो बनाने की घोषणा की थी। उस दौरान 12 करोड़ रुपये की ग्रांट सरकार ने मंजूर भी कर दिए थे किंतु तत्कालीन जनप्रतिनिधि की नाकामी से यह ग्रांट तत्कालीन परिवहन मंत्री आफताब अहमद अपने विधानसभा क्षेत्र नूंह में ले गए। उसके बाद फिर से सब डिपो बनाने की घोषणा भाजपा की रैली में हुई। घोषणा के डेढ़ वर्ष से ऊपर तक का समय बीत गया, लेकिन अभी तक वर्कशॉप की ड्राइंग फाइल बनकर नहीं आई।
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फोटो संख्या:43
प्रदीप शर्मा
महेंद्रगढ़। नांगल चौधरी के गांव कोरियावास में उच्च अधिकारियों की ओर से मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन की रिपोर्ट मांगे जाने पर महेंद्रगढ़ निवासी मायूस हो गए हैं। यह मामला सोशल मीडिया पर गर्माया हुआ है। इस मुद्दे को लेकर क्षेत्रवासी महेंद्रगढ़ के विधायक एवं मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा से अपेक्षा कर रहे हैं। उनका मानना है कि अभी नहीं तो कभी नहीं। लोगों का मानना है कि यदि अभी भी नहीं जागे तो एक बार फिर वही दोहराया जाएगा जो आज से कई वर्ष पूर्व दोहराया जा चुका है। इसी राजनीतिक कमजोरी के चलते महेंद्रगढ़ का हेड ऑफिस नारनौल चला गया, उसके बाद सब डिपो नूंह और आईएमटी की फाइल बंद कर दी गई। अब प्रदेश सरकार की योजना के अंतर्गत जिले में बनाए जाने वाले एक मात्र मेडिकल कॉलेज भी नांगल चौधरी विधानसभा क्षेत्र में ले जाया जा रहा है। इसके लिए डिप्टी स्पीकर संतोष यादव, नारनौल के विधायक ओमप्रकाश एडीओ और नांगल चौधरी के विधायक अभय सिंह तीनों ही संगठित हैं। तीनों ने दिवाली से पहले ही घोषणा कर दी थी कि मेडिकल कॉलेज नारनौल के आसपास क्षेत्र में बनाया जाएगा।
नहीं मिली कोठी तो साथ चले गए ऑफिस
1952 में महेंद्रगढ़ के पहले उपायुक्त आरएस पलटा मिले थे। उस दौरान जिला उपायुक्त ने एक सेठ से अपने किराये पर कोठी मांगी थी और क्वार्टर बनने पर वह उसे खाली कर देने की बात कही थी। इतना ही नहीं जिला उपायुक्त ने सरकारी भवन नहीं बनने तक टैंट लगवाकर ऑफिस चलाने के लिए भी कह दिया था। किंतु कुछ लोगों ने सेठ के कान भर देने के कारण उसने अपनी कोठी देने से मना कर दिया। इसके बाद जिला उपायुक्त नारनौल चले गए और वहां पर रहने लगे और कार्यालय भी वहीं बना दिए। उसके बाद से आज तक किसी भी नेता ने इसके लिए न तो संघर्ष किया न ही विधान सभा में इसकी आवाज उठाई। राजनीति कमजोरी के कारण ही महेंद्रगढ़ जिले का हेड ऑफिस नारनौल स्थापित है।
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आईएमटी पर नहीं हुई कार्रवाई
2014 में महेंद्रगढ़ की आईटीआई में आयोजित कांग्रेस की प्रगति रैली में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने खुडाना गांव में आईएमटी बनाने की घोषणा की थी। उस दौरान गांव खुडाना के लोग अपनी पंचायत की 2 हजार एकड़ भूमि पर भी राजी हो गए थे। उसके बाद अप्रैल 2016 में महेंद्रगढ़ की सब्जी मंडी में आयोजित भाजपा की प्रगति रैली में शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने आईएमटी बनाने की थी, लेकिन सीएम खट्टर ने भी वही किया जो अन्य सरकार के मुख्यमंत्री इस क्षेत्र के साथ करते आ रहे थे। खट्टर ने कहा कि लॉजस्टिब हब बन जाने के बाद आईएमटी के बाद विचार किया जाएगा। उसके बाद यह फाइल हमेशा के लिए ही बंद हो गई।
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सब डिपो की राशि भी चली गई नूंह
कांग्रेस शासनकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने महेंद्रगढ़ बस स्टैंड को सब डिपो बनाने की घोषणा की थी। उस दौरान 12 करोड़ रुपये की ग्रांट सरकार ने मंजूर भी कर दिए थे किंतु तत्कालीन जनप्रतिनिधि की नाकामी से यह ग्रांट तत्कालीन परिवहन मंत्री आफताब अहमद अपने विधानसभा क्षेत्र नूंह में ले गए। उसके बाद फिर से सब डिपो बनाने की घोषणा भाजपा की रैली में हुई। घोषणा के डेढ़ वर्ष से ऊपर तक का समय बीत गया, लेकिन अभी तक वर्कशॉप की ड्राइंग फाइल बनकर नहीं आई।