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Mahendragarh-Narnaul News: अगस्त में 5 साल का टूटा रिकाॅर्ड, पिछले साल के मुकाबले दस गुना ज्यादा हुई बारिश

Sat, 14 Sep 2024 01:57 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Sat, 14 Sep 2024 01:57 AM IST
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5 year record broken in August, ten times more rainfall than last year
नारनौल। इस वर्ष अगस्त में रिकार्ड तोड़ बारिश ने पिछले पांच साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। वर्ष 2020 से 2024 के दौरान अगस्त में सबसे ज्यादा बरसात दर्ज की गई है। पिछले साल के मुकाबले अगस्त माह में इस वर्ष दस गुणा ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
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अभी बारिश खरीफ फसल के लिए फायदेमंद है। पिछले वर्ष अगस्त में केवल 22.42 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। इस वर्ष अगस्त में 299.36 एमएम बारिश दर्ज की गई है। इससे पहले अगस्त में पिछले पांच साल के दौरान सबसे ज्यादा बारिश वर्ष 2020 में 107.74 एमएम दर्ज की गई थी।
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मई और जून में गर्मी ने गत वर्षों के सभी रिकार्ड तोड़ दिए थे। वहीं मई व जून में बरसात भी कम हुई थी। इस वर्ष मई में पिछले साल से 20 गुना और जून में पिछले साल के मुकाबले 3 गुना बारिश कम हुई है। पिछले वर्ष मई में 59.64 एमएम बारिश दर्ज की गई थी और इस वर्ष मई में केवल 3.82 एमएम बारिश दर्ज की गई। जिस कारण खरीफ फसल की बीजाई के समय किसानों को समस्या का सामना करना पड़ा था, लेकिन जुलाई और अगस्त में हुई जबरदस्त बारिश के कारण किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।
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सितंबर के अंत में बरसात से फसल को हो सकता है नुकसान



क्षेत्र में मुख्य तौर पर खरीफ फसल में बाजरा व कपास की फसल उगाई जाती है। आमतौर पर सितंबर के मध्य में बाजरे की कटाई शुरू हो जाती है, लेकिन इस साल मई व जून माह में कम बरसात के कारण बाजरे की बीजाई कुछ देरी से की गई थी। जिस कारण इस वर्ष बाजरे की कटाई सितंबर के अंत से अक्तूबर के मध्य की जाएगी। वहीं फसल के पकने के बाद और कटाई के दौरान बरसात आने से फसल को नुकसान होने की संभावना हो सकती है। पिछले वर्ष सितंबर माह में 30.96 एमएम और अक्तूबर माह में 11.44 एमएम बारिश दर्ज की गई थी।


पिछले पांच साल के दौरान हुई बारिश (एमएम में)

माह 2020 2021 2022 2023 2024



जनवरी 4.90 37.00 64.92 24.86 00.00

फरवरी 00.00 0.28 05.22 00.00 07.00



मार्च 55.82 12.72 00.00 50.82 02.00

अप्रैल 06.66 05.60 00.50 29.42 03.64



मई 43.42 76.96 16.74 59.64 03.82

जून 08.76 39.70 42.36 99.92 36.84



जुलाई 42.81 291.16 87.50 240.68 171.24

अगस्त 107.74 77.32 87.50 22.42 299.36



सितंबर 53.66 154.05 141.72 30.96 ----

अक्टूबर 00.00 06.76 61.20 11.44 ----



नवंबर 01.52 00.00 01.80 09.30 ----

दिसंबर 00.00 06.76 00.00 00.00 ----



बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में एक के बाद एक लॉ प्रेशर एरिया विकसित हो रहे हैं। इसके साथ बीच-बीच में पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो रहे हैं। इसकी वजह से लगातार मानसून हवाओं से बारिश की गतिविधियों में वृद्धि हो रही है। वर्तमान परिदृश्य में भी एक लॉ प्रेशर एरिया बंगाल की खाड़ी पर विकसित हो चुका है। इसके पीछे-पीछे यागी नाम का चक्रवात का असर देखने को मिलेगा।



-डॉ. चंद्र मोहन, मौसम विशेषज्ञ नारनौल
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