फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   425 employees temporary engaged under Haryana Skill Employment are not getting salary

Mahendragarh-Narnaul News: हरियाण कौशल रोजगार के तहत लगे 425 कर्मचारियों (अस्थायी) को नहीं मिल रहा वेतन

Mon, 26 Dec 2022 11:13 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 26 Dec 2022 11:13 PM IST
विज्ञापन
425 employees temporary engaged under Haryana Skill Employment are not getting salary
नारनौल। नागरिक अस्पताल में कार्यरत एक स्टोर कीपर के प्रमोशन के मामले में लोवर कोर्ट द्वारा सिविल सर्जन का सैलरी हेड अटैच कर दिए जाने के बाद हरियाणा कौशल रोजगार (अस्थायी) के तहत स्वास्थ्य विभाग में लगे 425 कर्मचारियों का वेतन रुक गया है। इसके अलावा सिविल सर्जन कार्यालय में लगे 25 कर्मचारियों को भी वेतन नहीं मिला। कर्मचारियों 31 दिसंबर को दो माह पूरे जाएंगे। बताया जा रहा है कि प्रतिमाह 22 हजार रुपये की पेनल्टी भी लग रही है।
विज्ञापन

नागरिक अस्पताल मे स्टोर कीपर के पद पर तैनात नरेंद्र कुमार ने अपने प्रमोशन को लेकर नारनौल न्यायालय में 2016 में एक केस दायर किया था। नरेंद्र का कहना है कि वो नारनौल के नागरिक अस्पताल में 1993 में बतौर स्टोर कीपर लगा था। उस समय स्टोर कीपर एवं लिपिक के पदोन्नति के समान नियम थे। उसने बताया कि उनका प्रमोशन होना था लेकिन विभाग ने उसका प्रमोशन न करके उसके जूनियर का प्रमोशन कर दिया। जिसको लेकर उसने नारनौल न्यायालय मे अपने प्रमोशन के लिए केस फाइल किया था। 1 दिसंबर 2018 को कोर्ट ने उसके हक में फैसला दे दिया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने सेशन कोर्ट में अपील डाल दी थी। वह अपील 28 अप्रैल को खारिज हो गई थी। इससे पहले नरेंद्र ने कोर्ट के आदेश लागू करने के लिए दोबारा लोवर कोर्ट में अर्जी डाल दी।
विज्ञापन

लोवर कोर्ट ने सैलरी हेड किया सीज
विभाग द्वारा न्यायालय के आदेशों की पालना नहीं करने पर अब न्यायालय ने सिविल सर्जन नारनौल की सैलरी का अकाउंट सीज कर दिया है जिसके चलते जिले भर मे विभिन्न अस्पतालों में हरियाणा कौशल रोजगार के तहत लगे 425 कर्मचारियों का वेतन रुक गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

22 रुपये प्रतिदिन की लग रही है पेनल्टी
प्रतिमाह सिविल सर्जन कार्यालय से इन कर्मचारियों का 98 लाख रुपये वेतन का जारी होता है। अगर सिविल सर्जन कार्यालय प्रत्येक माह की 7 तारीख तक वेतन नहीं देता है तो ऐसे मे जिन एजेसी से ये अस्थाई तौर पर कर्मचारी लिए गए हैं, उस एजेंसी को 22 हजार रुपये प्रतिदिन का हर्जाना भी देना होगा। यही नहीं बल्कि इस अकाउंट के सीज हो जाने से सिविल सर्जन कार्यालय के 25 कर्मचारियों का वेतन भी रुक गया है जिन्हें प्रतिमाह 15 लाख रुपये वेतन दिया जाना होता है।

हमारे यहां के स्टोर कीपर नरेंद्र कुमार के प्रमोशन को लेकर न्यायालय मे मामला था और प्रमोशन को लेकर जो फैसला लेना होता है वो डीजी हेल्थ ही ले सकते हैं और न्यायालय ने इस मामले मे कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जो जवाब दिया जा रहा है वो संतोषजनक नही है। ऐसे में न्यायालय ने सिविल सर्जन के सैलरी हेड को अटैच कर दिया है।- डॉ. केएम शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल, नारनौल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed