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डिस्पोजल टैंक बनाकर मंडी के बरसाती पानी निकासी के स्थायी समाधान की कवायद शुरू
Updated Fri, 13 Jul 2018 12:54 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। अनाज मंडी में बरसाती पानी की दशकों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान करने की कवायद शुरू हो गई है। मार्केट कमेटी के चेयरमैन जेपी सैनी द्वारा जुलाई के प्रथम सप्ताह में सीएम को लिखे गए पत्र पर सरकार ने संज्ञान ले लिया है। जिस पर कार्रवाई करते हुए पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों ने डिस्पोजल टैंक जैसे ठोस कार्य योजना का प्रस्ताव कमेटी के चेयरमैन व अधिकारियों के समक्ष रखा है।
चेयरमैन जेपी सैनी ने 6 जुलाई को एक पत्र क्रमांक नंबर 445 लिखा था। जिसमें लिखा था कि नारनौल की अनाज मंडी कई दशकों पुरानी है। मंडी परिसर का ग्राउंड नाली व सड़क से नीचा है। इस कारण जरा सी बरसात में ही मंडी परिसर जलमग्न हो जाता है और इस पानी से किसानों की फसलों के साथ-साथ व्यापारियों की दुकानों में रखे माल को भी नुकसान पहुंचता है। यह समस्या काफी सालों से चली आ रही है लेकिन किसी भी सरकार ने इस समस्या की तरफ ध्यान नहीं दिया है। चेयरमैन ने सीएम से किसान व व्यापारी हित में अनाज मंडी के बरसाती पानी निकासी का स्थायी समाधान करने का आग्रह किया था।
चेयरमैन द्वारा सीएम के नाम लिखे गए पत्र पर सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन को ई-मेल और पत्र भेजकर समस्या का समाधान करने की निर्देश दे दिए हैं। जिला प्रशासन के निर्देशों पर ही वीरवार को पब्लिक हेल्थ के एसई राकेश कुमार व एसडीओ गोपाल सिंह ने मार्केट कमेटी के चेयरमैन जेपी सैनी व सचिव अशोक यादव के साथ मंडी परिसर का दौरा किया तथा बीती रात हुई बरसात के बाद खड़े पानी का भी निरीक्षण किया। पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों ने मार्केट कमेटी के चेयरमैन, सचिव व इस मौके पर उपस्थित मंडी के व्यापारियों के समक्ष पानी निकासी के लिए बात की। अधिकारियों ने बताया कि इस मंडी के बरसाती पानी की निकासी के लिए ठोस व स्थायी समाधान डिस्पोजल टैंक सबसे कारगर उपाय रहेगा। इसके लिए मंडी के एक कोने में 50 बाई 50 फीट का टैंक बनाकर मंडियों के विभिन्न कोनों से अंडरग्राउंड पाइप दबाकर बरसाती पानी टैंक में डाला जाएगा और टैंक से मोटर के माध्यम से पानी को सीवरेज टैंक या नाले में नाले में डाल दिया जाएगा। पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों के सुझाव पर चेयरमैन जेपी सैनी ने कहा कि इस बारे में मार्केटिंग बोर्ड के जेई व एसडीओ से चर्चा करके शीघ्र ही इस कार्य को अमलीजामा पहनाने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इस मौके पर व्यापारी नेता जयप्रकाश चौधरी व मार्केट कमेटी के अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित थे।
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नारनौल। अनाज मंडी में बरसाती पानी की दशकों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान करने की कवायद शुरू हो गई है। मार्केट कमेटी के चेयरमैन जेपी सैनी द्वारा जुलाई के प्रथम सप्ताह में सीएम को लिखे गए पत्र पर सरकार ने संज्ञान ले लिया है। जिस पर कार्रवाई करते हुए पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों ने डिस्पोजल टैंक जैसे ठोस कार्य योजना का प्रस्ताव कमेटी के चेयरमैन व अधिकारियों के समक्ष रखा है।
चेयरमैन जेपी सैनी ने 6 जुलाई को एक पत्र क्रमांक नंबर 445 लिखा था। जिसमें लिखा था कि नारनौल की अनाज मंडी कई दशकों पुरानी है। मंडी परिसर का ग्राउंड नाली व सड़क से नीचा है। इस कारण जरा सी बरसात में ही मंडी परिसर जलमग्न हो जाता है और इस पानी से किसानों की फसलों के साथ-साथ व्यापारियों की दुकानों में रखे माल को भी नुकसान पहुंचता है। यह समस्या काफी सालों से चली आ रही है लेकिन किसी भी सरकार ने इस समस्या की तरफ ध्यान नहीं दिया है। चेयरमैन ने सीएम से किसान व व्यापारी हित में अनाज मंडी के बरसाती पानी निकासी का स्थायी समाधान करने का आग्रह किया था।
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चेयरमैन द्वारा सीएम के नाम लिखे गए पत्र पर सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन को ई-मेल और पत्र भेजकर समस्या का समाधान करने की निर्देश दे दिए हैं। जिला प्रशासन के निर्देशों पर ही वीरवार को पब्लिक हेल्थ के एसई राकेश कुमार व एसडीओ गोपाल सिंह ने मार्केट कमेटी के चेयरमैन जेपी सैनी व सचिव अशोक यादव के साथ मंडी परिसर का दौरा किया तथा बीती रात हुई बरसात के बाद खड़े पानी का भी निरीक्षण किया। पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों ने मार्केट कमेटी के चेयरमैन, सचिव व इस मौके पर उपस्थित मंडी के व्यापारियों के समक्ष पानी निकासी के लिए बात की। अधिकारियों ने बताया कि इस मंडी के बरसाती पानी की निकासी के लिए ठोस व स्थायी समाधान डिस्पोजल टैंक सबसे कारगर उपाय रहेगा। इसके लिए मंडी के एक कोने में 50 बाई 50 फीट का टैंक बनाकर मंडियों के विभिन्न कोनों से अंडरग्राउंड पाइप दबाकर बरसाती पानी टैंक में डाला जाएगा और टैंक से मोटर के माध्यम से पानी को सीवरेज टैंक या नाले में नाले में डाल दिया जाएगा। पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों के सुझाव पर चेयरमैन जेपी सैनी ने कहा कि इस बारे में मार्केटिंग बोर्ड के जेई व एसडीओ से चर्चा करके शीघ्र ही इस कार्य को अमलीजामा पहनाने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इस मौके पर व्यापारी नेता जयप्रकाश चौधरी व मार्केट कमेटी के अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित थे।
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