{"_id":"682b81d3bb4e568faa028047","slug":"400-recharge-borewells-will-be-built-by-august-with-20-crores-hope-of-improvement-in-groundwater-level-has-arisen-narnol-news-c-203-1-sroh1010-117230-2025-05-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: 20 करोड़ से अगस्त तक बनेंगे 400 रिचार्ज बोरवेल, भूजल स्तर में सुधार की जगी उम्मीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: 20 करोड़ से अगस्त तक बनेंगे 400 रिचार्ज बोरवेल, भूजल स्तर में सुधार की जगी उम्मीद
Tue, 20 May 2025 12:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 20 May 2025 12:39 AM IST
विज्ञापन
फोटो संख्या:68-गांव सिसोठ के नहर के पास तैयार किया गया रिचार्ज बोरवैल--स्रोत--ग्रामीण
महेंद्रगढ़। डार्क जोन में शामिल महेंद्रगढ़ जिले में गिरते भूजल स्तर में सुधार के लिए अटल भूजल योजना के तहत 400 बोरवेल के माध्यम से अगस्त तक भूजल स्तर में रिचार्ज शुरू किया जाएगा।
योजना के तहत सूक्ष्म सिंचाई विभाग इस परियोजना को अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग की ओर से इस परियोजना पर 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नहर और पंप हाउसों पर 100 बोरवेल तैयार किए जा रहे हैं। साथ ही 300 बोरवेल पंचायती भूमिक, जोहड़ व तालाबों के किनारे लगाकर प्रेशराइज पाइप लाइन से मोटरों के माध्यम से पानी को तीन चरण की फिल्टर प्रक्रिया से गुजारकर भूमि की गहराई तक पहुंचाया जाएगा।
योजना के तहत महेंद्रगढ़ क्षेत्र के गांव गांव बुडीन में दस, मांडोला में 11, जेरपुर में 18, कौथल में 12 तथा देवराली में 16 रीचार्ज बोरवेल किए जा रहे हैं। वहीं पंप हाउस एनबी- 1 झगड़ोली में दस, एनबी- 2 सुरजनवास में दस तथा एनबी-3 चीतलांग में भी दस बोरवले लगाए जा रहे हैं। इसी प्रकार महेंद्रगढ़ नहर के कुराहवटा से लेकर गडानिया तक के सभी छह पंप हाउस दस बोरवेल का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -
इंसेट
- ऐसे करेंगे भूजल स्तर में रिचार्ज का काम
सूक्ष्म सिंचाई विभाग की ओर से तीन चरणों में इस कार्य को पूरा किया जाएगा। नहरों एवं पंप हाउसों के नजदीक 100 बोरवेल करके सीधे नहरों से पाइप लाइन जोड़कर तीन चरण में फिल्टर कर भूमि की गहराई तक पहुंचाया जाएगा। फिल्टर के लिए प्रथम चैंबर में बड़े पत्थर डालकर दूसरे चैंबर में पहुंचाया जाएगा। दूसरे चेंबर से छोटी साइज की रोड़ियों से पानी छनकर तीसरे चेंबर में पहुंचकर फिल्टर होकर भूमि में पहुंचेगा। विभाग की ओर से इन चेंबरों में तीन चरण के फिल्टर की प्रक्रिया से पानी को साफ कर भूमि की गहराई तक पहुंचाया जाएगा। जो बोरवेल नहर व पंप हाउसों के नजदीक बने हैं उनमें प्राकृतिक रूप से पानी जाएगा। पंचायत भूमि, जोहड़ व तालाबों से प्रेशराइज पाइप लाइन डालकर बोरवेलों में पानी पहुंचाया जाएगा।
- वर्जन:
इस परियोजना पर तीन चरण में काम चल रहा है। प्रथम चरण में करीब 100 बोरवेल तैयार किए जा चुके हैं। पिछले सप्ताह गांव पाली व सिसोठ में बने नौ बोरवेल का ट्रायल रन लिया गया था तो सफल रहा है। अब अगस्त माह तक सभी 400 बोरवेल का काम पूरा कर भूजल स्तर में रिचार्ज के लिए इनका प्रयोग भी शुरू कर दिया जाएगा।
-- - सोनित राठी, कार्यकारी अभियंता, सूक्ष्म सिंचाई विभाग महेंद्रगढ़।
विज्ञापन
योजना के तहत सूक्ष्म सिंचाई विभाग इस परियोजना को अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग की ओर से इस परियोजना पर 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नहर और पंप हाउसों पर 100 बोरवेल तैयार किए जा रहे हैं। साथ ही 300 बोरवेल पंचायती भूमिक, जोहड़ व तालाबों के किनारे लगाकर प्रेशराइज पाइप लाइन से मोटरों के माध्यम से पानी को तीन चरण की फिल्टर प्रक्रिया से गुजारकर भूमि की गहराई तक पहुंचाया जाएगा।
विज्ञापन
योजना के तहत महेंद्रगढ़ क्षेत्र के गांव गांव बुडीन में दस, मांडोला में 11, जेरपुर में 18, कौथल में 12 तथा देवराली में 16 रीचार्ज बोरवेल किए जा रहे हैं। वहीं पंप हाउस एनबी- 1 झगड़ोली में दस, एनबी- 2 सुरजनवास में दस तथा एनबी-3 चीतलांग में भी दस बोरवले लगाए जा रहे हैं। इसी प्रकार महेंद्रगढ़ नहर के कुराहवटा से लेकर गडानिया तक के सभी छह पंप हाउस दस बोरवेल का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
विज्ञापन
इंसेट
- ऐसे करेंगे भूजल स्तर में रिचार्ज का काम
सूक्ष्म सिंचाई विभाग की ओर से तीन चरणों में इस कार्य को पूरा किया जाएगा। नहरों एवं पंप हाउसों के नजदीक 100 बोरवेल करके सीधे नहरों से पाइप लाइन जोड़कर तीन चरण में फिल्टर कर भूमि की गहराई तक पहुंचाया जाएगा। फिल्टर के लिए प्रथम चैंबर में बड़े पत्थर डालकर दूसरे चैंबर में पहुंचाया जाएगा। दूसरे चेंबर से छोटी साइज की रोड़ियों से पानी छनकर तीसरे चेंबर में पहुंचकर फिल्टर होकर भूमि में पहुंचेगा। विभाग की ओर से इन चेंबरों में तीन चरण के फिल्टर की प्रक्रिया से पानी को साफ कर भूमि की गहराई तक पहुंचाया जाएगा। जो बोरवेल नहर व पंप हाउसों के नजदीक बने हैं उनमें प्राकृतिक रूप से पानी जाएगा। पंचायत भूमि, जोहड़ व तालाबों से प्रेशराइज पाइप लाइन डालकर बोरवेलों में पानी पहुंचाया जाएगा।
- वर्जन:
इस परियोजना पर तीन चरण में काम चल रहा है। प्रथम चरण में करीब 100 बोरवेल तैयार किए जा चुके हैं। पिछले सप्ताह गांव पाली व सिसोठ में बने नौ बोरवेल का ट्रायल रन लिया गया था तो सफल रहा है। अब अगस्त माह तक सभी 400 बोरवेल का काम पूरा कर भूजल स्तर में रिचार्ज के लिए इनका प्रयोग भी शुरू कर दिया जाएगा।

फोटो संख्या:68-गांव सिसोठ के नहर के पास तैयार किया गया रिचार्ज बोरवैल--स्रोत--ग्रामीण

फोटो संख्या:68-गांव सिसोठ के नहर के पास तैयार किया गया रिचार्ज बोरवैल--स्रोत--ग्रामीण