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पार्किंग स्थल बन गया शहर का सबसे पुराना पार्क
Updated Sat, 21 Jul 2018 12:17 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। शहर का सबसे पुराना पार्क महाराजा अग्रसेन चितवन वाटिका अब पार्क न रहकर पार्किंग स्थल बन गया है। पार्क में अब पेड़ पौधों की बजाए गाड़ियां नजर आने लगी हैं। पार्किंग स्थल के साथ-साथ यह रैली, धरना प्रदर्शन व अन्य कार्यक्रमों के लिए भी इस्तेमाल होने लगा है। जिसके कारण इस पार्क की हरियाली गायब हो गई है। अब यहां घास फूस की जगह गाड़ियां नजर आने लगी हैं।
महाराजा अग्रसेन चितवन वाटिका शहर का सबसे पुराना पार्क है। जानकारों के अनुसार इस पार्क की स्थापना 1980 में हुई थी। हालांकि इसके सही तिथि व उद्घाटन का पता नहीं है। 1998 में इस पार्क का रेनोवेशन किया गया था। जिसके बाद से इसका नाम महाराज अग्रसेन चितवन वाटिका रखा गया। रेनोवेशन के बाद इसके नामकरण का उद्घाटन 19 जुलाई 1998 को तत्कालीन नगर परिषद के चेयरमैन किशन चौधरी ने किया था।
रैली व धरना स्थल बन गया था यह पार्क
गत चार-पांच सालों से यह पार्क रैली व धरना स्थल के रूप में तब्दील हो गया था। चुनावों के समय के अलावा किसी भी राजनैतिक पार्टी की रैली के लिए सबसे उपयुक्त जगह लगने लगी। छोटी जगह होने के कारण राजनेताओं ने भी इसको उपयुक्त माना। वहीं प्रशासन की ओर से भी चुनावी जनसभाएं यहां करने का स्थान तय किया गया। रैली के अलावा शहर के मुख्य बाजार व बस स्टैंड के पास होने के कारण यह धरना स्थल के रूप में भी विख्यात होने लगा। राजनैतिक दल के अलावा यहां पर विभिन्न संगठनों ने भी इसको बैठक व धरना स्थल बना दिया।
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नहीं हो रही देखभाल, घास व पेड़ गायब
बेशक इस पार्क का नाम महाराजा अग्रसेन चितवन वाटिका हो, मगर गत चार पांच साल से इस पार्क की हरियाली गायब हो गई। जिसके कारण यह पार्क पूरी तरह बदहाल हो गया था। जिससे लोगों का मन भी इससे हटने लगा था। वहीं नगर परिषद भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
पार्क के नाम से है पूरा बाजार
शहर का सबसे पुराना पार्क होने के कारण इस पार्क के साथ लगते बड़े बाजार का नाम भी पार्क गली रख दिया गया। अब यह गली शहर के प्रमुख बाजारों में से एक है तथा यहां पर करीब 150 दुकानें हैं।
वर्जन
शहर के पार्कों के रखरखाव की ओर ध्यान जा रहा है। पार्कों के लिए बजट बनाकर उनको नया लुक भी दिया जाएगा। वहीं एक नया पार्क भी शहर में बनाया जाएगा।
- अभय सिंह, ईओ, नगर परिषद, नारनौल।
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नारनौल। शहर का सबसे पुराना पार्क महाराजा अग्रसेन चितवन वाटिका अब पार्क न रहकर पार्किंग स्थल बन गया है। पार्क में अब पेड़ पौधों की बजाए गाड़ियां नजर आने लगी हैं। पार्किंग स्थल के साथ-साथ यह रैली, धरना प्रदर्शन व अन्य कार्यक्रमों के लिए भी इस्तेमाल होने लगा है। जिसके कारण इस पार्क की हरियाली गायब हो गई है। अब यहां घास फूस की जगह गाड़ियां नजर आने लगी हैं।
महाराजा अग्रसेन चितवन वाटिका शहर का सबसे पुराना पार्क है। जानकारों के अनुसार इस पार्क की स्थापना 1980 में हुई थी। हालांकि इसके सही तिथि व उद्घाटन का पता नहीं है। 1998 में इस पार्क का रेनोवेशन किया गया था। जिसके बाद से इसका नाम महाराज अग्रसेन चितवन वाटिका रखा गया। रेनोवेशन के बाद इसके नामकरण का उद्घाटन 19 जुलाई 1998 को तत्कालीन नगर परिषद के चेयरमैन किशन चौधरी ने किया था।
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रैली व धरना स्थल बन गया था यह पार्क
गत चार-पांच सालों से यह पार्क रैली व धरना स्थल के रूप में तब्दील हो गया था। चुनावों के समय के अलावा किसी भी राजनैतिक पार्टी की रैली के लिए सबसे उपयुक्त जगह लगने लगी। छोटी जगह होने के कारण राजनेताओं ने भी इसको उपयुक्त माना। वहीं प्रशासन की ओर से भी चुनावी जनसभाएं यहां करने का स्थान तय किया गया। रैली के अलावा शहर के मुख्य बाजार व बस स्टैंड के पास होने के कारण यह धरना स्थल के रूप में भी विख्यात होने लगा। राजनैतिक दल के अलावा यहां पर विभिन्न संगठनों ने भी इसको बैठक व धरना स्थल बना दिया।
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नहीं हो रही देखभाल, घास व पेड़ गायब
बेशक इस पार्क का नाम महाराजा अग्रसेन चितवन वाटिका हो, मगर गत चार पांच साल से इस पार्क की हरियाली गायब हो गई। जिसके कारण यह पार्क पूरी तरह बदहाल हो गया था। जिससे लोगों का मन भी इससे हटने लगा था। वहीं नगर परिषद भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
पार्क के नाम से है पूरा बाजार
शहर का सबसे पुराना पार्क होने के कारण इस पार्क के साथ लगते बड़े बाजार का नाम भी पार्क गली रख दिया गया। अब यह गली शहर के प्रमुख बाजारों में से एक है तथा यहां पर करीब 150 दुकानें हैं।
वर्जन
शहर के पार्कों के रखरखाव की ओर ध्यान जा रहा है। पार्कों के लिए बजट बनाकर उनको नया लुक भी दिया जाएगा। वहीं एक नया पार्क भी शहर में बनाया जाएगा।
- अभय सिंह, ईओ, नगर परिषद, नारनौल।