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78 हजार क्विंटल बाजरा एमएसपी पर बिकने का इंतजार कर रहे 2300 किसान
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एमएसपी को लेकर किसान दिल्ली बार्डर पर आंदोलन कर रहे हैं। दूसरी ओर महेंद्रगढ़ जिले के किसान अपना बाजरा एमएसपी पर बेचने के लिए दो महीने से इंतजार कर रहे हैं। 9600 किसानों के बकाया होने पर सरकार ने खरीद बंद कर दी। इसके बाद 26 टीम लगाकर गांव-गांव जाकर किसानों की जांच की गई। जिसमें पंजीकरण कराने वाले 2300 किसानों के पास 78 हजार क्विंटल बाजरा बचा होने की रिपोर्ट मिली। इन किसानों का बाजरा खरीदने के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है।
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपना बाजरा बेचने के लिए जिले के लगभग 63 हजार किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था। प्रदेश सरकार ने 1 अक्तूबर से 15 नवंबर तक पहले चरण में बाजरा खरीदने का शेड्यूल जारी किया। 16 नवंबर तक करीब सभी किसान अपना बाजरा नहीं बेच सके। खरीद बंद किए जाने पर किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। जिसके बाद 18 नवंबर से बाजरे की दूसरे चरण की खरीद शुरू हुई। दूसरे चरण में बाजरे की खरीद को लेकर पटवारियों से सत्यापन का नया नियम तय किया गया। 5 दिन तक इसी तरह से बाजरा खरीदा गया। 21 नवंबर तक बाजरा की खरीद नियमित रही। इस दौरान सरकार ने कृषि विभाग ने बाजरे के एरिया का भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया। जिसके लिए कृषि विभाग ने जिले में 26 टीमें बनाई। एक टीम में चार-चार सदस्य शामिल किए गए थे। जिनमें एक फर्स्ट क्लास अधिकारी, राजस्व विभाग से पटवारी, कृषि विभाग से दो कर्मचारी शामिल थे। इस टीम ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 2300 ऐसे किसानों बाजरा बिकना बकाया है। करीब 6000 किसानों का रजिस्ट्रेशन दो दो बार पाया गया। एक हजार किसानों के पास केवल घर पर प्रयोग के जितना ही बाजरा है। कृषि विभाग ने 23 नवंबर को निदेशक को यह रिपोर्ट भेजी। दूसरे चरण की बाजरा खरीद 27 नवंबर तक की तारीख तय की गई थी।
महेंद्रगढ़ उपमंडल के कई गांवों के किसानों का बाजरा अब तक नहीं बिका है। सतनाली में भी कई गांवों के किसानों का बाजरा नहीं बिका है। कनीना, नांगल चौधरी, अटेली के अधिकतर गांवों के किसानों के बाजरे की खरीद पूरी हो चुकी है। किसानों को दो महीने बाद भी एमएसपी पर बाजरा बिकने का इंतजार है।
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वर्जन
बाजरे की खरीद को लेकर अभी हमारे पास कोई शेड्यूल नहीं है। खरीद को लेकर सरकार की ओर से ही फैसला लिया जाएगा। अगर सरकार शेड्यूल जारी करेगी तो खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। हम पूरी तरह से तैयार हैं।
हवा सिंह, जेएडएमईयू, गुरुग्राम मंडल
वर्जन
बाजरे की खरीद के लिए फिजिकल वेरीफिकेशन पूरी कर रिपोर्ट भेज चुके हैं । 2300 किसानों की बाजरे की बिक्री नहीं हुई है। जिसमें सबसे अधिक महेंद्रगढ़ एवं सतनाली के किसान हैं। कुछ जिलों में अभी वेरिफिकेशन का काम बचा है। एक सप्ताह में पूरे प्रदेश की वेरिफिकेशन के बाद शेड़्यूल जारी होने की उम्मीद है।
जसविंद्र सैनी, उप निदेशक ,कृषि विभाग, महेंद्रगढ़
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न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपना बाजरा बेचने के लिए जिले के लगभग 63 हजार किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था। प्रदेश सरकार ने 1 अक्तूबर से 15 नवंबर तक पहले चरण में बाजरा खरीदने का शेड्यूल जारी किया। 16 नवंबर तक करीब सभी किसान अपना बाजरा नहीं बेच सके। खरीद बंद किए जाने पर किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। जिसके बाद 18 नवंबर से बाजरे की दूसरे चरण की खरीद शुरू हुई। दूसरे चरण में बाजरे की खरीद को लेकर पटवारियों से सत्यापन का नया नियम तय किया गया। 5 दिन तक इसी तरह से बाजरा खरीदा गया। 21 नवंबर तक बाजरा की खरीद नियमित रही। इस दौरान सरकार ने कृषि विभाग ने बाजरे के एरिया का भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया। जिसके लिए कृषि विभाग ने जिले में 26 टीमें बनाई। एक टीम में चार-चार सदस्य शामिल किए गए थे। जिनमें एक फर्स्ट क्लास अधिकारी, राजस्व विभाग से पटवारी, कृषि विभाग से दो कर्मचारी शामिल थे। इस टीम ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 2300 ऐसे किसानों बाजरा बिकना बकाया है। करीब 6000 किसानों का रजिस्ट्रेशन दो दो बार पाया गया। एक हजार किसानों के पास केवल घर पर प्रयोग के जितना ही बाजरा है। कृषि विभाग ने 23 नवंबर को निदेशक को यह रिपोर्ट भेजी। दूसरे चरण की बाजरा खरीद 27 नवंबर तक की तारीख तय की गई थी।
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महेंद्रगढ़ उपमंडल के कई गांवों के किसानों का बाजरा अब तक नहीं बिका है। सतनाली में भी कई गांवों के किसानों का बाजरा नहीं बिका है। कनीना, नांगल चौधरी, अटेली के अधिकतर गांवों के किसानों के बाजरे की खरीद पूरी हो चुकी है। किसानों को दो महीने बाद भी एमएसपी पर बाजरा बिकने का इंतजार है।
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बाजरे की खरीद को लेकर अभी हमारे पास कोई शेड्यूल नहीं है। खरीद को लेकर सरकार की ओर से ही फैसला लिया जाएगा। अगर सरकार शेड्यूल जारी करेगी तो खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। हम पूरी तरह से तैयार हैं।
हवा सिंह, जेएडएमईयू, गुरुग्राम मंडल
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बाजरे की खरीद के लिए फिजिकल वेरीफिकेशन पूरी कर रिपोर्ट भेज चुके हैं । 2300 किसानों की बाजरे की बिक्री नहीं हुई है। जिसमें सबसे अधिक महेंद्रगढ़ एवं सतनाली के किसान हैं। कुछ जिलों में अभी वेरिफिकेशन का काम बचा है। एक सप्ताह में पूरे प्रदेश की वेरिफिकेशन के बाद शेड़्यूल जारी होने की उम्मीद है।
जसविंद्र सैनी, उप निदेशक ,कृषि विभाग, महेंद्रगढ़