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फर्द न मिलने से किसानों ने तोड़े खिड़की के शीशे
Updated Wed, 04 Apr 2018 12:56 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। सरसों बेचने के लिए किसानों को समय पर फर्द नहीं मिलने से गुस्साएं किसानों ने मंगलवार सुुबह लघु सचिवालय में फर्द के लिए बनाई गई खिड़की शीशे तोड़ दिए। इसके बाद किसानों को प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध भी जताया। मामले की सूचना पाकर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया। ताकि दोबारा इस प्रकार की घटना न हो। इस घटना के बाद खिड़की के बाहर तैनात पुलिस कर्मचारियों व्यवस्थित ढंग से किसानों की लाइन बनाकर एक-एक किसान को फर्द के लिए खिड़की पर भेजा।
गौरतलब है कि गत एक सप्ताह पूर्व लघु सचिवालय में तैनात एक कंप्यूटर आपरेटर को प्रशासन द्वारा किसी कार्य में कोताही बरतने पर हटा दिया गया। हटाए गए कंप्यूटर आपरेटर के समर्थन में लघु सचिवालय सहित जिले के तहसील कार्यालयों में लगे कंप्यूटर भी आ गए। जिन्होंने स्थानीय विधायक व उपायुक्त को मांग पत्र सौंपकर हटाए गए कंप्यूटर आपरेटर को दोबारा से कार्य पर लेने की मांग की। परंतु प्रशासन ने उनकी मांग नहीं मानी तो वे सोमवार से जिलेभर के कंप्यूटर आपरेटर काम छोड़कर लघु सचिवालय स्थित पार्क में धरने पर बैठ गए। इसके चलते किसानों को सोमवार को भी फर्द नहीं मिल पाई। इस पर विभिन्न गांवों के किसान डीसी डॉ. गरिमा मित्तल से मिलकर उन्हें फर्द उपलब्ध करवाने की मांग की थी। जिसके बाद उपायुक्त ने एसडीएम को अन्य विभागों में लगे कंप्यूटर आपरेटर बुलाकर किसानों की फर्द संबंधित कार्य करवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन दूसरे विभाग में अन्य कार्य करने वाले कंप्यूटर आपरेटरों को फर्द निकालने का कार्य सीखना पड़ा। जिस कारण सोमवार को फर्द संबंधित ीकार्य नहीं हो पाया। वहीं सुबह से सायं तक फर्द निकलवाने के लिए 12 नंबर कमरे की खिड़की के बाहर किसान बैठे रहे, लेकिन किसानों को फर्द नहीं मिल पाई है। इससे किसानों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। वहीं प्रशासन की ओर से भी किसानों को मंगलवार फर्द लेने की बात कही गई। इस पर विभिन्न गांवों के किसान सोमवार के मुकाबले मंगलवार को दोगुना फर्द लेने के लिए लघु सचिवालय में पहुंचे। इनमें अधिकांश किसान ऐसे थे जिनकी सरसों की खरीद मंगलवार को होनी थी, परंतु फर्द निकालने के लिए बैठाया गया कंप्यूटर आपरेटर नया होने तथा फर्द निकालने की सही प्रकार से जानकारी नहीं होने के कारण उसे एक फर्द निकालने में काफी समय लग रहा था। जिससे किसानों का गुस्सा उबाल खा गया और उन्होंने हंगामा कर दिया। देखते ही देखते किसानों ने फर्द खिड़की के शीशे तोड़ दिए और प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। जैसे ही इसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को लगी उन्होंने मौका मुआयना किया और वहां व्यवस्था बनाने के लिए कुछ पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया। ताकि इस प्रकार की घटना फिर से न हो। हालांकि इसके बाद पुलिस कर्मचारियों ने व्यवस्थित तरीके से किसानों की लाइन लगाकर एक-एक को फर्द खिड़की तक भेजा।
दूसरे दिन ई-दिशा केंद्र के कार्य रहे बाधित
कंप्यूटर आपरेटरों की हड़ताल के चलते तहसील कार्यालय के साथ ई-दिशा केंद्र में होने वाले लाइसेंस, वाहन पंजीकरण, रिहायशी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड व सीएम विंडो के कार्य भी बाधित रहे। दूसरे दिन भी लोग अपने कार्यों के लिए चक्कर लगाते रहे, लेकिन उन्हें मंगलवार को भी निराश होकर लौटना पड़ा।
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आज कार्य पर लौटेंगे कंप्यूटर आपरेटर
कंप्यूटर प्रोफेशनल्स संघ के प्रधान वीरेंद्र यादव ने बताया कि उपायुक्त के प्रतिनिधि के रूप में मंगलवार दोपहर बाद कंप्यूटर आपरेटरों से मिलने पहुंचे तहसीलदार रोहताश कुमार ने उन्हें आश्वासन दिया है कि प्रशासन द्वारा हटाए कंप्यूटर आपरेटर रमेश कुमार को जल्द ही वापस लगा लिया जाएगा। हालांकि इसके लिए प्रशासन ने एक सप्ताह का समय मांगा है। इस आश्वासन के बाद कंप्यूटर आपरेटरों ने हड़ताल समाप्त कर दी। उन्होंने बताया कि वे बुधवार से अपने काम पर लौटेंगे।
फर्द नहीं मिलने से मंडी में भी कम पहुंचे किसान
हैफेड द्वारा सरसों खरीद के लिए निर्धारित शेड्यूल अनुसार मंगलवार को कोजिंदा, भूषण खुर्द व भूषण कला के गांवों की सरसों खरीद होनी थी, लेकिन फर्द नहीं मिलने के कारण मंगलवार को उक्त गांवों से नाम मात्र के किसान ही अनाज मंडी में सरसों बेचने के लिए पहुंचे। मार्केट कमेटी कर्मचारी राकेश सैनी ने बताया कि मंगलवार को कुल 586 क्विंटल सरसों खरीद की गई जोकि अन्य दिनों के मुकाबले आधी रही।
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नारनौल। सरसों बेचने के लिए किसानों को समय पर फर्द नहीं मिलने से गुस्साएं किसानों ने मंगलवार सुुबह लघु सचिवालय में फर्द के लिए बनाई गई खिड़की शीशे तोड़ दिए। इसके बाद किसानों को प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध भी जताया। मामले की सूचना पाकर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया। ताकि दोबारा इस प्रकार की घटना न हो। इस घटना के बाद खिड़की के बाहर तैनात पुलिस कर्मचारियों व्यवस्थित ढंग से किसानों की लाइन बनाकर एक-एक किसान को फर्द के लिए खिड़की पर भेजा।
गौरतलब है कि गत एक सप्ताह पूर्व लघु सचिवालय में तैनात एक कंप्यूटर आपरेटर को प्रशासन द्वारा किसी कार्य में कोताही बरतने पर हटा दिया गया। हटाए गए कंप्यूटर आपरेटर के समर्थन में लघु सचिवालय सहित जिले के तहसील कार्यालयों में लगे कंप्यूटर भी आ गए। जिन्होंने स्थानीय विधायक व उपायुक्त को मांग पत्र सौंपकर हटाए गए कंप्यूटर आपरेटर को दोबारा से कार्य पर लेने की मांग की। परंतु प्रशासन ने उनकी मांग नहीं मानी तो वे सोमवार से जिलेभर के कंप्यूटर आपरेटर काम छोड़कर लघु सचिवालय स्थित पार्क में धरने पर बैठ गए। इसके चलते किसानों को सोमवार को भी फर्द नहीं मिल पाई। इस पर विभिन्न गांवों के किसान डीसी डॉ. गरिमा मित्तल से मिलकर उन्हें फर्द उपलब्ध करवाने की मांग की थी। जिसके बाद उपायुक्त ने एसडीएम को अन्य विभागों में लगे कंप्यूटर आपरेटर बुलाकर किसानों की फर्द संबंधित कार्य करवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन दूसरे विभाग में अन्य कार्य करने वाले कंप्यूटर आपरेटरों को फर्द निकालने का कार्य सीखना पड़ा। जिस कारण सोमवार को फर्द संबंधित ीकार्य नहीं हो पाया। वहीं सुबह से सायं तक फर्द निकलवाने के लिए 12 नंबर कमरे की खिड़की के बाहर किसान बैठे रहे, लेकिन किसानों को फर्द नहीं मिल पाई है। इससे किसानों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। वहीं प्रशासन की ओर से भी किसानों को मंगलवार फर्द लेने की बात कही गई। इस पर विभिन्न गांवों के किसान सोमवार के मुकाबले मंगलवार को दोगुना फर्द लेने के लिए लघु सचिवालय में पहुंचे। इनमें अधिकांश किसान ऐसे थे जिनकी सरसों की खरीद मंगलवार को होनी थी, परंतु फर्द निकालने के लिए बैठाया गया कंप्यूटर आपरेटर नया होने तथा फर्द निकालने की सही प्रकार से जानकारी नहीं होने के कारण उसे एक फर्द निकालने में काफी समय लग रहा था। जिससे किसानों का गुस्सा उबाल खा गया और उन्होंने हंगामा कर दिया। देखते ही देखते किसानों ने फर्द खिड़की के शीशे तोड़ दिए और प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। जैसे ही इसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को लगी उन्होंने मौका मुआयना किया और वहां व्यवस्था बनाने के लिए कुछ पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया। ताकि इस प्रकार की घटना फिर से न हो। हालांकि इसके बाद पुलिस कर्मचारियों ने व्यवस्थित तरीके से किसानों की लाइन लगाकर एक-एक को फर्द खिड़की तक भेजा।
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दूसरे दिन ई-दिशा केंद्र के कार्य रहे बाधित
कंप्यूटर आपरेटरों की हड़ताल के चलते तहसील कार्यालय के साथ ई-दिशा केंद्र में होने वाले लाइसेंस, वाहन पंजीकरण, रिहायशी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड व सीएम विंडो के कार्य भी बाधित रहे। दूसरे दिन भी लोग अपने कार्यों के लिए चक्कर लगाते रहे, लेकिन उन्हें मंगलवार को भी निराश होकर लौटना पड़ा।
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आज कार्य पर लौटेंगे कंप्यूटर आपरेटर
कंप्यूटर प्रोफेशनल्स संघ के प्रधान वीरेंद्र यादव ने बताया कि उपायुक्त के प्रतिनिधि के रूप में मंगलवार दोपहर बाद कंप्यूटर आपरेटरों से मिलने पहुंचे तहसीलदार रोहताश कुमार ने उन्हें आश्वासन दिया है कि प्रशासन द्वारा हटाए कंप्यूटर आपरेटर रमेश कुमार को जल्द ही वापस लगा लिया जाएगा। हालांकि इसके लिए प्रशासन ने एक सप्ताह का समय मांगा है। इस आश्वासन के बाद कंप्यूटर आपरेटरों ने हड़ताल समाप्त कर दी। उन्होंने बताया कि वे बुधवार से अपने काम पर लौटेंगे।
फर्द नहीं मिलने से मंडी में भी कम पहुंचे किसान
हैफेड द्वारा सरसों खरीद के लिए निर्धारित शेड्यूल अनुसार मंगलवार को कोजिंदा, भूषण खुर्द व भूषण कला के गांवों की सरसों खरीद होनी थी, लेकिन फर्द नहीं मिलने के कारण मंगलवार को उक्त गांवों से नाम मात्र के किसान ही अनाज मंडी में सरसों बेचने के लिए पहुंचे। मार्केट कमेटी कर्मचारी राकेश सैनी ने बताया कि मंगलवार को कुल 586 क्विंटल सरसों खरीद की गई जोकि अन्य दिनों के मुकाबले आधी रही।