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Mahendragarh-Narnaul News: 20 महिलाओं को दिया जाएगा खाद्य प्रसंस्करण व मूल्य संवर्धन का व्यावसायिक प्रशिक्षण
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फोटो संख्या:-55 कृषि विज्ञान केंद्र महेंद्रगढ़ आंवाले की कैंडी का प्रशिक्षण लेती महिलाएं---सं
महेंद्रगढ़। कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से आर्या परियोजना के तहत जिले की 20 महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन का 15 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को स्थानीय स्तर पर पैदा होने वाले मोटे अनाज, फल व सब्जियों से पौष्टिक उत्पादन तैयार कर स्वरोजगार स्थापित करने के लिए तैयार किया जाएगा।
प्रशिक्षण लेकर महिलाएं स्थानीय स्तर पर पैदा होने वाले मोटे अनाज, फल व सब्जियों से उत्पाद तैयार कर स्वरोजगार स्थापित कर सकेंगी।
केवीके की विस्तार विशेषज्ञा गृह विज्ञान डॉ. पूनम ने बताया कि सोमवार से शुरू हुए इस प्रशिक्षण शिविर में जिलेभर से 20 महिलाओं का चयन किया गया है। इन महिलाओं को 15 दिनों तक खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन विषय पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
शिविर में महिलाओं को स्थानीय अनाज, फल व सब्जियों से उत्पादन तैयार करने की विधि सीखाई जा रही है। साथ ही महिलाओं को केवीके की प्रयोगशाला में इसका व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रोजाना विभिन्न विभागों की विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाता है।
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कचरी से स्प्रैड तैयार करने का प्रशिक्षण दिया
विशेषज्ञ के रूप में कचरी स्प्रैस पर पेटेंट प्राप्त करने वाली हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के पौषण जीवन विज्ञान विभाग की सहायक आचार्य डॉ. अनिता कुमारी ने कचरी से स्प्रैड तैयार करने का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने महिलाओं को पौष्टिक खाद्य पदार्थों से नए उत्पादन तैयार करने के बारे में विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त महिलाएं अपने गांवों व परिवार में रहकर भी लघु उद्योग शुरू कर सकेंगी। खाद्य पदार्थों का अलग-अलग मूल्य संवर्धन, सामग्री के साथ विधि सहित प्रयोग कर बारीकियों से अवगत कराया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान आंवला कैंडी, अचार, मोटे अनाज से खाद्य उत्पादन की बारीकियों से अवगत कराया। प्रशिक्षण लेकर यह महिलाएं अपने लघु उद्योग शुरू कर सकती हैं।
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प्रशिक्षण लेकर महिलाएं स्थानीय स्तर पर पैदा होने वाले मोटे अनाज, फल व सब्जियों से उत्पाद तैयार कर स्वरोजगार स्थापित कर सकेंगी।
केवीके की विस्तार विशेषज्ञा गृह विज्ञान डॉ. पूनम ने बताया कि सोमवार से शुरू हुए इस प्रशिक्षण शिविर में जिलेभर से 20 महिलाओं का चयन किया गया है। इन महिलाओं को 15 दिनों तक खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन विषय पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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शिविर में महिलाओं को स्थानीय अनाज, फल व सब्जियों से उत्पादन तैयार करने की विधि सीखाई जा रही है। साथ ही महिलाओं को केवीके की प्रयोगशाला में इसका व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रोजाना विभिन्न विभागों की विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाता है।
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कचरी से स्प्रैड तैयार करने का प्रशिक्षण दिया
विशेषज्ञ के रूप में कचरी स्प्रैस पर पेटेंट प्राप्त करने वाली हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के पौषण जीवन विज्ञान विभाग की सहायक आचार्य डॉ. अनिता कुमारी ने कचरी से स्प्रैड तैयार करने का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने महिलाओं को पौष्टिक खाद्य पदार्थों से नए उत्पादन तैयार करने के बारे में विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त महिलाएं अपने गांवों व परिवार में रहकर भी लघु उद्योग शुरू कर सकेंगी। खाद्य पदार्थों का अलग-अलग मूल्य संवर्धन, सामग्री के साथ विधि सहित प्रयोग कर बारीकियों से अवगत कराया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान आंवला कैंडी, अचार, मोटे अनाज से खाद्य उत्पादन की बारीकियों से अवगत कराया। प्रशिक्षण लेकर यह महिलाएं अपने लघु उद्योग शुरू कर सकती हैं।