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पौधगिरी के 50 रुपये चाहिएं तो इंटरनेट वाला एंड्रायड मोबाइल लाओ

Sat, 15 Dec 2018 01:18 AM IST
Updated Sat, 15 Dec 2018 01:18 AM IST
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पौधगिरी के 50 रुपये चाहिएं तो इंटरनेट वाला एंड्रायड मोबाइल लाओ
अमर उजाला ब्यूरो
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महेंद्रगढ़। प्रदेश सरकार के पौधगिरी अभियान के तहत पौधे लगाने वाले स्कूली विद्यार्थियों को 50 रुपये हासिल करने के लिए हजारों रुपये का एंड्रायड मोबाइल खरीदना होगा। ऐसा नहीं किया तो स्टूडेंट्स अपने पौधे को जियो टैग नहीं कर पाएगा। जियो टैग के बिना विद्यार्थी को भुगतान नहीं किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को लेटर भेजकर दिसंबर तक पौधों को जियो टैग करने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से जुलाई महीने में पौधगिरी का एलान किया गया था जिसमें प्रदेशभर के निजी व सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया था। एक जुलाई से 31 अगस्त तक इस अभियान को चलाया गया जिसमें छठी से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को शामिल किया गया। एक पौधा लगाने पर विद्यार्थी को उसकी छह महीने देखरेख करने के बाद 50 रुपये दिए जाने की योजना है। हर छह महीने बाद स्टूडेंट के खाते में यह रकम डाली जाएगी। शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेश में करीब 20 लाख पौधे इस योजना के तहत लगाए जाने की जानकारी मुख्यालय को भेजी गई थी। विद्यार्थियों को पहली छमाही का पैसा जनवरी 2019 में दिया जाना है। पैसा जारी करने से पहले वन विभाग की ओर से सभी पौधों को जियो टैगिंग करने का निर्देश दिया है जिसमें हर एक स्टूडेंट अपने मोबाइल से पौधे के पास जाकर उसकी सेल्फी खींचकर उसे विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करेगा। इसके अलावा उसे पौधे का नाम, प्रजाति, प्लांट लोकेशन, कहां से पौधा लिया यह सभी जानकारी भी भरनी होंगी। प्रदेशभर में अब तक केवल 13,720 पौधे ही जियो टैग किए जा सके हैं। महेंद्रगढ़ जिले में करीब 85 हजार पौधे लगाए गए थे जिनमें से केवल 15 की जियो टैगिंग हुई है।
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आखिर क्यों अटका जियो टैगिंग
सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी जियो टैग करने में असमर्थ साबित हो रहे हैं। सरकारी स्कूलों में अधिकतर गरीब तबके के विद्यार्थी हैं जिनके पास एंड्रायड फोन व इंटरनेट नहीं है। जियो टैग स्टूडेंट के मोबाइल से ही किया जाना है। टीचर या किसी अन्य के मोबाइल से यह काम नहीं किया जा सकता। इस कारण जियो टैगिंग का काम अटका हुआ है।
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सेल्फी लेकर भेजेंगे
विद्यार्थी पहला छह महीने का समय पूरा होने के बाद दूसरे कार्यकाल में उसी लोकेशन से दोबारा पौधे के साथ सेल्फी लेकर उसे अपलोड करेंगे। साथ ही यह भी बताएंगे कि पौधे की लंबाई कितनी बढ़ी। दूसरी किस्त लेने के लिए पौधे का सुरक्षित रहना जरूरी है।
तीन साल में मिलेंगे 300 रुपये
इस योजना में एक विद्यार्थी एक ही पौधा लगा सकता है। उसे छह महीने पौधे की देखभाल के बदले 50 रुपये मिलेंगे। अधिकतम तीन साल तक स्टूडेंट को पैसा दिया जा सकता है। इस हिसाब से एक विद्यार्थी इस योजना में तीन साल में अधिकतम 300 रुपये ही प्राप्त कर सकता है।

कई स्कूलों से इस तरह की दिक्कतें सामने आई हैं। सरकारी स्कूलों के अधिकतर विद्यार्थियों के पास एंड्रायड मोबाइल नहीं है। इस कारण जियो टैगिंग नहीं हो पा रही। मुख्यालय से जल्द जियो टैगिंग का निर्देश आया है। समाधान के लिए मुख्यालय को लिखेंगे।
अजीत सांगवान, जिला शिक्षा अधिकारी, महेंद्रगढ़।
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