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डेंगू पीड़ितों का इलाज करने नहीं पहुंची चिकित्सीय टीम, ग्रामीणों में आक्रोश
Updated Mon, 30 Oct 2017 10:06 PM IST
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डेंगू पीड़ितों का इलाज करने नहीं पहुंची चिकित्सीय टीम, ग्रामीणों में आक्रोश
पीड़ितों की संख्या बढ़कर हुई 130, करीब दो दर्जन मरीज जयपुर रेफर
फोटो नंबर 16
अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। शिकायत के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम गोठड़ी गांव में डेंगू पीड़ितों का इलाज करने नहीं पहुंची। इससे ग्रामीणों में विभाग के खिलाफ आक्रोश है। उन्होंने मंगलवार को इलाज सुविधा नहीं मिलने पर धरने-प्रदर्शन का अल्टीमेटम दिया है। दूसरी ओर मरीजों की संख्या बढ़कर 130 हो चुकी। इनमें दो दर्जन को जयपुर रेफर कर दिया गया।
गौरतलब है कि गोठड़ी गांव हरियाणा के अंतिम छोर पर बसा है। इसमें पांच हजार आबादी के बावजूद स्वास्थ्य, यातायात व सफाई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हैं। गांव के चारों ओर कच्ची फिरनी में घरों से निकला गंदा पानी एकत्रित हो गया। इससे दुर्गंधमय वातावरण व मच्छर पनपने शुरू हो गए। मच्छर काटने से रविवार तक चिकनगुनिया, संभावित डेंगू के 125 मरीज थे। सोमवार को इनकी संख्या बढ़कर 130 हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि रात को खाना खाकर सकुशल सोते हैं, लेकिन सुबह उठने में सक्षम नहीं हो रहे। शारीरिक जोड़ों में सूजन, दर्द होने लगता है। पीड़ित को भूख नहीं लगती और शरीर पर लाल चित्ते हो गए। कई मरीजों की रक्त प्लेटलेट्स 30-35 हजार तक गिर गई। जानलेवा खतरा उत्पन्न होने पर करीब दो दर्जन मरीजों को कोटपूतली से जयपुर रेफर कर दिया। बावजूद विभागीय अधिकारी जायजा लेना भी उचित नहीं समझ रहे। ग्रामीणों ने बताया कि चिकनगुनिया के चलते बुजुर्गों की हालात अधिक खराब हो चुकी है। जिन्हें शौच करना, भोजन खाना संभव नहीं हो रहा। बैठने के बाद उनकी टांगे सीधी नहीं होती, जिससे मरीजों को विभिन्न समस्या उत्पन्न होने लगी हैं। ग्राम पंचायत ने नांगल चौधरी सीएचसी के एसएमओ को स्थिति से अवगत करवा दिया गया। जिसे करीब एक सप्ताह बीत चुका, अभी तक विभाग ने फोगिंग कराना भी उचित नहीं समझा। अनदेखी से परेशान ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त किया है। मंगलवार को विभागीय इलाज नहीं मिलने पर सीएचसी प्रांगण में धरने की रूपरेखा बनाई जाएगी।
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डेंगू जांच के किट और दवाइयों का इंतजाम कर लिया। बूढ़वाल पीएचसी में कार्यरत डॉ. कपिल के नेतृत्व में मंगलवार को टीम गोठड़ी पहुंचेगी। उन्होंने ग्रामीणों से स्वच्छता बढ़ाने और आम रास्तों को जलभराव मुक्त करने की हिदायत दी है।
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- डॉ. अरुण कालरा, एसएमओ, सीएचसी
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पीड़ितों की संख्या बढ़कर हुई 130, करीब दो दर्जन मरीज जयपुर रेफर
फोटो नंबर 16
अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। शिकायत के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम गोठड़ी गांव में डेंगू पीड़ितों का इलाज करने नहीं पहुंची। इससे ग्रामीणों में विभाग के खिलाफ आक्रोश है। उन्होंने मंगलवार को इलाज सुविधा नहीं मिलने पर धरने-प्रदर्शन का अल्टीमेटम दिया है। दूसरी ओर मरीजों की संख्या बढ़कर 130 हो चुकी। इनमें दो दर्जन को जयपुर रेफर कर दिया गया।
गौरतलब है कि गोठड़ी गांव हरियाणा के अंतिम छोर पर बसा है। इसमें पांच हजार आबादी के बावजूद स्वास्थ्य, यातायात व सफाई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हैं। गांव के चारों ओर कच्ची फिरनी में घरों से निकला गंदा पानी एकत्रित हो गया। इससे दुर्गंधमय वातावरण व मच्छर पनपने शुरू हो गए। मच्छर काटने से रविवार तक चिकनगुनिया, संभावित डेंगू के 125 मरीज थे। सोमवार को इनकी संख्या बढ़कर 130 हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि रात को खाना खाकर सकुशल सोते हैं, लेकिन सुबह उठने में सक्षम नहीं हो रहे। शारीरिक जोड़ों में सूजन, दर्द होने लगता है। पीड़ित को भूख नहीं लगती और शरीर पर लाल चित्ते हो गए। कई मरीजों की रक्त प्लेटलेट्स 30-35 हजार तक गिर गई। जानलेवा खतरा उत्पन्न होने पर करीब दो दर्जन मरीजों को कोटपूतली से जयपुर रेफर कर दिया। बावजूद विभागीय अधिकारी जायजा लेना भी उचित नहीं समझ रहे। ग्रामीणों ने बताया कि चिकनगुनिया के चलते बुजुर्गों की हालात अधिक खराब हो चुकी है। जिन्हें शौच करना, भोजन खाना संभव नहीं हो रहा। बैठने के बाद उनकी टांगे सीधी नहीं होती, जिससे मरीजों को विभिन्न समस्या उत्पन्न होने लगी हैं। ग्राम पंचायत ने नांगल चौधरी सीएचसी के एसएमओ को स्थिति से अवगत करवा दिया गया। जिसे करीब एक सप्ताह बीत चुका, अभी तक विभाग ने फोगिंग कराना भी उचित नहीं समझा। अनदेखी से परेशान ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त किया है। मंगलवार को विभागीय इलाज नहीं मिलने पर सीएचसी प्रांगण में धरने की रूपरेखा बनाई जाएगी।
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डेंगू जांच के किट और दवाइयों का इंतजाम कर लिया। बूढ़वाल पीएचसी में कार्यरत डॉ. कपिल के नेतृत्व में मंगलवार को टीम गोठड़ी पहुंचेगी। उन्होंने ग्रामीणों से स्वच्छता बढ़ाने और आम रास्तों को जलभराव मुक्त करने की हिदायत दी है।
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- डॉ. अरुण कालरा, एसएमओ, सीएचसी