{"_id":"5bb90aed867a5514c3347d87","slug":"181538853613-mahendragarh-narnaul-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुरेंद्र बंटी मामले को हल करने लिए 11 सदस्यीय कमेटी का गठन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुरेंद्र बंटी मामले को हल करने लिए 11 सदस्यीय कमेटी का गठन
Updated Sun, 07 Oct 2018 12:50 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। नगर पालिका की चेयरपर्सन रीना बंटी के पार्षद पति सुरेंद्र बंटी के खिलाफ श्रीचंद वाल्मीकि की ओर से दर्ज कराए एससी-एसटी एक्ट को लेकर शनिवार को आदर्श रामलीला कमेटी के परिसर में हुई। दोपहर एक बजे से शाम साढे़ चार बजे तक चली महापंचायत की अध्यक्षता रिटायर्ड बीईओ वेदपाल ने की।
पार्षद पति सुरेंद्र बंटी पर दर्ज एससी-एसटी एक्ट मामले को लेकर आयोजित महापंचायत ने साढ़े तीन घंटे में कोई हल न निकलने और आरोप लगाने वाले श्रीचंद वाल्मीकि के न आने के कारण 11 सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया। साथ ही फैसला लिया कि अब मामले का हल करने के लिए महापंचायत नहीं बुलाई जाएगी। 11 सदस्यीय कमेटी ही दोनों पक्षों से बातचीत कर समाधान कराएगी।
दूसरे पक्ष को बुलाने सात सदस्यीय कमेटी भेजी, नहीं मिला घर
महापंचायत ने फैसला लिया कि इस मामले में दूसरे पक्ष श्रीचंद को भी मौके पर बुलाया जाए। जब तक दोनों पक्ष नहीं होंगे, तब तक समाधान कराना संभव नहीं है। महापंचायत की ओर से सात सदस्यीय कमेटी श्रीचंद को बुलाने के लिए उनके घर पहुुंची, लेकिन श्रीचंद वाल्मीकि घर नहीं मिला। कमेटी ने फोन किया तो उन्होंने कहा कि मैं बाहर हूं, मुझे महापंचायत की जानकारी नहीं थी। इसलिए मैं महापंचायत में शामिल नहीं हो पाऊंगा। मैं भारत के संविधान में विश्वास रखता हूं। जो भी न्यायालय में फैसला होगा, वह मुझे मंजूर है। कमेटी में पूर्व सरपंच जोधाराम, संतोष पीटीआई, देवास के पूर्व सरपंच छाजुुराम, सवाई सिंह राठौड़, गुरदयाल सिंह शामिल थे। करीब साढे़ तीन घंटे चली महापंचायत में फैसला लिया कि मामले में 11 सदस्यीय कमेटी समाधान कराएगी।
विज्ञापन
हंगामे से शुरूआत
महापंचायत शुरू होने पर जब सुरेंद्र बंटी अपना पक्ष रखने के लिए आए तो वार्ड पार्षद नंबर एक के पार्षद डॉ. तरुण ने विरोध कर दिया। उन्होंने कहा कि महापंचायत में सभी को सुना जाए। इस पर कुछ लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। कुछ लोग बंटी के समर्थन में खड़े हो गए, कुछ लोग बंटी के विरोध में आ गए। बाद में दोबारा से पंचायत शुरू कराई गई।
11 सदस्यीय कमेटी में इन्हें किया शामिल
महापंचायत ने 11 सदस्यीय कमेटी में यादव सभा के प्रधान डॉ. प्रेमराज, राजपूत सभा के प्रधान सवाई सिंह राठौड, चेयरमैन गुरदयाल सिंह, देवास के पूर्व सरपंच छाजूराम, चेयरमैन नरेश गोयल, मीर सिंह लेक्चरर, पार्षद नरेंद्र खन्ना, हेडमास्टर धर्मचंद, सुंदरलाल आसौदिया, पूर्व पार्षद डॉ. किशनलाल व महेंद्र सिंह जांगिड़ को शामिल किया गया है।
बैनर पर ‘झूठे’ शब्द लिखने पर जताई आपत्ति
महापंचायत में शामिल कुुछ लोगों ने महापंचायत के लिए लगाए गए बैनर पर आपत्ति जाहिर की। बैनर पर पार्षद सुरेंद्र बंटी पर दर्ज झूठे एससी/एसटी एक्ट शब्द लिखे गए थे। कुछ लोगों ने कहा कि बिना जांच कैसे कह सकते हैं कि मामला झूठा है या सच्चा। महापंचायत ने कहा कि झूठे शब्द को कार्यवाही से निकाला जाए।
नगर पालिका की चेयरपर्सन रीना बंटी ने कहा हमारा पक्ष सुना जाए। अगर मेरा पति दोषी है तो उस पर कार्रवाई की जाए। मामले को पुलिस की ओर से जान बूझकर लटकाया जा रहा है। दूसरे पक्ष को बुलाने के लिए खुद मेरे सुसर न्योता देने गए थे। दरअसल, वो लोग पीड़ित नहीं है। पीड़ित हम हैं, हमें न्याय दिलाओ।
ये रहे मौजूद
महापंचायत में इनेलो नेता राव रमेश पालड़ी, पूर्व पार्षद व युवा नेता राजकुमार खातोद, इनेलो के पूर्व जिला अध्यक्ष संजीव तंवर, राजपूत सभा के प्रधान सवाई सिंह राठोर, सदस्य राकेश तंवर, विक्की खुडाना, सरताज ग्रुप के पीआरओ कुलदीप यादव, जिला पार्षद प्रदीप मॉलडा, विनोद तंवर पाली, युवा नेता अजय सिगडिया, दिनकर बोहरा, व्यापारी नेता किशन चौधरी एडवोकेट, नपा उपप्रधान रमेश बोहरा, नगर पार्षद अमित मिश्रा, डॉ. तरूण यादव, नरेंद्र खन्ना, कृष्ण शर्मा, कुलदीप शर्मा, विष्णु वाल्मीकि, कृष्णा स्कूल के एमडी कर्मवीर राव, निवाज नगर के सरपंच राजकुमार, लक्की सोनी, दिनेश सैनी मास्टर, रामबीर पाली, रूद्र प्रकाश, डॉ. किशनलाल, सुभाष परमार, माजरा खुर्द भीम सिंह, पूर्व पार्षद बंसिी सैनी, पूर्व सैनिक संघ के प्रधान रामस्वरूप, ठेकेेदार दाताराम, हरियाणा व्यापार मंडल के जिला प्रधान बजरंगलाल अग्रवाल, जिला महामंत्री संदीप नूनीवाल, सीताराम सर्राफ, कप्तान अभय सिंह, बहादुर थानेदार मालडा सहित अन्य शामिल हुए।
पुलिस बल वापस लौटा
महापंचायत में हंगामा होने के बाद पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा। पुलिस टीम के पहुंचने के बाद मामला शांत हो गया था। जिसके बाद पुलिस वापस लौट गई।
पंचायत की गरिमा का ध्यान रखे श्रीचंद
मेरा महेंद्रगढ़ मेरा स्वाभिमान संगठन के अध्यक्ष रुद्रपाल सिंह तंवर ने कहा श्रीचंद पंचायत की गरिमा का ध्यान रखे। फैसला माने या न माने उसे पंचायत में जरूर आना चाहिए। इस पंचायत में इतनी संख्या में लोग आए हैं। उन लोगों का सम्मान किया जाना चाहिए।
क्या है मामला
श्रीचंद वाल्मीकि का बेटा नगर पालिका में सफाई कर्मी है। श्रीचंद के बेटे की गैर हाजिरी लगाने को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद 13 सितंबर को श्रीचंद ने नगर पालिका की चेयरपर्सन रीना बंटी के पति सुरेंद्र बंटी पर जातिसूचक शब्द बोलने और गालियां देने का केस दर्ज कराया था। 30 सितंबर महापंचायत बुलाई गई थी, जिसमें हंगामा होने के बाद कोई निष्कर्ष नहीं निकला था।
विज्ञापन
महेंद्रगढ़। नगर पालिका की चेयरपर्सन रीना बंटी के पार्षद पति सुरेंद्र बंटी के खिलाफ श्रीचंद वाल्मीकि की ओर से दर्ज कराए एससी-एसटी एक्ट को लेकर शनिवार को आदर्श रामलीला कमेटी के परिसर में हुई। दोपहर एक बजे से शाम साढे़ चार बजे तक चली महापंचायत की अध्यक्षता रिटायर्ड बीईओ वेदपाल ने की।
पार्षद पति सुरेंद्र बंटी पर दर्ज एससी-एसटी एक्ट मामले को लेकर आयोजित महापंचायत ने साढ़े तीन घंटे में कोई हल न निकलने और आरोप लगाने वाले श्रीचंद वाल्मीकि के न आने के कारण 11 सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया। साथ ही फैसला लिया कि अब मामले का हल करने के लिए महापंचायत नहीं बुलाई जाएगी। 11 सदस्यीय कमेटी ही दोनों पक्षों से बातचीत कर समाधान कराएगी।
विज्ञापन
दूसरे पक्ष को बुलाने सात सदस्यीय कमेटी भेजी, नहीं मिला घर
महापंचायत ने फैसला लिया कि इस मामले में दूसरे पक्ष श्रीचंद को भी मौके पर बुलाया जाए। जब तक दोनों पक्ष नहीं होंगे, तब तक समाधान कराना संभव नहीं है। महापंचायत की ओर से सात सदस्यीय कमेटी श्रीचंद को बुलाने के लिए उनके घर पहुुंची, लेकिन श्रीचंद वाल्मीकि घर नहीं मिला। कमेटी ने फोन किया तो उन्होंने कहा कि मैं बाहर हूं, मुझे महापंचायत की जानकारी नहीं थी। इसलिए मैं महापंचायत में शामिल नहीं हो पाऊंगा। मैं भारत के संविधान में विश्वास रखता हूं। जो भी न्यायालय में फैसला होगा, वह मुझे मंजूर है। कमेटी में पूर्व सरपंच जोधाराम, संतोष पीटीआई, देवास के पूर्व सरपंच छाजुुराम, सवाई सिंह राठौड़, गुरदयाल सिंह शामिल थे। करीब साढे़ तीन घंटे चली महापंचायत में फैसला लिया कि मामले में 11 सदस्यीय कमेटी समाधान कराएगी।
विज्ञापन
हंगामे से शुरूआत
महापंचायत शुरू होने पर जब सुरेंद्र बंटी अपना पक्ष रखने के लिए आए तो वार्ड पार्षद नंबर एक के पार्षद डॉ. तरुण ने विरोध कर दिया। उन्होंने कहा कि महापंचायत में सभी को सुना जाए। इस पर कुछ लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। कुछ लोग बंटी के समर्थन में खड़े हो गए, कुछ लोग बंटी के विरोध में आ गए। बाद में दोबारा से पंचायत शुरू कराई गई।
11 सदस्यीय कमेटी में इन्हें किया शामिल
महापंचायत ने 11 सदस्यीय कमेटी में यादव सभा के प्रधान डॉ. प्रेमराज, राजपूत सभा के प्रधान सवाई सिंह राठौड, चेयरमैन गुरदयाल सिंह, देवास के पूर्व सरपंच छाजूराम, चेयरमैन नरेश गोयल, मीर सिंह लेक्चरर, पार्षद नरेंद्र खन्ना, हेडमास्टर धर्मचंद, सुंदरलाल आसौदिया, पूर्व पार्षद डॉ. किशनलाल व महेंद्र सिंह जांगिड़ को शामिल किया गया है।
बैनर पर ‘झूठे’ शब्द लिखने पर जताई आपत्ति
महापंचायत में शामिल कुुछ लोगों ने महापंचायत के लिए लगाए गए बैनर पर आपत्ति जाहिर की। बैनर पर पार्षद सुरेंद्र बंटी पर दर्ज झूठे एससी/एसटी एक्ट शब्द लिखे गए थे। कुछ लोगों ने कहा कि बिना जांच कैसे कह सकते हैं कि मामला झूठा है या सच्चा। महापंचायत ने कहा कि झूठे शब्द को कार्यवाही से निकाला जाए।
नगर पालिका की चेयरपर्सन रीना बंटी ने कहा हमारा पक्ष सुना जाए। अगर मेरा पति दोषी है तो उस पर कार्रवाई की जाए। मामले को पुलिस की ओर से जान बूझकर लटकाया जा रहा है। दूसरे पक्ष को बुलाने के लिए खुद मेरे सुसर न्योता देने गए थे। दरअसल, वो लोग पीड़ित नहीं है। पीड़ित हम हैं, हमें न्याय दिलाओ।
ये रहे मौजूद
महापंचायत में इनेलो नेता राव रमेश पालड़ी, पूर्व पार्षद व युवा नेता राजकुमार खातोद, इनेलो के पूर्व जिला अध्यक्ष संजीव तंवर, राजपूत सभा के प्रधान सवाई सिंह राठोर, सदस्य राकेश तंवर, विक्की खुडाना, सरताज ग्रुप के पीआरओ कुलदीप यादव, जिला पार्षद प्रदीप मॉलडा, विनोद तंवर पाली, युवा नेता अजय सिगडिया, दिनकर बोहरा, व्यापारी नेता किशन चौधरी एडवोकेट, नपा उपप्रधान रमेश बोहरा, नगर पार्षद अमित मिश्रा, डॉ. तरूण यादव, नरेंद्र खन्ना, कृष्ण शर्मा, कुलदीप शर्मा, विष्णु वाल्मीकि, कृष्णा स्कूल के एमडी कर्मवीर राव, निवाज नगर के सरपंच राजकुमार, लक्की सोनी, दिनेश सैनी मास्टर, रामबीर पाली, रूद्र प्रकाश, डॉ. किशनलाल, सुभाष परमार, माजरा खुर्द भीम सिंह, पूर्व पार्षद बंसिी सैनी, पूर्व सैनिक संघ के प्रधान रामस्वरूप, ठेकेेदार दाताराम, हरियाणा व्यापार मंडल के जिला प्रधान बजरंगलाल अग्रवाल, जिला महामंत्री संदीप नूनीवाल, सीताराम सर्राफ, कप्तान अभय सिंह, बहादुर थानेदार मालडा सहित अन्य शामिल हुए।
पुलिस बल वापस लौटा
महापंचायत में हंगामा होने के बाद पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा। पुलिस टीम के पहुंचने के बाद मामला शांत हो गया था। जिसके बाद पुलिस वापस लौट गई।
पंचायत की गरिमा का ध्यान रखे श्रीचंद
मेरा महेंद्रगढ़ मेरा स्वाभिमान संगठन के अध्यक्ष रुद्रपाल सिंह तंवर ने कहा श्रीचंद पंचायत की गरिमा का ध्यान रखे। फैसला माने या न माने उसे पंचायत में जरूर आना चाहिए। इस पंचायत में इतनी संख्या में लोग आए हैं। उन लोगों का सम्मान किया जाना चाहिए।
क्या है मामला
श्रीचंद वाल्मीकि का बेटा नगर पालिका में सफाई कर्मी है। श्रीचंद के बेटे की गैर हाजिरी लगाने को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद 13 सितंबर को श्रीचंद ने नगर पालिका की चेयरपर्सन रीना बंटी के पति सुरेंद्र बंटी पर जातिसूचक शब्द बोलने और गालियां देने का केस दर्ज कराया था। 30 सितंबर महापंचायत बुलाई गई थी, जिसमें हंगामा होने के बाद कोई निष्कर्ष नहीं निकला था।