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बलवंत सिंह ने 70 वर्ष में की बीपीपी की परीक्षा पास
Updated Tue, 21 Nov 2017 12:10 AM IST
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महेंद्रगढ़ (ब्यूरो)। पढ़ाई के लिए कोई खास उम्र नहीं होती। मनुष्य अपने जीवन में किसी भी उम्र में पढ़ाई कर सकता है। ऐसा ही कर दिखाया है गांव कुरहावटा निवासी बलवंत सिंह ने। उन्होंने 70 वर्ष की उम्र में इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी से बैचलर प्रीपैटरी प्रोग्राम (बीपीपी) कोर्स किया। उन्होंने बताया कि हाल ही में घोषित परीक्षा परिणाम में 69 प्रतिशत अंक के साथ यह परीक्षा पास की है। वह पहले कोर्ट में मुंशी का कार्य करते थे। उन्होंने अपने प्रथम प्रयास में यह कोर्स पूरा कर लिया है। बलवंत सिंह ने छह बच्चे हैं । चार लड़कियों और एक लड़के की शादी की जा चुकी है। अभी एक लड़का अविवाहित है। बलवंत के दो पोते भी हैं। उन्होंने कोर्स के बारे में बताया कि यह कोर्स दसवीं के बाद छह माह किया जा सकता है और 12वीं फेल विद्यार्थी भी इसे कर सकता है। इसके माध्यम से सीधा बीए प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया जा जा सकता है। अब बलवंत सिंह इसी विश्वविद्यालय से ही बीए की पढ़ाई करेंगे।
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महेंद्रगढ़ (ब्यूरो)। पढ़ाई के लिए कोई खास उम्र नहीं होती। मनुष्य अपने जीवन में किसी भी उम्र में पढ़ाई कर सकता है। ऐसा ही कर दिखाया है गांव कुरहावटा निवासी बलवंत सिंह ने। उन्होंने 70 वर्ष की उम्र में इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी से बैचलर प्रीपैटरी प्रोग्राम (बीपीपी) कोर्स किया। उन्होंने बताया कि हाल ही में घोषित परीक्षा परिणाम में 69 प्रतिशत अंक के साथ यह परीक्षा पास की है। वह पहले कोर्ट में मुंशी का कार्य करते थे। उन्होंने अपने प्रथम प्रयास में यह कोर्स पूरा कर लिया है। बलवंत सिंह ने छह बच्चे हैं । चार लड़कियों और एक लड़के की शादी की जा चुकी है। अभी एक लड़का अविवाहित है। बलवंत के दो पोते भी हैं। उन्होंने कोर्स के बारे में बताया कि यह कोर्स दसवीं के बाद छह माह किया जा सकता है और 12वीं फेल विद्यार्थी भी इसे कर सकता है। इसके माध्यम से सीधा बीए प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया जा जा सकता है। अब बलवंत सिंह इसी विश्वविद्यालय से ही बीए की पढ़ाई करेंगे।