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औद्योगिक एरिया के लिए जमीन देने के लिए मांगा एक करोड़ मुआवजा
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महेंद्रगढ़। गांव खुड़ाना में प्रस्तावित औद्योगिक संपदा के लिए जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव लेने पहुुंची एचएसआईआईडीसी की टीम को ग्रामीणों ने सर्कल रेट पर जमीन देने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि एक करोड़ रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा मिलने पर ही जमीन देंगे। साथ एक परिवार में एक नौकरी भी दी जाए। तीसरी ग्रामीणों ने सामूहिक मांग रखी कि आईई का नाम खुड़ाना-आकोदा-आदलपुर रखा जाए। वहीं किसानों ने अपनी भूमि को ई भूमि पोर्टल अपलोड करवाने में भी रुचि कम दिखाई।
गांव खुड़ाना में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाना है। फरवरी 2019 में सीएम मनोहरलाल ने इसकी आधारशिला रखी थी। करीब 961 एकड़ जमीन में बनने वाले आईई के लिए गांव खुड़ाना की पंचायत ने जमीन दी है। पंचायत जमीन पर यह औद्योगिक एरिया विकसित किया जाना है। इस आईई तक पहुंचने के लिए 200 फीट चौड़ा रास्ता बनाया जाना है। जिसमें गांव आदलपुर, खुड़ाना, आकोदा की जमीन आएगी। इन गांव के लोगों की जमीन का अधिग्रहण करने के लिए लोगों सहमति की जरूरत है। ग्रामीणों की सहमति का प्रस्ताव लेने के लिए हरियाणा औद्योगिक संरचना विकास निगम की टीम मंगलवार को गांव आदलपुर पहुंची। गांव की कुल 14 एकड़ जमीन की सहमति ली जानी है। जिसमें गांव के 103 लोग हिस्सेदार हैं। इन सभी की सहमति की जरूरत है। इस गांव के लोगों ने कहा कि हम आईई के लिए अपनी तीन शर्तों पर जमीन देंगे। किसानों को प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। जिस परिवार की जमीन का अधिग्रहण हो उस एक परिवार में एक नौकरी का प्रावधान किया जाए। आईई के नाम में हमारे गांव का नाम भी शामिल किया जाए।
150 से अधिक किसान करवा चुके हैं अपनी भूमि ई पोर्टल पर अपलोड
ई -भूमि पोर्टल पर किसानों की जमीन अपलोड करने के लिए एचएसआईआईडीसी के कर्मचारी पिछले कुछ दिनों से गांव खुड़ाना में डेरा जमाए हैं। किसानों की भूमि अपलोड करने के लिए लगभग सात कर्मचारी तथा दो कंप्यूटर लगाए गए हैं। एचएसआईआईडीसी के एटीपी संजीत चाहर ने बताया कि लगभग 350 किसानों की जमीन इन रास्तों में आती है। सभी हिस्सेदारों को अपने सहमति पत्र ऑनलाइन अपलोड कराने हैं। करीब 150 से अधिक किसानों ने अपनी जमीन ई पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड करा दिया है।
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शिक्षामंत्री ने ली अधिकारियों की मीटिंग
शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा गांव खुड़ाना में आईई स्थापित कराने के लिए पिछले एक सप्ताह में अधिकारियों की दो बार मीटिंग ले चुके हैं। सोमवार को गांव गढ़ी में पांच गांवों के सरपंचों और एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों की मीटिंग ली थी। अधिकारियों को जल्द से जल्द जमीन का काम पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि गांव के लोगों को लॉजिस्टिक हब के बराबर मुआवजा दिलाया जाएगा।
हमें प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये मुआवजा चाहिए। तभी वो अपनी जमीन सरकार को देंगे। डीसी रेट पर वो अपनी जमीन नहीं दे सकते है। साथ ही एक आदमी को सरकारी नौकरी भी दी जाए। -धर्मबीर, गांव आदलपुर
हम जमीन देने के लिए तैयार हैं। हम भी चाहते हैं कि क्षेत्र का विकास हो लेकिन सरकार उनकी जमीन डीसी रेट पर ले रही हैं। लॉजिस्टिक हब के सर्कल रेट भी कम ही है। अगर सरकार एक करोड़ प्रति एकड़ के हिसाब से मुुआवजा दे तो हम जमीन देने के लिए तैयार हैं। -महेंद्र, गांव आदलपुर
हम चाहते हैं कि जिस प्रकार गांव खुडाना का नाम आईई-आईएमटी के साथ जुड़ा है उसी प्रकार उनके गांव का नाम भी साथ जोड़ा जाए। दूसरा यहां स्थापित होने वाली कंपनियों में गांव की जनसंख्या के आधार पर उनके बच्चों को रोजगार दिलाया जाए।-अतर सिंह, सरंपच, गांव आदलपुर
गांव खुड़ाना में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाना है। फरवरी 2019 में सीएम मनोहरलाल ने इसकी आधारशिला रखी थी। करीब 961 एकड़ जमीन में बनने वाले आईई के लिए गांव खुड़ाना की पंचायत ने जमीन दी है। पंचायत जमीन पर यह औद्योगिक एरिया विकसित किया जाना है। इस आईई तक पहुंचने के लिए 200 फीट चौड़ा रास्ता बनाया जाना है। जिसमें गांव आदलपुर, खुड़ाना, आकोदा की जमीन आएगी। इन गांव के लोगों की जमीन का अधिग्रहण करने के लिए लोगों सहमति की जरूरत है। ग्रामीणों की सहमति का प्रस्ताव लेने के लिए हरियाणा औद्योगिक संरचना विकास निगम की टीम मंगलवार को गांव आदलपुर पहुंची। गांव की कुल 14 एकड़ जमीन की सहमति ली जानी है। जिसमें गांव के 103 लोग हिस्सेदार हैं। इन सभी की सहमति की जरूरत है। इस गांव के लोगों ने कहा कि हम आईई के लिए अपनी तीन शर्तों पर जमीन देंगे। किसानों को प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। जिस परिवार की जमीन का अधिग्रहण हो उस एक परिवार में एक नौकरी का प्रावधान किया जाए। आईई के नाम में हमारे गांव का नाम भी शामिल किया जाए।
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150 से अधिक किसान करवा चुके हैं अपनी भूमि ई पोर्टल पर अपलोड
ई -भूमि पोर्टल पर किसानों की जमीन अपलोड करने के लिए एचएसआईआईडीसी के कर्मचारी पिछले कुछ दिनों से गांव खुड़ाना में डेरा जमाए हैं। किसानों की भूमि अपलोड करने के लिए लगभग सात कर्मचारी तथा दो कंप्यूटर लगाए गए हैं। एचएसआईआईडीसी के एटीपी संजीत चाहर ने बताया कि लगभग 350 किसानों की जमीन इन रास्तों में आती है। सभी हिस्सेदारों को अपने सहमति पत्र ऑनलाइन अपलोड कराने हैं। करीब 150 से अधिक किसानों ने अपनी जमीन ई पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड करा दिया है।
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शिक्षामंत्री ने ली अधिकारियों की मीटिंग
शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा गांव खुड़ाना में आईई स्थापित कराने के लिए पिछले एक सप्ताह में अधिकारियों की दो बार मीटिंग ले चुके हैं। सोमवार को गांव गढ़ी में पांच गांवों के सरपंचों और एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों की मीटिंग ली थी। अधिकारियों को जल्द से जल्द जमीन का काम पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि गांव के लोगों को लॉजिस्टिक हब के बराबर मुआवजा दिलाया जाएगा।
हमें प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये मुआवजा चाहिए। तभी वो अपनी जमीन सरकार को देंगे। डीसी रेट पर वो अपनी जमीन नहीं दे सकते है। साथ ही एक आदमी को सरकारी नौकरी भी दी जाए। -धर्मबीर, गांव आदलपुर
हम जमीन देने के लिए तैयार हैं। हम भी चाहते हैं कि क्षेत्र का विकास हो लेकिन सरकार उनकी जमीन डीसी रेट पर ले रही हैं। लॉजिस्टिक हब के सर्कल रेट भी कम ही है। अगर सरकार एक करोड़ प्रति एकड़ के हिसाब से मुुआवजा दे तो हम जमीन देने के लिए तैयार हैं। -महेंद्र, गांव आदलपुर
हम चाहते हैं कि जिस प्रकार गांव खुडाना का नाम आईई-आईएमटी के साथ जुड़ा है उसी प्रकार उनके गांव का नाम भी साथ जोड़ा जाए। दूसरा यहां स्थापित होने वाली कंपनियों में गांव की जनसंख्या के आधार पर उनके बच्चों को रोजगार दिलाया जाए।-अतर सिंह, सरंपच, गांव आदलपुर