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स्टोन क्रशरों व प्रदूषण के विरोध में गांव इस्लामपुरा में हुई जनसभा
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नारनौल। क्रशर और माइनिंग जोन बखरीजा के साथ लगते गांव इस्लामपुरा में स्टोन क्रशरों व प्रदूषण के विरोध में रविवार को जनसभा का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता एनजीटी कोर्ट में याचिकाकर्ता तेजपाल यादव थे। जनसभा को संबोधित करते हुए तेजपाल यादव ने कहा कि आगामी 1 जुलाई क्षेत्र के दर्जनों गांवों के हजारों लोग स्टोन क्रशरों व पर्यावरण प्रदूषण की समस्या के खिलाफ लघु सचिवालय में तक विरोध प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने कहा कि हमारा यह विरोध प्रदर्शन सरकार को चेतावनी व संदेश देने का काम करेगा कि गलत तरीके से बांटी गई स्टोन क्रशरों की एनओसी रद्द करके ही रिपोर्ट एनजीटी कोर्ट को सौंपी जाए तथा नांगल चौधरी क्षेत्र में स्टोन क्रशर व ग्राइंडिंग मिनरल यूनिट खोलने पर पाबंदी लगाई जाए। क्योंकि नांगल चौधरी क्षेत्र डार्क जोन है और डार्क जोन में भी केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण द्वारा चार श्रेणियां निर्धारित की गई है। जिसमें सुरक्षित, गंभीर, अति गंभीर व अति शोषित क्षेत्र आते हैं। नांगल चौधरी क्षेत्र पानी के मामले में सबसे अधिक संवेदनशील श्रेणी अति शोषित क्षेत्र में आता है।
गौरतलब है कि तेजपाल यादव की याचिका पर 12 दिसंबर 2018 में एनजीटी के ऐतिहासिक फैसले में पूरे महेंद्रगढ़ जिले के सभी स्टोन क्रेशरों के दूरी मापदंड व डार्क जोन सहित सभी पहलुओं की जांच के आदेश हुए थे। अब एनजीटी कोर्ट की अगली निर्धारित सुनवाई 24 जुलाई 2019 को होनी है। तेजपाल यादव ने कहा की आश्चर्य की बात यह है कि डार्क जोन के पहलू पर स्टोन क्रशरों के पानी संबंधित स्त्रोत के मुद्दे पर पूरा प्रशासन मौन बैठा है। हमारी मांग जल्द से जल्द नांगल चौधरी क्षेत्र के सभी स्टोन क्रशरों की एनओसी रद्द की जाए। नांगल चौधरी जैसे डार्क जोन क्षेत्र में कुछ स्टोन क्रशर अवैध रूप से किसानों के कुओं से पानी उठाकर भूमिगत जल का दोहन कर रहे हैं और अधिकांश स्टोन क्रशर भारी धूल व डस्ट उड़ा रहे हैं।
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इस मौके पर करण सिंह सरपंच, सरपंच प्रतिनिधि राजेश नंबरदार, दुर्गा प्रसाद, रमन सिंह, सूबेदार लालाराम, ओमप्रकाश, रामअवतार, अजीत, बनी स्त्रत्त्सिंह, अतर सिंह, सुभाष, विकास पंच, हवलदार अमीलाल व रणजीत आदि अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि हमारा यह विरोध प्रदर्शन सरकार को चेतावनी व संदेश देने का काम करेगा कि गलत तरीके से बांटी गई स्टोन क्रशरों की एनओसी रद्द करके ही रिपोर्ट एनजीटी कोर्ट को सौंपी जाए तथा नांगल चौधरी क्षेत्र में स्टोन क्रशर व ग्राइंडिंग मिनरल यूनिट खोलने पर पाबंदी लगाई जाए। क्योंकि नांगल चौधरी क्षेत्र डार्क जोन है और डार्क जोन में भी केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण द्वारा चार श्रेणियां निर्धारित की गई है। जिसमें सुरक्षित, गंभीर, अति गंभीर व अति शोषित क्षेत्र आते हैं। नांगल चौधरी क्षेत्र पानी के मामले में सबसे अधिक संवेदनशील श्रेणी अति शोषित क्षेत्र में आता है।
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गौरतलब है कि तेजपाल यादव की याचिका पर 12 दिसंबर 2018 में एनजीटी के ऐतिहासिक फैसले में पूरे महेंद्रगढ़ जिले के सभी स्टोन क्रेशरों के दूरी मापदंड व डार्क जोन सहित सभी पहलुओं की जांच के आदेश हुए थे। अब एनजीटी कोर्ट की अगली निर्धारित सुनवाई 24 जुलाई 2019 को होनी है। तेजपाल यादव ने कहा की आश्चर्य की बात यह है कि डार्क जोन के पहलू पर स्टोन क्रशरों के पानी संबंधित स्त्रोत के मुद्दे पर पूरा प्रशासन मौन बैठा है। हमारी मांग जल्द से जल्द नांगल चौधरी क्षेत्र के सभी स्टोन क्रशरों की एनओसी रद्द की जाए। नांगल चौधरी जैसे डार्क जोन क्षेत्र में कुछ स्टोन क्रशर अवैध रूप से किसानों के कुओं से पानी उठाकर भूमिगत जल का दोहन कर रहे हैं और अधिकांश स्टोन क्रशर भारी धूल व डस्ट उड़ा रहे हैं।
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इस मौके पर करण सिंह सरपंच, सरपंच प्रतिनिधि राजेश नंबरदार, दुर्गा प्रसाद, रमन सिंह, सूबेदार लालाराम, ओमप्रकाश, रामअवतार, अजीत, बनी स्त्रत्त्सिंह, अतर सिंह, सुभाष, विकास पंच, हवलदार अमीलाल व रणजीत आदि अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।