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सीएम साहब! पहली की गई घोषणाएं तो अभी तक नहीं हुई पूरी, इन को तो पूरा करवा दो
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। सीएम साहब! चार वर्ष में पांच बार रैलियों में की गई 200 से अधिक घोषणाएं अभी तक पूरी नहीं हुई, इनको तो पूरा करवा दो। रविवार को की जाने वाली घोषणाएं कब पूरी होंगी। पिछले चार वर्षों में की गई 200 से अधिक घोषणाओं में से 33 प्रतिशत घोषणाओं पर काम पूूरा हुआ है। पेंडिंग रहने वाली बहुत सी घोषणाओं पर प्रपोजल तक नहीं बना। जिला वासियों में चर्चा है कि सीएम 23 दिसंबर को कोरियावास रैली में कई घोषणाएं करेंगे, मगर सीएम पहले जो घोषणाएं कर चुके हैं, उन पर तो नजर डाल लें।
बता दें कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार बनने के बाद नारनौल, कनीना, महेंद्रगढ़ और नांगल चौधरी में पांच रैलियां कर चुके हैं। इसके अलावा नारनौल में जनता दरबार भी लगा चुके हैं। इन रैलियों में सीएम ने स्थानीय विधायकों के आह्वान पर 200 से अधिक घोषणाएं की थी। इनमें से बहुत सी घोषणाओं को अब तक अमलीजामा नहीं पहनाया गया है। कई बड़ी घोषणाओं को अप्रूवल तो मिल गई लेकिन काम शुरू नहीं हो पाया है। 33 प्रतिशत घोषणाएं अभी तक पूरी हो पाई हैं।
कई घोषणाओं की है यह स्थिति
सीएम द्वारा घोषित किए गए कॉलेेेजों में उन्हाणी और निजामपुर कॉलेज में काम चल रहा है। वहीं, सीहमा और अटेली में कॉलेज का निर्माण कार्य अभी पूरा होने की संभावना नहीं है। वहीं नारनौल के तलोट व छीलरो गांव में लॉजिस्टिक हब बनाने की भी घोषणा की हुई है, मगर यह महज एक घोषणा बनकर रह गई। साढ़े तीन वर्षों में प्रशासन जमीन लेने का कार्य ही पूरा कर पाया है।
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महेंद्रगढ़ किले पर भी नहीं हुआ काम शुरू
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नौ अप्रैल 2016 को सब्जी मंडी में आयोजित प्रगति रैली में मुख्यमंत्री ने महेंद्रगढ़ किले को जीर्णोद्धार करने की घोषणा की थी। ढाई वर्षों में सरकार से 15 करोड़ रुपये राशि की मंजूरी मिली है। टेंडर प्रक्रिया भी अभी शुरू नहीं हो पाई।
माधोगढ़ किले के रानी महल और बावड़ी के हुए टेंडर
माधोगढ़ किले में स्थित रानी महल के 2.57 करोड़ रुपये और बावड़ी के 1.14 करोड़ रुपये से टेंडर किए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक इस पर काम शुरू नहीं हुआ है। पर्यटन विभाग का मानना है कि सीएम ही इसकी आधारशिला रखेंगे। अभी तक सीएम का समय नहीं मिल पाया है।
उद्घाटन के बाद भी नहीं शुरू हुआ तरणताल
महेंद्रगढ़ में लगभग 2.60 करोड़ रुपये की राशि से बने तरणताल का उद्घाटन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पिछले वर्ष नवंबर में प्रवास दौरे के दौरान कर दिया था। परंतु अभी तक तरणताल शुरू नहीं हो पाया जबकि उसकी लाइटें आदि टूट चुुकी हैं।
आईएमटी पर नहीं हुआ काम
प्रदेश सरकार के बाद बहुत कम समय बच गया है। कहीं आईएमटी की घोषणा पिछली सरकार की तरह घोषणा ही बनकर न रह जाए। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 21 जुलाई 2018 को बाजरा रैली में गांव खुडाना में आईएमटी स्थापित करने की घोषणा की थी। गांव खुडाना की पंचायत ने आईएमटी के लिए एक हजार एकड़ भूमि का प्रस्ताव पास कर जिला प्रशासन को देे चुकी है। प्रशासन ने भी प्रस्ताव की कॉपी उच्चाधिकारियों को भेज दी है। परंतु लगभग दो महीने का समय बीत जाने के बाद उच्च अधिकारियों की ओर से कोई मैसेज नहीं आया।
100 बेड अस्पताल पर पत्राचार भी नहीं हुआ शुरू
बाजरा रैली में मुख्यमंत्री ने महेंद्रगढ़ अस्पताल को 100 बेड अस्पताल करने की घोषणा की थी। अभी तक इस पर जिला स्वास्थ्य विभाग या उच्चाधिकारियों की ओर से कोई पत्राचार भी शुरू नहीं हुआ है। यह घोषणा एक घोषणा बनकर रह गई। वहीं 18.44 करोड़ रुपये से बनने वाले पशु निदान एवं रिसर्च सेंटर की एक किश्त 30 लाख रुपये की ही मिल पाई है। आठ महीने में उसकी चहारदीवारी काम पूरा नहीं हो पाया है।
महिला सैनिक स्कूल की घोषणा करके भूली सरकार
शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने प्रदेश की भाजपा सरकार के पहले आम बजट में गांव खुडाना में महिला सैनिक स्कूल खोलने की घोषणा की थी। सरकार और मंत्री यह घोषणा करके भूल गए। इस घोषणा पर अभी तक कोई पत्राचार भी शुरू नहीं हो पाया।
सब डिपो की घोषणा भी अधर में:
मुख्यमंत्री ने 2016 में आयोजित रैली में महेंद्रगढ़ में 12.57 करोड़ रुपये से सब डिपो बनाने के लिए शिलान्यास पत्थर रखा था। ढाई वर्ष में सब डिपो के लिए 6.81 करोड़ रुपये की अप्रूवल ही मिली है। जिसकी टेंडर प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो पाई।
वर्जन:
सीएम ने बताया कि 80 प्रतिशत घोषणाएं वो पूरी कर चुके हैं। उनका हिसाब भी उनके पास है। हमारी सरकार घोषणाओं की सरकार नहीं है। जो घोषणाएं पूरी होने लायक होती हैं, वो ही की जाती है। अगर कोई घोषणा रह रही है तो इस बारे सीएम से बात करके उन्हें पूरी करवाने का प्रयास किया जाएगा।
- शिव कुमार मेहता, भाजपा जिला अध्यक्ष।
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महेंद्रगढ़। सीएम साहब! चार वर्ष में पांच बार रैलियों में की गई 200 से अधिक घोषणाएं अभी तक पूरी नहीं हुई, इनको तो पूरा करवा दो। रविवार को की जाने वाली घोषणाएं कब पूरी होंगी। पिछले चार वर्षों में की गई 200 से अधिक घोषणाओं में से 33 प्रतिशत घोषणाओं पर काम पूूरा हुआ है। पेंडिंग रहने वाली बहुत सी घोषणाओं पर प्रपोजल तक नहीं बना। जिला वासियों में चर्चा है कि सीएम 23 दिसंबर को कोरियावास रैली में कई घोषणाएं करेंगे, मगर सीएम पहले जो घोषणाएं कर चुके हैं, उन पर तो नजर डाल लें।
बता दें कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार बनने के बाद नारनौल, कनीना, महेंद्रगढ़ और नांगल चौधरी में पांच रैलियां कर चुके हैं। इसके अलावा नारनौल में जनता दरबार भी लगा चुके हैं। इन रैलियों में सीएम ने स्थानीय विधायकों के आह्वान पर 200 से अधिक घोषणाएं की थी। इनमें से बहुत सी घोषणाओं को अब तक अमलीजामा नहीं पहनाया गया है। कई बड़ी घोषणाओं को अप्रूवल तो मिल गई लेकिन काम शुरू नहीं हो पाया है। 33 प्रतिशत घोषणाएं अभी तक पूरी हो पाई हैं।
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कई घोषणाओं की है यह स्थिति
सीएम द्वारा घोषित किए गए कॉलेेेजों में उन्हाणी और निजामपुर कॉलेज में काम चल रहा है। वहीं, सीहमा और अटेली में कॉलेज का निर्माण कार्य अभी पूरा होने की संभावना नहीं है। वहीं नारनौल के तलोट व छीलरो गांव में लॉजिस्टिक हब बनाने की भी घोषणा की हुई है, मगर यह महज एक घोषणा बनकर रह गई। साढ़े तीन वर्षों में प्रशासन जमीन लेने का कार्य ही पूरा कर पाया है।
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महेंद्रगढ़ किले पर भी नहीं हुआ काम शुरू
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नौ अप्रैल 2016 को सब्जी मंडी में आयोजित प्रगति रैली में मुख्यमंत्री ने महेंद्रगढ़ किले को जीर्णोद्धार करने की घोषणा की थी। ढाई वर्षों में सरकार से 15 करोड़ रुपये राशि की मंजूरी मिली है। टेंडर प्रक्रिया भी अभी शुरू नहीं हो पाई।
माधोगढ़ किले के रानी महल और बावड़ी के हुए टेंडर
माधोगढ़ किले में स्थित रानी महल के 2.57 करोड़ रुपये और बावड़ी के 1.14 करोड़ रुपये से टेंडर किए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक इस पर काम शुरू नहीं हुआ है। पर्यटन विभाग का मानना है कि सीएम ही इसकी आधारशिला रखेंगे। अभी तक सीएम का समय नहीं मिल पाया है।
उद्घाटन के बाद भी नहीं शुरू हुआ तरणताल
महेंद्रगढ़ में लगभग 2.60 करोड़ रुपये की राशि से बने तरणताल का उद्घाटन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पिछले वर्ष नवंबर में प्रवास दौरे के दौरान कर दिया था। परंतु अभी तक तरणताल शुरू नहीं हो पाया जबकि उसकी लाइटें आदि टूट चुुकी हैं।
आईएमटी पर नहीं हुआ काम
प्रदेश सरकार के बाद बहुत कम समय बच गया है। कहीं आईएमटी की घोषणा पिछली सरकार की तरह घोषणा ही बनकर न रह जाए। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 21 जुलाई 2018 को बाजरा रैली में गांव खुडाना में आईएमटी स्थापित करने की घोषणा की थी। गांव खुडाना की पंचायत ने आईएमटी के लिए एक हजार एकड़ भूमि का प्रस्ताव पास कर जिला प्रशासन को देे चुकी है। प्रशासन ने भी प्रस्ताव की कॉपी उच्चाधिकारियों को भेज दी है। परंतु लगभग दो महीने का समय बीत जाने के बाद उच्च अधिकारियों की ओर से कोई मैसेज नहीं आया।
100 बेड अस्पताल पर पत्राचार भी नहीं हुआ शुरू
बाजरा रैली में मुख्यमंत्री ने महेंद्रगढ़ अस्पताल को 100 बेड अस्पताल करने की घोषणा की थी। अभी तक इस पर जिला स्वास्थ्य विभाग या उच्चाधिकारियों की ओर से कोई पत्राचार भी शुरू नहीं हुआ है। यह घोषणा एक घोषणा बनकर रह गई। वहीं 18.44 करोड़ रुपये से बनने वाले पशु निदान एवं रिसर्च सेंटर की एक किश्त 30 लाख रुपये की ही मिल पाई है। आठ महीने में उसकी चहारदीवारी काम पूरा नहीं हो पाया है।
महिला सैनिक स्कूल की घोषणा करके भूली सरकार
शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने प्रदेश की भाजपा सरकार के पहले आम बजट में गांव खुडाना में महिला सैनिक स्कूल खोलने की घोषणा की थी। सरकार और मंत्री यह घोषणा करके भूल गए। इस घोषणा पर अभी तक कोई पत्राचार भी शुरू नहीं हो पाया।
सब डिपो की घोषणा भी अधर में:
मुख्यमंत्री ने 2016 में आयोजित रैली में महेंद्रगढ़ में 12.57 करोड़ रुपये से सब डिपो बनाने के लिए शिलान्यास पत्थर रखा था। ढाई वर्ष में सब डिपो के लिए 6.81 करोड़ रुपये की अप्रूवल ही मिली है। जिसकी टेंडर प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो पाई।
वर्जन:
सीएम ने बताया कि 80 प्रतिशत घोषणाएं वो पूरी कर चुके हैं। उनका हिसाब भी उनके पास है। हमारी सरकार घोषणाओं की सरकार नहीं है। जो घोषणाएं पूरी होने लायक होती हैं, वो ही की जाती है। अगर कोई घोषणा रह रही है तो इस बारे सीएम से बात करके उन्हें पूरी करवाने का प्रयास किया जाएगा।
- शिव कुमार मेहता, भाजपा जिला अध्यक्ष।