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लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी शहर नहीं हुआ कैटल फ्री

Fri, 17 Nov 2017 11:06 PM IST
Updated Fri, 17 Nov 2017 11:06 PM IST
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लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी शहर नहीं हुआ कैटल फ्री
शुक्रवार को एक व्यक्ति को सींग मार कर किया घायल
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फोटो संख्या:44 से 52
अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। नगरपालिका भले ही लावारिस पशु मुक्त होने का दावा कर रही है लेकिन हकीकत में ऐसा कुछ नहीं है। आज भी शहर के विभिन्न बाजारों, गली, मोहल्लों में घूमने वाले लावारिस गोवंश लोगों को सींग मारकर घायल कर रहे हैं। ऐसी घटना बुधवार को बस स्टैंड पर घटित हुई।
78 वर्षीय बुजुर्ग बस स्टैंड से बाजार की ओर आ रहा था। बस स्टैंड परिसर में ही एक लावारिस गोवंश ने पीछे से टक्कर मार दी। इससे वह बुरी तरह घायल हो गया। आसपास के राहगीरों ने उसे उप नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ पहुंचाया, जहां पर चिकित्सकों ने रोहतक रेफर कर दिया। वहीं सरकार एवं प्रशासन की ओर से लाखों रुपये लगाने के बावजूद भी लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही है। जिला प्रशासन का दावा है कि जिले को कैटल फ्री किया जा चुका है। जिला राजस्थान की सीमा के साथ होने के कारण राजस्थान निवासी इन गोवंशों को छोड़ जाते हैं।
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मिली जानकारी के अनुसार मोहनपुर नांगल निवासी होशियार सिंह पुत्र बिशंबर शुक्रवार को महेंद्रगढ़ बस से आया था। बस से उतने के बाद जब वह बाजार जा रहा था तो बस स्टैंड परिसर में ही एक सांड ने उसको पीछे सींग मार दिया। इससे वह गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों ने उसे उप नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ पहुंचाया जहां पर चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देकर रोहतक रेफर कर दिया।
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2 महीने चलाया था अभियान
प्रदेश सरकार ने प्रदेश को कैटल फ्री करने का अभियान चलाया था। उसी के तहत महेंद्रगढ़ जिले को 31 जुलाई तक कैटल फ्री करना था। जिला प्रशासन ने निर्धारित समय पर अभियान पूरा नहीं होने के कारण एक महीने की अवधि बढ़ा दी थी। इस दौरान पालिका प्रशासन ने लावारिस गोवंश को पकड़ने के लिए लगभग डेढ़ लाख रुपये खर्च कर किए थे। पालिका ने 430 रुपये प्रति लावारिस पशु के हिसाब से ठेका दिया था। पालिका ने टैग लगाकर शहर की तीन गोशालों में डाल दिया था। आज भी शहर में टैग लगे और बिना टैग के लावारिस गोवंश आजाद चौक, ब्रह्मदेव चौक, विश्वकर्मा चौक, सब्जी मंडी, शंकर मार्केट सहित अनेकों स्थान पर खुले घूम रहे हैं और शहर के दुकानदारों, उपभोक्ताओं और आमजन को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

जिले की विभिन्न गोशालाओं में दिए जा चुके हैं 77 लाख रुपये
लावारिस गोवंश के रख रखाव के लिए जिला प्रशासन, गोसेवा आयोग और सरकार की ओर से 77 लाख रुपये दिए जा चुके हैं। उसके बाद भी गोशाला में भेजे गए लावारिस गोवंश बाहर घूम रहे हैं। इसके अलावा 1.30 लाख रुपये की दवाइयां भी दो गोशालाओं में दी गई हैं। गोसेवा आयोग की ओर से 10 लाख रुपये की राशि धोलपोश गोशाला को और 5 लाख रुपये समतानाथ गोशाला नावां में दिए जा चुके हैं। वहीं, दूसरी योजना के तहत मुकुंदपुरा गोशाला नांगल चौधरी, श्रीगोशाला महेंद्रगढ़, श्रीकृष्णा गोशाला कनीना और गोपाल गोशाला नारनौल को 4.75 लाख रुपये प्रति गोशाला को दिए जा चुके हैं। इसके अलावा जिला प्रशासन ने डी प्लान के तहत विभिन्न गोशालाओं में 43 लाख रुपये दे चुका है।
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सरकार को लावारिस गोवंश के लिए नंदीशाला खोलनी चाहिए ताकि उनको वहां रखा जा सके। इसके अलावा पालिका प्रशासन को भी अभियान चलाकर उन्हें गोशालाओं में भेजना चाहिए तथा कि वहां उनका रख रखाव हो सके।
-मा. महाबीर शर्मा, रेडीमेड कपड़ा व्यापारी।
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लावारिस गोवंशों का शहर में बुरा हाल है। कई बार तो दुकान के अंदर घुस जाते हैं। दो तीन दिन पहले ही लड़ाई करते समय दो बाइकों को तोड़ चुके हैं। पालिका प्रशासन को दोबारा अभियान चलाकर इन्हें गोशाला में भेजना चाहिए।
-धर्मबीर सैनी, हलवाई।
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लावारिस गोवंश के कारण प्रतिदिन परेशानी उठानी पड़ती है। पलक झपकते ही ये नींबू और लहसुन की टोकरी को बिखेर देते हैं। सरकार इनके रख रखाव के लिए गोशालाओं को पैसा दे रही है तो उन्हें लावारिस गोवंश को अंदर रखना चाहिए।
-रामनिवास, सैनी
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शहर में नंदीशाला खोली जानी चाहिए। लाखों रुपये प्रशासन एवं नगरपालिका लावारिस गोवंश पर लगा रही है उसके बाद भी परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। इसके लिए प्रशासन को गोशालाओं पर सख्ताई से करनी चाहिए ताकि वो उन्हें बाहर नहीं निकाल सके।
- अमित गोयल।
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जो गोशालाएं लावारिस गोवंश को नहीं रख रहीं या फिर रात को गोवंश को बाहर छोड़ देती हैं उनके शिकायत गोसेवा आयोग को भेजी जाएगी। ताकि उनके खिलाफ आयोग कोई एक्शन ले सके।

- दयाशंकर तिवाड़ी, गोसेवा आयोग सदस्य।
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निगरानी कमेटी की बैठक बुलाई गई है। बैठ कर जहां-जहां लावारिस गोवंश रह गए हैं वहां दोबारा से अभियान चलाकर उन्हें नंदीशाला में भेजा जाएगा। इसके अलावा जो गोशालाएं रात को लावारिश गोवंश को बाहर छोड़ देते हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-जिला उपायुक्त, गरिमा मित्तल।
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