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मांगों को लेकर एनएचएम कर्मचारियों ने दोबारा शुरू की हड़ताल

Tue, 12 Dec 2017 10:46 PM IST
Updated Tue, 12 Dec 2017 10:46 PM IST
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मांगों को लेकर एनएचएम कर्मचारियों ने दोबारा शुरू की हड़ताल
एनएचएम कर्मियों की हड़ताल फिर शुरू, एंबुलेंस सेवा बाधित
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नारनौल। जिले के एनएचएम कर्मचारी एक बार फिर से एनएचएम एसोसिएशन के आह्वान पर अपनी मांगों को लेकर मंगलवार से हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से नागरिक अस्पताल की एंबुलेंस सेवा और एसएमपीयू विभाग की सेवाएं पूर्ण रूप से बाधित रहीं। गायिनी विभाग में आपात स्थिति को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने फील्ड में कार्य करने वाली स्टाफ नर्सों को बुलाकर सेवाएं चलाने का प्रयास किया। हालांकि आउटसोर्सिंग पर लगे कर्मचारियों की सहायता से एंबुलेंस सेवा भी सुचारु रखने का प्रयास किया, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हो पाया। इसके चलते मरीजों को निजी एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ा।
गौरतलब है कि एनएचएम कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्षरत हैं। इसी कड़ी में 7 व 8 दिसंबर को एनएचएम एसोसिएशन के आह्वान पर जिले के एनएचएम कर्मचारियों ने हड़ताल कर धरना दिया था, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की ओर से 9 दिसंबर तक काम पर नहीं लौटने पर बर्खास्त करने की चेतावनी के डर से जिला महेंद्रगढ़ के एनएचएम कर्मचारी काम का लौट गए थे। उधर, प्रदेश के अन्य जिलों में एनएचएम कर्मचारियों की लगातार हड़ताल चल रही है, उनके समर्थन व एनएचएम एसोसिएशन के आह्वान पर जिले के एनएचएम कर्मचारी एक बार फिर मंगलवार से नारनौल स्थित जिला अस्पताल में हड़ताल कर धरने पर बैठ गए हैं। इस हड़ताल में एनएचएम के तहत लगे डाटा इंट्री आपरेटर, एंबुलेंस विभाग, आयुष विभाग, एसएमपीयू विभाग, गायिनी वार्ड, डीपीएम कार्यालय व टीबी अस्पताल में लगे कर्मचारी शामिल रहे। कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण सबसे अधिक परेशानी एंबुलेंस, एसएमपीयू विभाग व गायिनी विभाग में हुई।
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जिले में एनएचएम के तहत कार्यरत है 332 कर्मचारी
जिला महेेंद्रगढ़ में एनएचएम के तहत विभिन्न विभागों में कुल 332 कर्मचारी कार्यरत हैं। एनएचएम के जिला प्रधान हरकेश के अनुसार इस हड़ताल में जिले के सभी एनएचएम कर्मचारी शामिल रहे। उनकी हड़ताल के चलते एंबुलेंस, गायिनी विभाग और एसएमपीयू विभाग की सेवाएं बाधित रहीं।
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गायिनी विभाग की सेवाएं सुचारु रखने के लिए फील्ड स्टाफ नर्सों को बुलाया
गायिनी विभाग में कुल 17 स्टाफ नर्स कार्यरत है, लेकिन सभी हड़ताल में शामिल रही। इसके साथ ही एंबुलेंस कर्मचारी भी शामिल रहे। गायिनी विभाग में आपात स्थिति को देखते हुए नागरिक अस्पताल प्रशासन ने फील्ड कार्य करने वाली स्टाफ नर्सों का बुलाया है ताकि मरीजों को परेशानी न हो। इसके साथ एंबुलेंस सेवा का सुचारु रखने के लिए आउटसोर्स पर लगे कर्मचारियों को एंबुलेंस विभाग में जिम्मेवारी सौंपी गई। जिन्होंने 108 नंबर पर आने वाले काल तो रिसीव की, परंतु एंबुलेंस सेवा सुचारु नहीं हो पाई।

प्राइवेट एंबुलेंस ने कूटी चांदी
हड़ताल के चलते 108 एंबुलेंस सेवा बाधित होने का फायदा निजी एंबुलेंस चालकों ने जमकर उठाया। आपात स्थिति में आने वाले मरीजों से उन्होंने मनमाना किराया वसूल किया। वहीं मरीजों को भी मजबूरी में पैसे देने पड़े। गायिनी विभाग में कार्यरत स्टाफ नर्सों ने बताया कि नागरिक अस्पताल में औसतन दिन में 15-20 डिलीवरी होती है, लेकिन मंगलवार को सुबह 12 बजे तक ही 20 डिलीवरी हो चुकी है। वहीं 22 महिलाओं की डिलीवरी और होनी है। ऐसे में स्टाफ की कमी तो खल रही है। फिर भी उनके द्वारा सेवाएं सुचारु रखने का प्रयास किया जा रहा है।


एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल संबंधित सूचना उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रूप से चलाने का प्रयास किया जा रहा है। एंबुलेंस और गायिनी विभाग में भी कर्मचारियों को तैनात किया गया है, ताकि जरूरी सेवाएं बाधित न हों।
-राजेश कुमार, कार्यकारी चिकित्सा अधिकारी, नागरिक अस्पताल नारनौल।
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