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खुलासा करने वाले छह कर्मचारियों को काम से निकाला
Updated Fri, 06 Oct 2017 11:35 PM IST
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-जिला उपायुक्त को सफाई देने पहुंचे एडहॉक कमेटी सदस्य
-कर्मचारियों ने डीसी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग
फोटो नंबर 23 व 24
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। श्री गोपाल गोशाला में रोज मर रहे गोवंश का खुलासा करने वाले छह वेतनभोगी कर्मचारी शुक्रवार को डीसी डॉ. गरिमा मित्तल को शिकायत सौंपकर एडहॉक कमेटी सदस्यों पर उन्हें हटाने और उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। वहीं कर्मचारियों की शिकायत को उपायुक्त ने डीएसपी नाम प्रेरित कर कार्रवाई करने की बात कही। वहीं, एडहॉक कमेटी के 13 से केवल 3 सदस्य भी शुक्रवार को उपायुक्त से मिलकर उन्हें अपनी सफाई दी। इसके साथ इन सदस्यों ने लिखित रूप में एक पत्र डीसी को सौंपकर इन परिस्थितियों में गोशाला के प्रबंधन कार्य को नहीं संभाल सकने की बात कही। उन्होंने कहा कि गोशाला के प्रबंधन समिति के चुनाव शीघ्र करवा दिए जाएं।
डीसी को सौंपे पत्र में एडहॉक कमेटी सदस्यों ने लिखा है कि उन्होंने प्रशासन के सहयोग से मीठे पानी का कनेक्शन लगाया, वहीं गोशाला में कार्य करने वाले कर्मचारियों को समय से पूर्व ही वेतन दिया जाता है। परंतु आज जो डीसी से मिलने गए कर्मचारियों ने एडहॉक कमेटी सदस्यों की मौजूदगी में डीसी के समक्ष ही उन्हें वेतन दिलाने की बात कही। आरोप है कि गायों को पीने के लिए जो पानी दिया जा रहा है वह वाटर सप्लाई का नहीं है बल्कि फ्लोराइड युक्त भूमिगत पानी है। इसके अलावा एडहॉक कमेटी के सदस्यों के पत्र में गोशाला की तरक्की करने के साथ-साथ पशुओं को भरपूर मात्रा में चारा-पानी देने की बात भी कही है, लेकिन गोशाला में कार्य करने वाले कर्मचारी ही एडहॉक कमेटी की ओर से गोवंश को सही तरह से चारा-पानी नहीं देने की बात कह रहे हैं। उधर, प्रबंधन में खामियां सामने आने पर कमेटी के लोग डीसी के समक्ष पेश होकर पाक साफ होने का दावा कर है।
खुलासा करने वाले कर्मचारियों को हटाया
गोशाला में रोज मर रहे गोवंश की जानकारी कर्मचारियों द्वारा मीडिया को दे दिए जाने से बौखलाई कमेटी ने शुक्रवार सुबह गोशाला के छह कर्मचारियों को हटा दिया है। अब यह कमेटी इन कर्मियों पर ठीक काम न करने तथा अब अपनी आईडी जमा ना करवाने की बात कह रही है। जबकि ये कर्मचारी पिछले कई वर्षों से यहां काम कर रहे हैं। अब अचानक जब गायों के मरने की खबरें मीडिया की सुर्खियां बन गई तो कमेटी के सदस्यों को इन कर्मचारियों में कमी क्यों आने लगी यह बड़ा सवाल बन गया है।
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कर्मचारियों ने कमेटी पर लगाया मारपीट करने का आरोप
काम से हटाए जाने के बाद हटाए गए छह कर्मचारी बच्चन सिंह, रामसिंह, दलीप सिंह, भूदेव व मूलचंद ने शुक्रवार सुबह डीसी डा.गरिमा मित्तल को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने गोशाला कमेटी के सदस्यों पर उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया। साथ ही गायों की मौत के लिए सदस्यों को जिम्मेदार ठहराया। कर्मचारियों ने डीसी से इस मामले में गोशाला कमेटी के सदस्यों पर कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में कर्मचारियों ने कहा कि गोपाल गोशाला में भूख के कारण और प्रबंधक कमेटी की लापरवाही के कारण गायों की मौत हो रही है। इस मामले में पत्रकारों तथा वहां आने कुछ लोगों को गायों के मौत की जानकारी दे दिए जाने की वजह से कमेटी ने उन्हें काम से निकाल दिया है। वहीं शुक्रवार सुबह कमेटी के एक सदस्य ने उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
चुनाव की प्रक्रिया शीघ्र होगी आरंभ: डीसी
डीसी डॉ.गरिमा मित्तल ने कहा कि सबसे पहले मर रहे गोवंश को बचाने की दिशा में और अधिक कारगर उपाय किए जाएंगे। साथ ही गोशाला प्रबंधक कमेटी की नियुक्ति के लिए चुनाव प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। इसके लिए एसडीएम व जिला रजिस्ट्रार से फीडबैक लिया जा रहा है। जल्द ही प्रक्रिया शुरू करवाई जाएगी।
---------
गोशाला में इस तरह से गायें मर रही हैं, यह बहुत ही निंदनीय है। इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। गायों को मरने के बाद भी सही प्रकार से मिट्टी नसीब नहीं हो पा रही है। अगर शीघ्र गोशाला की व्यवस्था को ठीक नहीं किया गया तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
-हेमंत शर्मा, प्रदेश गोरक्षा प्रमुख।
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-कर्मचारियों ने डीसी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग
फोटो नंबर 23 व 24
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। श्री गोपाल गोशाला में रोज मर रहे गोवंश का खुलासा करने वाले छह वेतनभोगी कर्मचारी शुक्रवार को डीसी डॉ. गरिमा मित्तल को शिकायत सौंपकर एडहॉक कमेटी सदस्यों पर उन्हें हटाने और उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। वहीं कर्मचारियों की शिकायत को उपायुक्त ने डीएसपी नाम प्रेरित कर कार्रवाई करने की बात कही। वहीं, एडहॉक कमेटी के 13 से केवल 3 सदस्य भी शुक्रवार को उपायुक्त से मिलकर उन्हें अपनी सफाई दी। इसके साथ इन सदस्यों ने लिखित रूप में एक पत्र डीसी को सौंपकर इन परिस्थितियों में गोशाला के प्रबंधन कार्य को नहीं संभाल सकने की बात कही। उन्होंने कहा कि गोशाला के प्रबंधन समिति के चुनाव शीघ्र करवा दिए जाएं।
डीसी को सौंपे पत्र में एडहॉक कमेटी सदस्यों ने लिखा है कि उन्होंने प्रशासन के सहयोग से मीठे पानी का कनेक्शन लगाया, वहीं गोशाला में कार्य करने वाले कर्मचारियों को समय से पूर्व ही वेतन दिया जाता है। परंतु आज जो डीसी से मिलने गए कर्मचारियों ने एडहॉक कमेटी सदस्यों की मौजूदगी में डीसी के समक्ष ही उन्हें वेतन दिलाने की बात कही। आरोप है कि गायों को पीने के लिए जो पानी दिया जा रहा है वह वाटर सप्लाई का नहीं है बल्कि फ्लोराइड युक्त भूमिगत पानी है। इसके अलावा एडहॉक कमेटी के सदस्यों के पत्र में गोशाला की तरक्की करने के साथ-साथ पशुओं को भरपूर मात्रा में चारा-पानी देने की बात भी कही है, लेकिन गोशाला में कार्य करने वाले कर्मचारी ही एडहॉक कमेटी की ओर से गोवंश को सही तरह से चारा-पानी नहीं देने की बात कह रहे हैं। उधर, प्रबंधन में खामियां सामने आने पर कमेटी के लोग डीसी के समक्ष पेश होकर पाक साफ होने का दावा कर है।
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खुलासा करने वाले कर्मचारियों को हटाया
गोशाला में रोज मर रहे गोवंश की जानकारी कर्मचारियों द्वारा मीडिया को दे दिए जाने से बौखलाई कमेटी ने शुक्रवार सुबह गोशाला के छह कर्मचारियों को हटा दिया है। अब यह कमेटी इन कर्मियों पर ठीक काम न करने तथा अब अपनी आईडी जमा ना करवाने की बात कह रही है। जबकि ये कर्मचारी पिछले कई वर्षों से यहां काम कर रहे हैं। अब अचानक जब गायों के मरने की खबरें मीडिया की सुर्खियां बन गई तो कमेटी के सदस्यों को इन कर्मचारियों में कमी क्यों आने लगी यह बड़ा सवाल बन गया है।
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कर्मचारियों ने कमेटी पर लगाया मारपीट करने का आरोप
काम से हटाए जाने के बाद हटाए गए छह कर्मचारी बच्चन सिंह, रामसिंह, दलीप सिंह, भूदेव व मूलचंद ने शुक्रवार सुबह डीसी डा.गरिमा मित्तल को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने गोशाला कमेटी के सदस्यों पर उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया। साथ ही गायों की मौत के लिए सदस्यों को जिम्मेदार ठहराया। कर्मचारियों ने डीसी से इस मामले में गोशाला कमेटी के सदस्यों पर कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में कर्मचारियों ने कहा कि गोपाल गोशाला में भूख के कारण और प्रबंधक कमेटी की लापरवाही के कारण गायों की मौत हो रही है। इस मामले में पत्रकारों तथा वहां आने कुछ लोगों को गायों के मौत की जानकारी दे दिए जाने की वजह से कमेटी ने उन्हें काम से निकाल दिया है। वहीं शुक्रवार सुबह कमेटी के एक सदस्य ने उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
चुनाव की प्रक्रिया शीघ्र होगी आरंभ: डीसी
डीसी डॉ.गरिमा मित्तल ने कहा कि सबसे पहले मर रहे गोवंश को बचाने की दिशा में और अधिक कारगर उपाय किए जाएंगे। साथ ही गोशाला प्रबंधक कमेटी की नियुक्ति के लिए चुनाव प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। इसके लिए एसडीएम व जिला रजिस्ट्रार से फीडबैक लिया जा रहा है। जल्द ही प्रक्रिया शुरू करवाई जाएगी।
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गोशाला में इस तरह से गायें मर रही हैं, यह बहुत ही निंदनीय है। इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। गायों को मरने के बाद भी सही प्रकार से मिट्टी नसीब नहीं हो पा रही है। अगर शीघ्र गोशाला की व्यवस्था को ठीक नहीं किया गया तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
-हेमंत शर्मा, प्रदेश गोरक्षा प्रमुख।