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कथा में सती चरित्र और ध्रुव भक्त की कथा का किया मार्मिक वर्णन

Tue, 29 Aug 2017 11:52 PM IST
Updated Tue, 29 Aug 2017 11:52 PM IST
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कथा में सती चरित्र और ध्रुव भक्त की कथा का किया मार्मिक वर्णन
कथा में सती चरित्र और ध्रुव कथा का किया वर्णन
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। शहर मोहल्ला संघीवाडा स्थित गणेश मंदिर में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के चौथेे दिन मंगलवार को कथा वाचक ने सती चरित्र और ध्रुव भक्त की कथा का वर्णन किया। इससे पूर्व आचार्य मनीष और संदीप शास्त्री ने मुख्य यजमान सत्य प्रकाश संघी और संदीप संघी परिवार से देवी देवताओं का पूजन करवाया। इसके बाद आचार्य बजरंग शास्त्री ने भागवत कथा आरंभ की।

आचार्य ने कथा में बताया कि जहां अपमान हो, आदर न हो तो ऐसी जगह पर बिना बुलाए नहीं जाना चाहिए। माता सती बिना बुलाए पिता के यज्ञ में गई। वहां पर माता सती को अपना और शंकर भगवान का अपमान सहन नहीं हुआ और योग अग्नि से अपने शरीर को जलाकर भस्म कर दिया। आचार्य ने कहा कि भगवान को पाने के लिए अधिक उम्र का होना या धन का होना आवश्यक नहीं है। भक्त ध्रुव ने साढ़े पांच वर्ष की उम्र में ही भगवान को तपस्या कर के प्राप्त कर लिया था। भागवत में लिखा है कि भगवान ध्रुव को दर्शन देने नहीं, बल्कि ध्रुव का दर्शन करने के लिए आए। आचार्य ने बताया की बुरे संग में होने के बाद भी अजामिल जैसे डाकू भी भगवान के नाम और संतों की कृपा से परम पद को प्राप्त कर गया। इसलिए मनुष्य को जीवन में हमेशा भगवान का सुमिरन करते रहना चाहिए, क्योंकि इस जीवन कस पता नहीं, कौन सा पल हमारे लिए आखिरी पल हो। जो व्यक्ति जैसा कर्म करता है, वह वैसा ही फल भोगता है। गज ग्राह की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि हमें कभी भी रुपये, यौवन, संपत्ति, शक्ति का अभिमान नहीं करना चाहिए। गज को अपनी ताकत पर अभिमान था, लेकिन संकट में उसकी ताकत और परिवार काम नहीं आया। अंत में हारकर उसने नारायण को पुकारा और नारायण ने उसकी रक्षा की। व्यास ने भरत, वामन चरित्र का सुंदर वर्णन करते हुए आचार्य ने बताया कि जब-जब संसार में धर्म की हानि होती है और अधर्म को बढ़ावा मिलता है तो भगवान अवतार लेकर आते हैं। दुष्टों का संहार कर के अपने भक्तों की रक्षा करते है। कंस का कल्याण करने और सभी भक्तों को सुख देने के लिए कृष्ण वसुदेव और देवकी के यहां पर कंस के कारागार में ही अवतार लेकर आए। इस दौरान कृष्ण जन्म की सुंदर झांकी भी प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर बृज मोहन संघी, प्रवीण संघी, नवीन संघी, घनश्याम गर्ग, वासुदेव खुराना, सावरमल गोयल, पुरुषोत्तम संघी, मनोहर लाल, संजय संघी, राहुल संघी, कमला देवी, कविता संघी, ललिता संघी, सुमन, प्रियंका, बबीता सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित थे।
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