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रैन बसेरों में कहीं ताले तो कहीं अटेंडेंट मिला नदारत
Updated Mon, 17 Dec 2018 12:32 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। कड़ाके की सर्दी पड़नी शुरू हो गई है और रात का न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। ऐसे में रात के समय बेसहारा व जरूरतमंद लोगों को सोने के लिए छत की आवश्यकता होती है। शनिवार की रात अस्पताल के पास रैन बसेरे में ताला बंद मिला। हालांकि अंदर लाइट जल रही थी। वहीं, बस स्टैंड के पास स्थित रैन बसेरे में चार लोग सो रहे थे। सर्दी को देखते हुए नगर परिषद ने शहर में दो जगहों पर रैन बसेरे शुरू किए हैं, ताकि जरूरतमंद को ठंड में खुले आसमान के नीचे रात न बितानी पड़े।
शनिवार रात 8:45 बजे अमर उजाला की टीम ने सरकारी अस्पताल और बस स्टैंड के पास स्थित रैन बसेरे का दौरा किया। अस्पताल के पास फर्स्ट फ्लोर स्थित रैन बसेरे पर ताला बंद मिला। हालांकि रैन बसेरे के अंदर लाइट जल रही थी। बाहर लगे बैनर पर अटेंडेंट का मोबाइल नंबर तक नहीं था। रैन बसेरे के नीचे एक महिला सो रही थी। दूसरी ओर जब बस स्टैंड के पास रैन बसेरे के पास टीम पहुंची तो वहां पर अटेंडेंट नहीं मिला, लेकिन अंदर चार लोग सो रहे थे। बाहर गंदगी का आलम था।
बता दें कि नप ने दिसंबर 2015 में 40 लाख रुपये की लागत से बस स्टैंड व नागरिक अस्पताल के बाहर रैन बसेरों का निर्माण करवाया था। इसमें जरूरतमंद लोगों के लिए सभी प्रकार की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करने का दावा था। बस स्टैंड व अस्पताल के पास रैन बसेरे में टाइल व सिलिंग से इनको कवर्ड किया है। इसमें पुरुष व महिलाओं के लिए अलग-अलग व्यवस्था है। इन दोनों रैन बसेरों में करीब 100 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है।
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तापमान में लगातार गिरावट
पांच दिन से रात के तापमान में लगातार गिरावट आ रही है। शनिवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री व न्यूनतम 4.5 डिग्री सेल्सियस था। रात में सर्द हवा चलने के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
वर्जन
जरूरतमंद और बेसहारा लोगों के लिए बस स्टैंड के पास रैन बसेरा चल रहा है। अस्पताल के पास स्थित रैन बसेरे में बेड व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी हैं। जल्द ही रैन बसेरों की साफ-सफाई कराई जाएगी।
- भारती सैनी, चेयरमैन नगर परिषद, नारनौल।
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नारनौल। कड़ाके की सर्दी पड़नी शुरू हो गई है और रात का न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। ऐसे में रात के समय बेसहारा व जरूरतमंद लोगों को सोने के लिए छत की आवश्यकता होती है। शनिवार की रात अस्पताल के पास रैन बसेरे में ताला बंद मिला। हालांकि अंदर लाइट जल रही थी। वहीं, बस स्टैंड के पास स्थित रैन बसेरे में चार लोग सो रहे थे। सर्दी को देखते हुए नगर परिषद ने शहर में दो जगहों पर रैन बसेरे शुरू किए हैं, ताकि जरूरतमंद को ठंड में खुले आसमान के नीचे रात न बितानी पड़े।
शनिवार रात 8:45 बजे अमर उजाला की टीम ने सरकारी अस्पताल और बस स्टैंड के पास स्थित रैन बसेरे का दौरा किया। अस्पताल के पास फर्स्ट फ्लोर स्थित रैन बसेरे पर ताला बंद मिला। हालांकि रैन बसेरे के अंदर लाइट जल रही थी। बाहर लगे बैनर पर अटेंडेंट का मोबाइल नंबर तक नहीं था। रैन बसेरे के नीचे एक महिला सो रही थी। दूसरी ओर जब बस स्टैंड के पास रैन बसेरे के पास टीम पहुंची तो वहां पर अटेंडेंट नहीं मिला, लेकिन अंदर चार लोग सो रहे थे। बाहर गंदगी का आलम था।
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बता दें कि नप ने दिसंबर 2015 में 40 लाख रुपये की लागत से बस स्टैंड व नागरिक अस्पताल के बाहर रैन बसेरों का निर्माण करवाया था। इसमें जरूरतमंद लोगों के लिए सभी प्रकार की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करने का दावा था। बस स्टैंड व अस्पताल के पास रैन बसेरे में टाइल व सिलिंग से इनको कवर्ड किया है। इसमें पुरुष व महिलाओं के लिए अलग-अलग व्यवस्था है। इन दोनों रैन बसेरों में करीब 100 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है।
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तापमान में लगातार गिरावट
पांच दिन से रात के तापमान में लगातार गिरावट आ रही है। शनिवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री व न्यूनतम 4.5 डिग्री सेल्सियस था। रात में सर्द हवा चलने के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
वर्जन
जरूरतमंद और बेसहारा लोगों के लिए बस स्टैंड के पास रैन बसेरा चल रहा है। अस्पताल के पास स्थित रैन बसेरे में बेड व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी हैं। जल्द ही रैन बसेरों की साफ-सफाई कराई जाएगी।
- भारती सैनी, चेयरमैन नगर परिषद, नारनौल।