फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   ढाई हजार क्विंटल सरसों की रुकी खरीद

ढाई हजार क्विंटल सरसों की रुकी खरीद

Mon, 07 May 2018 12:25 AM IST
Updated Mon, 07 May 2018 12:25 AM IST
विज्ञापन
ढाई हजार क्विंटल सरसों की रुकी खरीद
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

नांगल चौधरी।
नांगल चौधरी अनाज मंडी में शनिवार को करीब साढ़े तीन हजार क्विंटल सरसों की आवक हुई जिसमें 2500 हजार क्विंटल सरसों की खरीद नहीं की गई है। शिकायत मिलने पर डीसी ने मार्केट कमेटी के सचिव को मामले की जांच के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान किसान उपस्थित नहीं होने के कारण ढाई हजार क्विंटल सरसों की खरीद पर रोक लगा दी गई।
गौरतलब है कि शनिवार को मूसनोता तथा निजामपुर गांव की सरसों खरीदनी थी। इन दोनों गांवों को पहले टर्न मिल चुका है जिसमें दोनों गांवों की लगभग चार हजार क्विंटल सरसों खरीदी गई थी। अब दूसरी टर्न में दोबारा साढ़े तीन हजार क्विंटल सरसों पहुंचने पर आढ़ती हैरान रह गए। उन्होंने जिला उपायुक्त को फोन करके जांच तथा कार्रवाई की गुहार लगाई थी। इसके बाद जांच करने मंडी में पहुंचे मार्केट कमेटी के सचिव अशोक कुमार को ढाई हजार क्विंटल की ढेरियों पर किसान नहीं मिले। 5-7 अन्य लोगों ने किसानों के दस्तावेज चेक कराए जिस कारण उन्होंने इन ढेरियों की खरीद पर रोक लगा दी। सोमवार तक किसानों को आईडी प्रूफ के साथ हाजिर होना पड़ेगा। तभी खरीद संभव होगी अन्यथा ढेरियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू करने का अल्टीमेटम दिया है। सूत्रों के अनुसार घबराए हुए सौदागर किसानों की मनुहार करने में जुट गए हैं। उपस्थिति की एवज में कमीशन का लालच दिया जा रहा है जिससे धांधली का अंदाजा लगाना सहज है।
विज्ञापन

पटवारियों की धांधली से बढ़ी समस्या
लोगों के अनुसार गिरदावरी रिपोर्ट में पटवारी जमकर अनियमितताएं बरत रहे हैं। सभी हिस्सेदारों को टोटल जमीन पर सरसों फसल की गिरदावरी दे रहे हैं। इसकी एवज में 400-500 रुपए प्रति एकड़ सुविधा शुल्क लिया जाता है। गिरदावरी रिपोर्ट के आधार पर मंडी प्रशासन सरसों खरीदने को मजबूर है। यह खुलासा पहले धोलेड़ा के किसान भी कर चुके।
विज्ञापन
विज्ञापन

पटवारियों की गिरदावरी रिपोर्ट संदेहास्पद
मार्केट कमेटी के सचिव अशोक यादव ने बताया कि अधिकतर गिरदावरी रिपोर्ट 4-5 एकड़ की मिली है। सूखा ग्रस्त गांवों में सरसों की बिजाई भी अधिक नहीं हुई। बावजूद इतनी आवक होना फर्जी गिरदावरी ही हो सकता है। डीसी को गिरदावरी रिपोर्ट की जांच कराने की सिफारिश करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed