{"_id":"59a9af394f1c1b12278b4d2e","slug":"121504292665-mahendragarh-narnaul-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईंटों व टाईल्स के लिए नए रेट निर्धारित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईंटों व टाईल्स के लिए नए रेट निर्धारित
Updated Sat, 02 Sep 2017 12:34 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ईंटों और टाइल्स के नए रेट निर्धारित
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। जिले में विकास कार्यों के लिए प्रथम श्रेणी की ईंटों और टाइल्स के लिए 24 अगस्त से नए सरकारी रेट निर्धारित किए गए हैं। उपायुक्त राजनारायण कौशिक ने बताया कि वर्तमान में सतनाली खंड के लिए प्रथम श्रेणी ईंटों के रेट 4 हजार 500 रुपये प्रति हजार और टाइल्स चार हजार 700 रुपये प्रति हजार हैं। इसके अलावा खंड महेंद्रगढ़, कनीना, नारनौल, अटेली, सिहमा, निजामपुर एवं नांगल चौधरी खंडों के लिए प्रथम श्रेणी ईंटें 4 हजार 200 रुप, जबकि टाइल्स चार हजार 400 रुपये प्रति हजार होगी। इसमें सभी प्रकार के परिवहन लोडिंग और स्टैकिंग चार्ज शामिल होंगे। कौशिक ने बताया कि किसी विभाग को बाजार में प्रतिस्पर्धा के चलते ईंटों के रेट में गिरावट की स्थिति में कम भाव में ईंटें उपलब्ध हो तो संबंधित विभाग कम रेट पर ईंट खरीद सकते हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग ईंटों की गुणवत्ता भट्ठा स्थल पर जाकर चेक करें। इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग के अधिकारियों की होगी।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। जिले में विकास कार्यों के लिए प्रथम श्रेणी की ईंटों और टाइल्स के लिए 24 अगस्त से नए सरकारी रेट निर्धारित किए गए हैं। उपायुक्त राजनारायण कौशिक ने बताया कि वर्तमान में सतनाली खंड के लिए प्रथम श्रेणी ईंटों के रेट 4 हजार 500 रुपये प्रति हजार और टाइल्स चार हजार 700 रुपये प्रति हजार हैं। इसके अलावा खंड महेंद्रगढ़, कनीना, नारनौल, अटेली, सिहमा, निजामपुर एवं नांगल चौधरी खंडों के लिए प्रथम श्रेणी ईंटें 4 हजार 200 रुप, जबकि टाइल्स चार हजार 400 रुपये प्रति हजार होगी। इसमें सभी प्रकार के परिवहन लोडिंग और स्टैकिंग चार्ज शामिल होंगे। कौशिक ने बताया कि किसी विभाग को बाजार में प्रतिस्पर्धा के चलते ईंटों के रेट में गिरावट की स्थिति में कम भाव में ईंटें उपलब्ध हो तो संबंधित विभाग कम रेट पर ईंट खरीद सकते हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग ईंटों की गुणवत्ता भट्ठा स्थल पर जाकर चेक करें। इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग के अधिकारियों की होगी।