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रूढ़िवाद विचारों में फंसे लोगों को जागरूक करें युवा: राजाराम
Updated Thu, 17 Aug 2017 10:59 PM IST
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रूढ़िवाद विचारों में फंसे लोगों को जागरूक करें युवा: राजाराम
अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। अधिकांश लोग रूढ़िवाद विचारों में फंसे हैं। उन्हें जागरूक करने के लिए युवाओं को सक्रिय होना पड़ेगा। यह बात नांगल चौधरी नपा के सचिव राजाराम ने वीरवार को लोगों से कही।
उन्होंने कहा कि वातावरण में 60 प्रतिशत गंदगी खुले में शौच करने से होती है। विभाग अनुदान देकर शौचालय निर्माण का अभियान चला रहा था। अब लगभग 95 प्रतिशत घरों में शौचालय बन चुके हैं, लेकिन 50 प्रतिशत घरों में इस्तेमाल नहीं हो रहा। इसके पीछे महिलाएं तर्क देती हैं कि पीने के लिए पानी नहीं, शौचालय को साफ कैसे करें। उन्होंने कहा कि खेतों में शौच के दौरान महिलाओं को सामाजिक खतरा बना रहता है। मल से डायरिया, टीबी, पेचिस, एलर्जी और छाती संबंधित बीमारी होने का भय होता है। कहा कि खुले में शौच पर प्रतिबंध है। आदेशों पर अमल होने पर संबंधित पंचायत या नपा को विशेष आर्थिक बजट उपलब्ध हुआ है। इससे पहले उन्होंने वार्ड स्तर पर विजिट करके लोगों को शौचालय इस्तेमाल करने की नसीहत दी है। इस मौके पर रामकिशन सैनी, अनिल सैनी, सोनू तंवर, संतलाल, मुकेश शर्मा, गणेश सैनी, बिमला आदि मौजूद थी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। अधिकांश लोग रूढ़िवाद विचारों में फंसे हैं। उन्हें जागरूक करने के लिए युवाओं को सक्रिय होना पड़ेगा। यह बात नांगल चौधरी नपा के सचिव राजाराम ने वीरवार को लोगों से कही।
उन्होंने कहा कि वातावरण में 60 प्रतिशत गंदगी खुले में शौच करने से होती है। विभाग अनुदान देकर शौचालय निर्माण का अभियान चला रहा था। अब लगभग 95 प्रतिशत घरों में शौचालय बन चुके हैं, लेकिन 50 प्रतिशत घरों में इस्तेमाल नहीं हो रहा। इसके पीछे महिलाएं तर्क देती हैं कि पीने के लिए पानी नहीं, शौचालय को साफ कैसे करें। उन्होंने कहा कि खेतों में शौच के दौरान महिलाओं को सामाजिक खतरा बना रहता है। मल से डायरिया, टीबी, पेचिस, एलर्जी और छाती संबंधित बीमारी होने का भय होता है। कहा कि खुले में शौच पर प्रतिबंध है। आदेशों पर अमल होने पर संबंधित पंचायत या नपा को विशेष आर्थिक बजट उपलब्ध हुआ है। इससे पहले उन्होंने वार्ड स्तर पर विजिट करके लोगों को शौचालय इस्तेमाल करने की नसीहत दी है। इस मौके पर रामकिशन सैनी, अनिल सैनी, सोनू तंवर, संतलाल, मुकेश शर्मा, गणेश सैनी, बिमला आदि मौजूद थी।
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